क्या आज फिर शेयर बाजार में मचेगी तबाही? Gift Nifty और ग्लोबल मार्केट ने दिए ये संकेत, PB Fintech जैसे शेयरों पर नजर
गुरुवार को निफ्टी में 1.6% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों में आज फिर बाजार में गिरावट की ...और पढ़ें

शेयर बाजार में गिरावट के बाद आज क्या होगा हाल ग्लोबल संकेतों और गिफ्ट निफ्टी का विश्लेषण
HighLights
गुरुवार को निफ्टी में 1.6% की बड़ी गिरावट आई।
US-ईरान विवाद, कच्चे तेल की कीमतें बाजार पर दबाव।
गिफ्ट निफ्टी ने सपाट से सकारात्मक शुरुआत के संकेत दिए।
नई दिल्ली। गुरुवार को निफ्टी में 1.6% की गिरावट आई, जो 8 जुलाई के बाद से सबसे बड़ी गिरावट रही। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या आज फिर हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आएगी? यहां हम आपको गिफ्ट निफ्टी सहित ग्लोबल संकेत बता रहे हैं जिनसे आप अनुमान लगा सकते हैं।
US-ईरान विवाद के समाधान को लेकर फिर से बनी अनिश्चितता, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बीच भारतीय शेयर बाजार में निकट भविष्य में कमजोरी बनी रहने की संभावना है। US राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के इस संकेत के बाद कि ईरान के साथ कोई संभावित डील नवंबर में होने वाले US मध्यावधि चुनावों के बाद ही हो सकती है, निकट भविष्य में समाधान की उम्मीदें कम हो गईं। वहीं, रेड सी में हौथी विद्रोहियों की बढ़ती गतिविधियों और सऊदी अरब से जुड़े तनाव ने ग्लोबल सप्लाई रिस्क और महंगाई के दबाव को बढ़ा दिया है।
GIFT निफ्टी सपाट से पॉजिटिव शुरुआत के संकेत दे रहा है। 7 बजे यह 0.17 फीसदी या 39 अंक ऊपर ट्रेड कर रहा था। India VIX, जो बाजार में डर का पैमाना है, 23% बढ़कर 12.69 के स्तर पर बंद हुआ।
एशियाई शेयरों में गिरावट
एशिया-पैसिफिक में हलचल बॉन्ड में आई ग्लोबल गिरावट के कारण हुई। इस गिरावट से 30-साल के ट्रेजरी यील्ड 2004 के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए और न्यूयॉर्क सेशन में 10-साल के यील्ड आठ बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.20% हो गए। शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सिक्योरिटीज में गिरावट बनी रही।
टोक्यो समय के अनुसार सुबह 9:57 बजे S&P 500 फ्यूचर्स 0.2% गिरे
हैंग सेंग फ्यूचर्स 0.3% गिरे
जापान का Topix 0.6% बढ़ा
ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.6% गिरा
Euro Stoxx 50 फ्यूचर्स 0.4% बढ़े
US शेयर सपाट रहे
गुरुवार को S&P 500 मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। इसमें Microsoft के शेयरों में गिरावट और Meta Platforms के शेयरों में बढ़त देखी गई, जबकि मिडिल ईस्ट को लेकर अनिश्चितता के कारण तेल की कीमतें और ट्रेजरी यील्ड बढ़ गए।
Reuters की रिपोर्ट के बाद S&P 500 और Nasdaq सेशन के निचले स्तर से संभले। रिपोर्ट में कहा गया था कि US और ईरान के बातचीत करने वाले युद्ध से बाहर निकलने के एक चरणबद्ध रास्ते पर विचार कर रहे हैं, जिसमें तेहरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना और वाशिंगटन द्वारा ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना शामिल होगा।
सोने की कीमतों में गिरावट
शुक्रवार को सोने की कीमतों में नरमी आई और इसमें साप्ताहिक गिरावट की संभावना दिखी। डॉलर के मजबूत होने और इस बढ़ती उम्मीद के कारण कीमतों पर दबाव बना कि US फेडरल रिजर्व महंगाई से निपटने के लिए लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रखेगा।
FII/DII कितने करोड़ रुपये की बिकवाली
शुक्रवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FII) ने 5,027 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 4,201 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
रुपया का क्या रहा हाल?
गुरुवार को कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच डॉलर के मजबूत होने से रुपया 23 पैसे कमजोर होकर 95.96 (अनंतिम) के स्तर पर बंद हुआ।
कई कॉर्पोरेट घटनाक्रमों के बाद, शुक्रवार को Waaree Energies, PB Fintech, Lemon Tree Hotels, Dr Lal PathLabs और कई अन्य कंपनियों के शेयरों पर नजर बनी रहने की संभावना है।
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(डिस्क्लेमर: यहां शेयरों को लेकर दी गई जानकारी निवेश की राय नहीं है। चूंकि, स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)
