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    Tata Group की इस कंपनी का खत्म होने जा रहा वजूद, क्या होगा शेयरों का? जान लीजिए

    Updated: Wed, 18 Mar 2026 08:56 AM (GMT+05:30)

    टाटा स्टील के बोर्ड ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (NINL) के विलय को मंजूरी दे दी है। यह कदम कॉर्पोरेट संरचना को ...और पढ़ें

    टाटा ग्रुप की इस कंपनी का होने जा रहा विलय

    टाटा ग्रुप की इस कंपनी का होने जा रहा विलय

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    नई दिल्ली। टाटा ग्रुप की एक कंपनी का वजूद खत्म होने जा रहा है। ये कंपनी है नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड (Neelachal Ispat Nigam Limited), जो टाटा स्टील की सब्सिडियरी कंपनी है। टाटा स्टील के बोर्ड ने मंगलवार को अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी कंपनी, नीलाचल इस्पात के अपने साथ विलय को मंजूरी दे दी।

    अभी कई मंजूरियां ली जानी हैं बाकी

    टाटा स्टील ने बताया कि बोर्ड ने नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और टाटा स्टील लिमिटेड और उनके संबंधित शेयरधारकों के बीच विलय की योजना को मंजूरी दे दी है। यह विलय, लागू कानूनों के तहत जरूरी रेगुलेटरी और वैधानिक अधिकारियों से आवश्यक मंजूरी, अनुमति और स्वीकृति मिलने के बाद किया जाएगा।

    कितने में हुई थी डील?

    टाटा स्टील ने साल 2022 में नीलाचल में अधिकतर हिस्सेदारी हासिल कर ली थी, और उसी साल बाद में प्लांट में काम फिर से शुरू कर दिया था। कंपनी को ₹12,100 करोड़ में खरीदा गया था। टाटा स्टील ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि इस मर्जर से मौजूदा कॉर्रपोरेट स्ट्रक्चर आसान हो जाएगा और प्रशासनिक कामों की डुप्लीकेशन खत्म हो जाएगी, जिससे अलग-अलग कंपनियों को चलाने का प्रशासनिक खर्च कम हो जाएगा।

    शेयरों का क्या होगा?

    इस विलय से नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड के इक्विटी और प्रेफरेंस शेयर बिना किसी नकद भुगतान या नए शेयर जारी किए रद्द हो जाएंगे। विलय के बाद, टाटा स्टील के शेयरहोल्डिंग स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं होगा।

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    दरअसल नीलाचल कोई लिस्टेड कंपनी नहीं है। इसलिए इसके सारे शेयर टाटा स्टील के पास ही रहेंगे और पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास इसका कोई शेयर नहीं है, इसलिए उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। 

    आम तौर पर किसी ऐसी कंपनी, जिसके शेयर पब्लिक के पास हों, का जब दूसरी कंपनी में विलय होता है, तो विलय होने वाली कंपनी के शेयरधारकों एक एडजस्टेड रेशियो में उस कंपनी के शेयर अलॉट किए जाते हैं, जिसमें विलय होता है।

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    (डिस्क्लेमर: यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)