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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इक्विटी शेयर की बिक्री कर 2.5 बिलियन अमेरिकी डालर जुटाएंगी Adani Group, हिंडनबर्ग के बाद होगी पहली सेल

By Gaurav KumarEdited By: Gaurav Kumar
Published: Thu, 11 May 2023 07:49 PM (IST)

अदाणी ग्रुप हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद से पहली बार बाजार में कंपनी के इक्विटी शेयर की बिक्री कर 2 ...और पढ़ें

Adani looks to raise USD 2-2.5 bn in first share sale since Hindenburg
Adani looks to raise USD 2-2.5 bn in first share sale since Hindenburg

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क: अरबपति गौतम अदाणी की अदाणी ग्रुप हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद से हुए नुकसान के बाद एक साहसिक कदम उठाते हुए इक्विटी शेयर की बिक्री के माध्यम से 2-2.5 बिलियन अमरीकी डालर जुटाने की तैयारी कर रही है।

स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, समूह की दो कंपनियों के बोर्ड 13 मई को फंडरेजिंग के बारे में विचार करेंगे।

ये दो कंपनियां करेंगी फंड रेज

अदाणी ग्रुप की दो कंपनियां अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड इक्विटी शेयर के बदले फंड जुटाएगी। एक्सचेंज फाइलिंग में अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने कहा कि अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड के निदेशक मंडल की एक बैठक शनिवार, 13 मई, 2023 को अहमदाबाद में आयोजित की जाएगी, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ इक्विटी शेयर या किसी अन्य पात्र प्रतिभूतियों को जारी करके धन जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा और उसे मंजूरी दी जाएगी।

इसके अलावा अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने भी एक्सचेंज फाइलिंग में यही जानकारी दी है। हालांकि अभी तक यह जानकारी सामने नहीं आई है कि कौन सी कंपनियां कितना फंड रेज करेगी।

तीन महीने पहले अदाणी ने FPO लिया था वापस

सूत्रों की माने तो इक्विटी शेयर में खरीदी के लिए यूरोप और मध्य पूर्व में निवेशक मजबूत रुचि दिखा रहे हैं। आपको बता दें कि अदाणी एंटरप्राइजेज ने तीन महीने पहले हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद, 20,000 करोड़ रुपये के एफपीओ को वापस ले लिया था और सब्सक्राइबर्स को पैसे वापस कर दिए थे।

निवेशकों का भरोसा वापस जीतने की कोशिश

अदाणी ग्रुप अलग-अलग तरीकों से अपने निवेशकों का भरोसा जीतने की कोशिश कर रहा है। इसके लिए ग्रुप समय से पहले लोन को चुकाने का एलान और नई परियोजनाओं पर खर्च करने की अपनी गति को कम करने की योजना जैसे कदम उठा रहा है।

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से हुआ था नुकसान

यूएस शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च ने जनवरी में अदाणी समूह पर लेखांकन धोखाधड़ी और स्टॉक मूल्य में हेरफेर का आरोप लगाते हुए एक रिपोर्ट जारी की, जिसने समूह के बाजार मूल्य में लगभग 145 बिलियन अमरीकी डालर को अपने न्यूनतम बिंदु पर ला दिया था।

हालांकि अदाणी समूह ने हिंडनबर्ग के सभी आरोपों का खंडन किया था। 24 जनवरी की हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद से अडानी समूह जो धन जुटाना चाह रहा है, वह समूह की सबसे बड़ी उधारी होगी। जुटाए गए धन का उपयोग समूह की विस्तार परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया जाना है।