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    'क्या रिटेल निवेशक ऐसा कर सकता है?'...Unlisted Shares में निवेश पर क्या है रामदेव अग्रवाल की सलाह

    Updated: Wed, 03 Sep 2025 03:06 PM (IST)

    अनलिस्टेड शेयर बाजार (What is Unlisted Market) जिसे ग्रे मार्केट भी कहते हैं प्राइवेट कंपनियों के शेयरों का बाजार होता है। रामदेव अग्रवाल के अनुसार अम ...और पढ़ें

    अनलिस्टेड मार्केट की तरफ बढ़ रहा अमीरों का आकर्षण
    अनलिस्टेड मार्केट की तरफ बढ़ रहा अमीरों का आकर्षण

    नई दिल्ली। आपको पब्लिक लिस्टेड शेयरों के बारे में तो पता होगा। पर क्या आप अनलिस्टेड शेयर बाजार (What is Unlisted Market) के बारे में जानते हैं? इसे ग्रे मार्केट या प्राइवेट मार्केट भी कहा जाता है, जहां अनलिस्टेड शेयरों में कारोबार होता है।

    अनलिस्टेड शेयर प्राइवेट कंपनियों या स्टार्टअप्स के शेयर होते हैं, जिनका कारोबार NSE या BSE जैसे पब्लिक स्टॉक एक्सचेंजों पर नहीं होता। लिस्टेड शेयरों के उलट इन्हें स्टैंडर्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए आसानी से खरीदा या बेचा नहीं जा सकता। न ही इन्हें सेबी या किसी अन्य अथॉरिटी द्वारा रेगुलेट किया जाता है। फिर भी निवेशकों, खास कर अमीर लोगों, का आकर्षण इस मार्केट की तरफ बढ़ा है।

    इस सवाल का जवाब दिया है मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल (Raamdeo Agrawal)।

    'NSE से शुरू हुआ आकर्षण'

    अमीर निवेशकों को पब्लिक मार्केट की तुलना में प्राइवेट मार्केट अधिक आकर्षक क्यों लग रहे हैं? इस पर अग्रवाल ने एक इंटरव्यू में कहा, 'इसकी शुरुआत NSE से हुई, जिसने सबको बंपर रिटर्न दिया। लोग सोच रहे हैं कि कंपनी के पब्लिक होने से पहले ही उसे खरीद लूँ। लेकिन नॉन-लिस्टेड कंपनियों में निवेश करना कहीं ज्यादा जोखिम भरा है। जब कंपनी नई होती है तो जोखिम का स्तर असमान रूप से बढ़ जाता है।'

    रिटेल निवेशक के सामने क्या है चुनौती

    अग्रवाल के अनुसार, 'सबसे नई कंपनियों की मृत्यु दर (बंद होने की दर) 99% तक होती है। अनलिस्टेड इक्विटी में निवेश ज्यादातर बड़े लोगों, अरबपतियों के लिए होता है, जो कॉकटेल पर अच्छी बातें कर सकते हैं। लोग मुझसे जेप्टो के बारे में पूछते हैं। लेकिन, कृपया समझें कि यह (अमीरों के लिए) खरीदारी उनकी कुल नेटवर्थ का एक छोटा सा हिस्सा है और उनके पास सलाहकारों का एक समूह है।'

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    उन्होंने आगे कहा कि 'जब हम किसी कंपनी का अध्ययन करते हैं, तो हम मैनेजमेंट के साथ 2-3 दिन बैठकर उनके लाभ-हानि (P&L) को एनालिसिस करते हैं। एक रिटेल निवेशक ऐसा कैसे कर सकता है?'

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    ज्यादा रिटर्न की संभावना

    जानकारों के अनुसार अमीर निवेशकों को प्राइवेट बाजार ज्यादा रिटर्न की संभावना, तेज ग्रोथ वाली शुरुआती कंपनियों में निवेश के अवसर, ज्यादा डायवर्सिफिकेशन बेनेफिट और पब्लिक मार्केट की तुलना में कंपनी की ग्रोथ में ज्यादा एक्टिव भूमिका निभाने की क्षमता के कारण आकर्षक लगते हैं।

    "शेयर से जुड़े अपने सवाल आप हमें business@jagrannewmedia.com पर भेज सकते हैं।"

    (डिस्क्लेमर : यहां शेयर बाजार की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। जागरण बिजनेस निवेश की सलाह नहीं दे रहा है। स्टॉक मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेश करने से पहले किसी सर्टिफाइड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से परामर्श जरूर करें।)