सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अंबानी-अदाणी के बाद अब TATA ने खेला AI डेटा सेंटर पर बड़ा दांव, 264 एकड़ का 70000 करोड़ रुपये वाला प्लान किया पेश

Published: Sat, 05 Sep 2026 06:30 PM (IST)Updated: Sat, 05 Sep 2026 06:35 PM (IST)

टाटा की डेटा सेंटर सब्सिडियरी हाइपरवॉल्ट हैदराबाद में 264 एकड़ में 1 GW क्षमता का AI डेटा सेंटर कैंपस बना ...और पढ़ें

टाटा का हैदराबाद में 70,000 करोड़ का मेगा AI डेटा सेंटर प्लान (प्रतीकात्मक फोटो)

टाटा का हैदराबाद में 70,000 करोड़ का मेगा AI डेटा सेंटर प्लान (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. हैदराबाद में 264 एकड़ में बनेगा 1 GW AI डेटा सेंटर।

  2. हाइपरवॉल्ट और पार्टनर करेंगे 70,000 करोड़ रुपये तक का निवेश।

  3. यह कैंपस AI कंपनियों और हाइपरस्केलर्स की ज़रूरतें पूरी करेगा।

नई दिल्ली। एशिया के सबसे अमीर गौतम अदाणी और दिग्गज बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के बाद टाटा भी AI डेटा सेंटर में बड़ा दांव खेलने जा रही है। मार्केट कैप के लिहाज से टाटा की सबसे बड़ी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की डेटा सेंटर सब्सिडियरी, हाइपरवॉल्ट (HyperVault) ने हैदराबाद में 1 गीगावाट (GW) तक की क्षमता वाला एक बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर (TCS data center) कैंपस बनाने के लिए 264 एकड़ जमीन खरीदी है। हाइपरवॉल्ट और उसके पार्टनर इस इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाने और मैनेज करने में 70,000 करोड़ रुपये तक का निवेश कर सकते हैं। यह कैंपस ग्राहकों की मांग और बदलती टेक्नोलॉजी की जरूरतों के आधार पर अलग-अलग चरणों में बनाया जाएगा।

खास तौर पर बनाई जा रहा यह कैंपस AI कंपनियों और हाइपरस्केलर्स की जरूरतों को पूरा करेगा। इसका इंफ्रास्ट्रक्चर हाई-डेंसिटी ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) डिप्लॉयमेंट के लिए डिजाइन किया गया है, जिसका इस्तेमाल AI ट्रेनिंग, इन्फरेंस और दूसरे एडवांस्ड कंप्यूटिंग कामों के लिए होता है। पूरी क्षमता पर काम करने पर, हैदराबाद का यह कैंपस भारत के सबसे बड़े और सबसे एडवांस्ड AI इंफ्रास्ट्रक्चर सेंटर्स में से एक होगा।

इस प्रोजेक्ट में ग्रीन एनर्जी और वॉटर-न्यूट्रल डिज़ाइन के सिद्धांतों को अपनाया जाएगा। इससे पावर, कूलिंग, नेटवर्किंग, कंस्ट्रक्शन, इंजीनियरिंग और डेटा सेंटर ऑपरेशन्स जैसे AI इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम में भी मांग बढ़ने की उम्मीद है। कंपनी के मुताबिक, इस डेवलपमेंट से इलाके में हज़ारों की संख्या में डायरेक्ट और इनडायरेक्ट नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस प्रोजेक्ट को राज्य और भारत, दोनों के लिए "ऐतिहासिक" बताया और ग्लोबल AI इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में हैदराबाद की बढ़ती भूमिका पर ज़ोर दिया।

यह भी पढ़ें- केन्या विवाद के बीच टाटा टेक के पूर्व CEO ने ₹165 करोड़ के बेचे शेयर, समझें क्या है पूरा मामला?

हाइपरवॉल्ट AI डेटा सेंटर के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर दीपेश किरण नंदा ने कहा कि कंपनी ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर बना रही है जो AI कंप्यूट की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसमें ज़्यादा-डेंसिटी वाले डिप्लॉयमेंट, लिक्विड कूलिंग, बड़े पावर ब्लॉक और तेज़ी से डिप्लॉयमेंट जैसी चीज़ें शामिल हैं। नंदा ने कहा, "हैदराबाद हमें फ्रंटियर AI कंपनियों और हाइपरस्केलर्स के लिए बड़े पैमाने पर इसे बनाने का आधार देता है।"

नवंबर 2026 में, TCS ने घोषणा की थी कि वह अपने AI डेटा सेंटर बिज़नेस, हाइपरवॉल्ट को फंड करने के लिए ग्लोबल अल्टरनेट एसेट मैनेजमेंट फर्म TPG के साथ मिलकर $2 बिलियन (18,000 करोड़ रुपये) का निवेश कर रही है। यह निवेश अगले कुछ वर्षों में किश्तों में किया जाएगा।