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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सरकार ने घटाया Windfall Profit Taxes, पेट्रोल और डीजल के रेट पर क्या होगा असर

    By Sonali SinghEdited By: Sonali Singh
    Updated: Thu, 16 Feb 2023 11:30 AM (IST)

    Crude Oil And Diesel Tax Cut सरकार ने कच्चे तेल डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर लगने वाले अप्रत्याशित लाभ कर को घटाने का फैसला लिया है। नई दरें आज यान ...और पढ़ें

    Crude Oil, Petrol And Diesel Windfall Profit Taxes Cut Down By Central Government
    Crude Oil, Petrol And Diesel Windfall Profit Taxes Cut Down By Central Government

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। गुरुवार को केंद्र सरकार ने घरेलू स्तर पर उत्पादित कच्चे तेल की कीमत पर लगाए गए अप्रत्याशित लाभ कर (windfall profit tax) को कम कर दिया है। इससे कच्चे तेल की कीमत कम होने की उम्मीद की जा सकती है। साथ ही, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के कर लाभ को भी घटाया गया है। इए साथ ही टैक्स की नई दरें 16 फरवरी से लागू हो गई हैं।

    तेल पर लेवी हुई कम

    केंद्र सरकार द्वारा जारी आदेश पर कहा गया है कि तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) जैसी कंपनियों द्वारा उत्पादित कच्चे तेल पर लेवी को 5,050 रुपये प्रति टन से घटाकर 4,350 रुपये प्रति टन कर दिया गया है। इसके अलावा, डीजल के निर्यात पर लगाए गए लेवी को 7.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 2.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।

    एविएशन टर्बाइन फ्यूल के शिपमेंट पर कर को 6 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 1.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। हालांकि, पेट्रोल पर लगाए जाने वाले एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को अब भी शून्य रखा गया है। बता दें कि लेवी की दरों को बढ़ाने या घटाने के लिए हर तरह से समीक्षा की जाती है और अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों के आधार पर दरों को मॉडरेट किया जाता है।

    जानकारी के लिए बता दें कि कच्चे तेलों या डीजल पर लगाए जाने वाले एडिशनल एक्साइज ड्यूटी निर्यात करने पर उत्पादकों पर लगाई जाती है। इस कारण टैक्स में छूट का असर आम जनता कर जेब पर नहीं होता। 

    कब लगाया जाता है लेवी

    सरकार द्वारा लेवी एक तय सीमा के पार जाने के बाद लगाया जात है। आमतौर पर तेल उत्पादकों द्वारा 75 डॉलर प्रति बैरल की सीमा से ऊपर प्राप्त होने वाली किसी भी कीमत पर अप्रत्याशित लाभ पर कर या लेवी लगती है। ईंधन निर्यात पर लेवी मार्जिन पर आधारित होती है और ये मार्जिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमत और लागत के बीच का अंतर होता है।

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    साल 2022 में शुरू किया गया था अप्रत्याशित लाभ कर

    भारत ने पहली बार 1 जुलाई, 2022 को अप्रत्याशित लाभ कर लगाया गया था। उस समय पेट्रोल और एटीएफ पर 6 रुपये प्रति लीटर (12 डॉलर प्रति बैरल) की दर से इसे लगाया गया था, जबकि डीजल पर 13 रुपये प्रति लीटर (26 डॉलर प्रति बैरल) का शुल्क था।

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