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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Goldman Sachs पर सख्त हुआ European Central Bank, जानकारी छुपाने को लेकर 72 लाख डॉलर का जुर्माना

By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
Published: Tue, 16 May 2023 08:20 AM (IST)Updated: Tue, 16 May 2023 08:44 AM (IST)

अमेरिका में Banking Crisis के बीच यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने बैंकों पर निगरानी तेज दी है। ईसीबी की ओर से ...और पढ़ें

ECB fined Goldman Sachs Europe for reporting misleading capital needs
ECB fined Goldman Sachs Europe for reporting misleading capital needs

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की ओर से अमेरिका के बड़े बैंकों में एक गोल्डमैन सैश पर 6.63 मिलियन यूरो (7.2 मिलियन डॉलर) का जुर्माना लगाया गया है। ये बैंक की यूरोपीय शाखा पर कैपिटल की जरूरतों को गलत तरीके से बताने को लेकर है।

ईसीबी की ओर से ये जुर्माना ऐसे समय पर लगाया गया है। जब अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने के कारण तीन बैंक डूब चुके हैं।

ईसीबी द्वारा बताया गया कि उन्होंने पाया है कि गोल्डमैन सैश बैंक यूरोप ने 2019, 2020, 2021 के दौरान क्रेडिट रिस्क रिपोर्टिंग रूल्स को तोड़ा है। बैंक की ओर से लगातार आठ तिमाही क्रेडिट रिस्क के मुकाबले कम वैटेज वाली एसेट्स को रिपोर्ट किया गया।

कॉरपोरेट एक्सपोजर को गलत वर्ग में दिखाया

आगे बयान में बताया गया कि गोल्डमैन सैश ने कॉरपोरेट एक्सपोजर का गलत प्रारूप में वर्गीकरण किया था। इन कारणों की वजह से बैंक भविष्य में समय पर किसी गलत को नहीं पकड़ पाएगा।

बता दें, कैपिटल रेश्यो एक बहुत महत्वपूर्व सूचकांक होता है जो कि बैंक की मजबूती और नुकसान झेलने की क्षमता को दिखाता है।

इससे पहले जुलाई 2017 में ईसीबी ईटली के बैंक Banca Popolare di Vicenza पर 8.7 मिलियन यूरो का जुर्माना वार्षिक और तिमाही रिपोर्ट में सही जानकारी नहीं देने को लेकर लगा चुका है।

अमेरिका में डूब रहे हैं बैंक

बता दें, मार्च से लेकर अभी तक अमेरिका में सिलिकॉन वैली बैंक, सिग्नेचर बैंक और फर्स्ट रिपब्लिक बैंक डूब चुके हैं। इसके पीछे की वजह ब्याज दर को बढ़ना बताया जा रहा है।

अमेरिका में बैंकिंग क्राइसिस का असर यूरोपीय बैंकों पर भी देखने को मिल रहा है। यूरोप में भी क्रेडिट सुईस लगभग डूब गया था, जिसका अधिग्रहण यूबीएस बैंक की ओर से किया गया था।