Union Budget 2026: डिफेंस PSUs के शेयरों में दिख सकता है एक्शन, निवेशक जरूर रखें नजर; 8-10% बढ़ सकता है अलॉटमेंट
FM Nirmala Sitharaman budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 (Union Budget 2026) में डिफेंस सेक्टर से जुड़ी सरकारी कंपनियों (PSUs) के शेयरों पर निवेशकों का वि ...और पढ़ें

बजट के दिन डिफेंस शेयरों पर रखें नजर

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नई दिल्ली। 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026 (Union Budget 2026) के दौरान डिफेंस सेक्टर से जुड़े सरकारी कंपनियों (डिफेंस पीएसयू) के शेयर निवेशकों के फोकस में रहने की उम्मीद है। बाजार से जुड़े लोगों को रक्षा बजट में 8 से 10 प्रतिशत तक की सामान्य बढ़ोतरी और कामकाज की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है। विश्लेषकों का कहना है कि निवेशक रक्षा बजट में बहुत बड़ी बढ़ोतरी से ज्यादा, ऑर्डर जल्दी फाइनल होने और रक्षा खरीद की समय-सीमा साफ होने के संकेत चाहते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यही बातें निवेशकों के लिए ज्यादा मायने रखती हैं।
इन शेयरों पर रहेगा फोकस
बाजार को उम्मीद है कि सरकार पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) और स्वदेशीकरण पर ध्यान देगी। निवेशक यह भी चाहते हैं कि रक्षा कंपनियों को मिलने वाले कॉन्ट्रैक्ट्स तेजी से दिए जाएं और कंपनियों को समय पर भुगतान हो।
सरकारी रक्षा कंपनियों में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) को विमान और इंजन निर्माण से जुड़े प्रोजेक्ट्स का फायदा मिल सकता है। वहीं भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) को रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, रडार और संचार से जुड़ी घोषणाओं से लाभ मिलने की उम्मीद है।
लिस्ट में ये स्टॉक्स भी शामिल
भारत डायनामिक्स लिमिटेड मिसाइल कार्यक्रमों के कारण चर्चा में बनी हुई है। इसके अलावा मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स जैसी कंपनियों को नौसेना के आधुनिकीकरण से जुड़े प्रोजेक्ट्स से फायदा मिल सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि शेयरों का प्रदर्शन कंपनी विशेष पर निर्भर करेगा। इसमें काम को समय पर पूरा करना, मजबूत नकदी प्रवाह और भविष्य की कमाई की स्पष्ट तस्वीर अहम भूमिका निभाएगी।
डिफेंस सेक्टर को लेकर काफी सकारात्मक उम्मीदें
वहीं कुछ बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि डिफेंस सेक्टर को लेकर काफी सकारात्मक उम्मीदें पहले ही बाजार में शामिल हो चुकी हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, बजट 2026 में वित्तीय अनुशासन बनाए रखा जाएगा और रणनीतिक व ज्यादा पूंजी खर्च वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे में रक्षा क्षेत्र को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है।
खबरें और भी
डिफेंस हो सकता है सबसे बड़ा लाभ पाने वाला सेक्टर
एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 40 प्रतिशत निवेश प्रबंधकों ने रक्षा क्षेत्र को बजट का सबसे बड़ा लाभ पाने वाला क्षेत्र माना है। इसकी वजह स्वदेशीकरण, आधुनिकीकरण, निर्यात की संभावना और सरकार का लगातार खर्च करना है।
लगभग 29 प्रतिशत निवेशकों ने इंफ्रास्ट्रक्चर को दूसरा सबसे बड़ा लाभार्थी बताया है। इससे सार्वजनिक पूंजीगत खर्च और लॉन्ग टर्म की आर्थिक वृद्धि पर भरोसा झलकता है।
और कौन-से सेक्टर्स के शेयरों में दिख सकता है एक्शन?
इक्विटी फंड मैनेजरों ने भारत के मध्यम अवधि के शेयर बाजार को लेकर भरोसा जताया है। हालांकि, उन्होंने शॉर्ट टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव की संभावना भी जताई है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को करीब 18 प्रतिशत समर्थन मिला है, जिसे पीएलआई योजना से जुड़े सरकारी समर्थन की उम्मीद है।
वहीं उपभोग और कृषि क्षेत्रों का जिक्र करीब 7 प्रतिशत निवेशकों ने किया है। कुल मिलाकर, बजट 2026 से रक्षा क्षेत्र में निवेश और गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।