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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Adani Group ने शुरू किया 130 मिलियन डॉलर का डेट बायबैक, हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद पहला बड़ा ऑफर

    By Sonali SinghEdited By: Sonali Singh
    Updated: Mon, 24 Apr 2023 01:19 PM (GMT+05:30)

    Adani Group की कंपनी अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन ने अपने Debt Buyback को शुरू कर दिया है। इसमें 130 मिलियन अमेरिकी डॉलर का बायबैक किया जा रह ...और पढ़ें

    After Hindenburg Report Adani Group begins USD 130 Mn Debt Buyback
    After Hindenburg Report Adani Group begins USD 130 Mn Debt Buyback

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अरबपति गौतम अदाणी (Gautam Adani) की कंपनी अदाणी समूह (Adani Group) में शामिल अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ने सोमवार को कर्ज पुनर्खरीद (debt buyback) कार्यक्रम शुरू किया। यह खरीद अमेरिकी शॉर्ट-सेलर कंपनी हिंडनबर्ग द्वारा अदाणी समूह पर के जारी की गई रिपोर्ट के बाद पहला बड़ा ऑफर होगा।

    130 मिलियन अमेरिकी डॉलर का है बायबैक

    APSEZ ने जुलाई 2024 के लिए 130 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य बॉन्ड को वापस खरीदने के लिए टेंडर मंगाया है, जो अगली चार तिमाहियों के लिए समान मात्रा में होगा। APSEZ ने कहा कि उसने अपने 3.375 प्रतिशत डॉलर-मूल्यवर्ग के बॉन्ड के लिए बायबैक कार्यक्रम शुरू किया है, जो 2024 में मच्योर होंगे।

    कंपनी ने एक बयान में कहा कि टेंडर प्रस्ताव का उद्देश्य आंशिक रूप से कंपनी की निकट-अवधि की ऋण परिपक्वताओं का पूर्व भुगतान करना और लिक्विडिटी की स्थिति को बताना है, जिससे कंपनी निवेशकों का विश्वास हासिल करना चाहती है।'

    बता दें कि कंपनी टेंडर ऑफर द्वारा खरीदे गए प्राइज वैल्यू का अपने कैश रिजर्व में से भुगतान करने वाली है। 

    ये होंगे डील मैनेजर

    कंपनी ने बार्कलेज बैंक, डीबीएस बैंक, एमिरेट्स एनबीडी बैंक पीजेएससी, फर्स्ट अबू धाबी बैंक, पीजेएससी, एमयूएफजी सिक्योरिटीज एशिया सिंगापुर ब्रांच, एसएमबीसी निक्को सिक्योरिटीज (हांगकांग) और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक को ऑफर के लिए डीलर मैनेजर के तौर पर काम पर लगाया है।

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    बकाया कम होने की उम्मीद

    अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन को उम्मीद है कि इस टेंडर प्रस्ताव के सफल समापन के बाद केवल 520 मिलियन अमेरिकी डॉलर के नोट बकाया रहेंगे।

    इस तरह कंपनी अगली चार तिमाहियों में से प्रत्येक में लगभग 130 मिलियन अमरीकी डालर के बकाया नोटों को नकद में खरीदने का इरादा रखती है।