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बैंकों में होने जा रहा बड़ा बदलाव! वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'कमेटी' बनाने का किया एलान

Updated: Mon, 17 Aug 2026 02:58 PM (IST)

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'विकसित भारत के लिए बैंकिंग' पर एक उच्च-स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है। यह समिति बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा कर इसे भारत की विकास यात्रा के अगले चरण के अनुरूप बनाएगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विकसित भारत के लिए बैंकिंग सुधार समिति की घोषणा की

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विकसित भारत के लिए बैंकिंग सुधार समिति की घोषणा की

HighLights

  1. वित्त मंत्री ने 'विकसित भारत के लिए बैंकिंग' समिति की घोषणा की।

  2. समिति बैंकिंग क्षेत्र की व्यापक समीक्षा कर सुधार लाएगी।

  3. इसका उद्देश्य 2047 तक 'विकसित भारत' लक्ष्य में बैंकों की भूमिका है।

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि सरकार जल्द ही 'विकसित भारत के लिए बैंकिंग' (Banking for Viksit Bharat) पर एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन करेगी। वित्त मंत्री ने 2026-27 के बजट में इस समिति के गठन का प्रस्ताव रखा था। इसका मकसद बैंकिंग सेक्टर की व्यापक समीक्षा करना और इसे भारत की विकास यात्रा के अगले चरण के अनुरूप बनाना है।

राजधानी में आयोजित दो दिवसीय ‘PSB कॉन्क्लेव’ को संबोधित करते हुए सीतारमण ने कहा, “हमें उम्मीद है कि बैंकिंग सेक्टर की समीक्षा के लिए एक हाई-पावर्ड कमिटी बनाने की घोषणा जल्द ही की जाएगी... कमिटी की घोषणा जल्द ही होगी।”

उन्होंने कहा कि समिति सरकार को अपनी राय और सिफारिशें सौंपेगी। 1 फरवरी, 2026 को अपने बजट भाषण में सीतारमण ने कहा था, "मैं 'विकसित भारत के लिए बैंकिंग' पर एक उच्च-स्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव करती हूं, जो इस सेक्टर की व्यापक समीक्षा करे और इसे भारत की विकास यात्रा के अगले चरण के अनुरूप बनाए, साथ ही वित्तीय स्थिरता, वित्तीय समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण भी सुनिश्चित करे।"

सीतारमण के अनुसार, यह पैनल 2047 तक भारत के 'विकसित भारत' (डेवलप्ड नेशन) बनने के लक्ष्य को हासिल करने में बैंकों की भूमिका पर ध्यान देगा।

उन्होंने कहा, "समिति 'विकसित भारत' के लिए बैंकों की भूमिका पर विचार करेगी," और साथ ही कहा, "2047 का समय बहुत दूर नहीं है।" वित्त मंत्री ने बैंकिंग सेक्टर में एसेट क्वालिटी (संपत्ति की गुणवत्ता) में हुए सुधार का हवाला देते हुए कहा कि अभी सुधारों को आगे बढ़ाने का सही समय है।

उन्होंने कहा, "भारतीय बैंकों में NPA का स्तर अब तक के सबसे निचले स्तर पर है, इसलिए वे सुधारों को लागू करने के लिए बेहतर स्थिति में हैं।"

पब्लिक सेक्टर के बैंकों ने FY26 में 1.98 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का रिकॉर्ड कुल नेट प्रॉफ़िट दर्ज किया।

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