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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    CPI Inflation February 2023: फरवरी में घटी महंगाई, 6.44 फीसद दर्ज की गई मुद्रास्फीति

    By Siddharth PriyadarshiEdited By: Siddharth Priyadarshi
    Updated: Mon, 13 Mar 2023 06:54 PM (IST)

    CPI Inflation February 2023 रिजर्व बैंक ने जनवरी-दिसंबर तिमाही में 5.7 फीसदी के साथ 2022-23 के लिए खुदरा महंगाई दर 6.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। ...और पढ़ें

    CPI Inflation February 2023: Retail inflation dips to 6.44 pc in February
    CPI Inflation February 2023: Retail inflation dips to 6.44 pc in February

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। CPI Inflation February 2023: जनवरी में मजबूत होने के बाद खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों में फरवरी में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। फरवरी में महंगाई घटकर 6.44 प्रतिशत पर आ गई। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इसका मुख्य कारण खाद्य और ईंधन की कीमतों में मामूली कमी है।

    उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित मुद्रास्फीति की दर जनवरी में 6.52 प्रतिशत और फरवरी 2022 में 6.07 प्रतिशत थी। फूड बास्केट के लिए मुद्रास्फीति की दर फरवरी में 5.95 प्रतिशत रही। नवंबर और दिसंबर 2022 को छोड़कर, खुदरा मुद्रास्फीति जनवरी 2022 से आरबीआई के 6 प्रतिशत के ऊपरी सहिष्णुता स्तर से ऊपर बनी हुई है।

    क्या हैं मुद्रास्फीति के आंकड़े

    सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, भारत का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) या खुदरा मुद्रास्फीति फरवरी में घटकर 6.44 प्रतिशत हो गया, जो इस साल लगातार दूसरे महीने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सहिष्णुता स्तर से ऊपर है।

    जनवरी में खुदरा महंगाई दर तीन महीने के उच्चतम स्तर 6.52 फीसदी पर पहुंच गई थी। दिसंबर में भारत की सीपीआई मुद्रास्फीति 5.72 प्रतिशत थी। नवंबर में यह 5.88 प्रतिशत थी। पिछले महीने फूड बास्केट में महंगाई दर 5.95 फीसदी रही, जो जनवरी में 6.00 फीसदी थी।

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    उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) बास्केट में खाद्य कीमतों का योगदान लगभग 40 प्रतिशत होता है। फरवरी में ग्रामीण मुद्रास्फीति 6.72 प्रतिशत थी, जबकि शहरी मुद्रास्फीति 6.10 प्रतिशत थी।

    टॉलरेंस बैंड से ऊपर है महंगाई की दर

    आरबीआई के लिए महंगाई दर को दो से चार फीसद के दायरे में रखना अनिवार्य किया गया है। खुदरा मुद्रास्फीति दोनों तरफ 2 प्रतिशत के मार्जिन के साथ 4 प्रतिशत पर बनी रहे, इसके लिए आरबीआई लगातार अपनी आधार दरों में बदलाव कर रहा है।

    बढ़ती कीमतों को रोकने के लिए, आरबीआई ने पिछले साल मई से ब्याज दरों में 250 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है। फरवरी में 25 आधार अंकों की नवीनतम दर वृद्धि के बाद बेंचमार्क दर 6.50 प्रतिशत हो गई हैं।