यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mutual Funds में T+2 सेटेलमेंट लागू होने से क्या होंगे बदलाव, कैसे काम करेगा नया सिस्टम
इंडस्ट्री बॉडी AMFI की ओर से बताया गया कि सभी एसेट्स मैनेजमेंट कंपनियों द्वारा म्यूचुअल फंड्स सेटेलमेंट के लिए T+3 की जगह T+2 सेटेलमेंट सिस्टम अपनाने ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। T+2 Settlement in Mutual Funds: भारतीय शेयर बाजार में शेयरों के लेनदेन के लिए T+1 सेटेलमेंट (T+1 Settlement) सिस्टम सफलता पूर्वक लागू होने के बाद, अब म्यूचुअल फंड्स के लेनदेन में T+2 सेटेलमेंट सिस्टम आने जा रहा है। इसके बाद म्यूचुअल फंड्स को खरीदना और बेचना पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएगा और निवेशकों पैसे जल्दी मिलेंगे।
मौजूदा समय में म्यूचुअल फंड्स मे लेनदेन के लिए T+3 सेटेलमेंट सिस्टम लागू है। इसका मतलब यह है कि अगर कोई निवेशक म्यूचुअल फंड्स के खरीदता है, तो उसके यूनिट्स तीन दिन बाद उसके अकाउंट में क्रेडिट होंगे। वहीं, अगर कोई निवेशक अपने म्यूचुअल फंड यूनिट्स की बिक्री करता है, तो उसे पैसा तीन दिन बाद मिलेगा।
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कब से लागू होगा T+2 Settlement System
म्यूचुअल फंड्स की इंडस्ट्री बॉडी एम्फी (AMFI) की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया कि सभी शेयरों में 27 जनवरी से T+1 सेटेलमेंट सिस्टम लागू हो गया है। इसके लोगों को पहले के मुकाबले फंड जल्दी मिलेगा। म्यूचुअल फंड निवेशकों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सभी एसेट्स मैनेजमेंट कंपनियों की ओर से ये T+2 सेटेलमेंट सिस्टम पर जाने का फैसला किया गया है और एक फरवरी, 2023 से सभी म्यूचुअल फंड्स का सेटेलमेंट T+2 के तहत किया जाएगा।
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निवेशकों को होगा फायदा
एम्फी के चीफ एग्जीक्यूटिव, एनएस वेंकटेश की ओर से कहा गया कि एम्फी और उसके सदस्य एएमसी हमेशा निवेशकों के हितों का ध्यान रखते हैं। जैसी ही शेयर बाजार के नियामक सेबी की ओर से शेयरों में चरणबद्ध तरीके से T+1 सेटेलमेंट सिस्टम लागू किया गया। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने भी अपने निवेशकों को इसका लाभ पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी थी। हमें ये बताते हुए खुशी हो रही है कि एक फरवरी, 2023 से म्यूचुअल फंड में T+2 सेटेलमेंट सिस्टम लागू होने जा रहा है।
