SBI Funds Management IPO: लिस्ट होगी एसबीआई फंड्स, कब आ सकता है आईपीओ? हो गया खुलासा
भारतीय स्टेट बैंक की फंड मैनेजमेंट कंपनी एसबीआईएफएमएल 2026 में शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है, जिसका आईपीओ ₹13,000 करोड़ का होने की उम्मीद है। एसबीआई ...और पढ़ें
-1780480788183_m.webp)
अगले साल आ सकता है एसबीआई फंड्स का आईपीओ

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
आईएएनएस, नई दिल्ली। देश के सबसे बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की फंड मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड (SBI Funds Management IPO) 2026 में शेयर बाजार में लिस्ट हो सकती है। यह जानकारी एसबीआई के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु (सीएस) सेट्टी ने बुधवार को सिटी इंडिया 2026 कॉन्फ्रेंस में दी। कार्यक्रम के साइडलाइन में उन्होंने कहा कि एसबीआई अपनी एसेट मैनेजमेंट कंपनी का आईपीओ लाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए सेबी के पास पहले से ही ड्राफ्ट पेपर जमा कर दिए गए हैं।
कितना हो सकता है साइज?
सेट्टी ने आगे बताया, "एसबीआई एएमसी की लिस्टिंग कैलेंडर वर्ष 2026 में होने की उम्मीद है।" एसबीआईएफएमएल का प्रस्तावित आईपीओ 13,000 करोड़ रुपए का होने की उम्मीद है। अगर यह इस साइज के साथ आता है तो भारत की एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ होगा।
यह पूरा प्रस्तावित आईपीओ ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) होने की उम्मीद है। इसमें करीब 20.37 करोड़ शेयरों की बिक्री की जाएगी, जो कि कुल शेयर होल्डिंग का करीब 10 प्रतिशत होने की उम्मीद है। प्रस्तावित संरचना के तहत, एसबीआई कंपनी में लगभग 6.3 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है, जबकि ज्वाइंट वेंचर पार्टनर अमुंडी एसेट मैनेजमेंट लगभग 3.7 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी।
'लॉन्ग टर्म पर करें फोकस'
एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट में वर्तमान में एसबीआई की 63 प्रतिशत और अमुंडी की 37 प्रतिशत हिस्सेदारी है। भू-राजनीतिक तनाव और बाजार में अस्थिरता बढ़ने के बावजूद, सेट्टी ने भारत के दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टिकोण पर आशावादी रुख अपनाया।
उन्होंने कहा, "पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था भू-राजनीतिक अस्थिरता का सामना कर रही है," और साथ ही यह भी कहा कि हर साल व्यवसायों और निवेशकों के लिए नई चुनौतियां लेकर आता है। हालांकि, उन्होंने निवेशकों से अल्पकालिक बाजार उतार-चढ़ाव के बजाय भारत की संरचनात्मक विकास गाथा पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
एसबीआई की लिस्टिंग वाली होगी तीसरी कंपनी
सेट्टी ने कहा, “सेंसेक्स को मत देखिए, भारत को एक दीर्घकालिक विकास की कहानी के रूप में देखिए।” उन्होंने आगे कहा कि भारत अब पिछड़ी अर्थव्यवस्था नहीं रह गई है और तेजी से 21वीं सदी की एक निर्णायक विकास गाथा के रूप में उभर रहा है।
अगर प्रस्तावित लिस्टिंग सफल होती है, तो एसबीआईएफएमएल, एसबीआई कार्ड्स और एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के बाद एसबीआई की तीसरी सूचीबद्ध सहायक कंपनी बन जाएगी।
खबरें और भी
ये भी पढ़ें - ये हैं दुनिया की 10 सबसे बड़ी होटल कंपनियां, 146 देशों में नंबर 1 का राज; कोई भारतीय लिस्ट में शामिल है या नहीं?
"शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"
(डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)