सर्च करे
Home
फोकस

Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    भारतीय बिजनेस मॉडल ने बदला Netflix के काम करने का तरीका, 116 देशों में घटाए सब्सक्रिप्शन प्लान के दाम

    By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
    Updated: Wed, 19 Apr 2023 02:34 PM (IST)

    Netflix Subscription Plans नेटफ्लिक्स ने गिरते मुनाफे के कारण 116 देशों में अपने सब्सक्रिप्शन प्लान के दाम घटाने का फैसला किया है। कंपनी की ओर से कुछ ...और पढ़ें

    Netflix slashes subscription rates in 116 countries
    Netflix slashes subscription rates in 116 countries

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। एंटरटेनमेंट ओटीटी प्लेयर नेटफ्लिक्स ने बुधवार को 116 देशों में अपने सब्सक्रिप्शन के रेट्स को कम कर दिया है। कंपनी ने ये फैसला भारत में अपने बिजनेस मॉडल की सफलता के बाद लिया गया है।

    कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 2021 में भारत में कम कीमत पर सब्सक्रिप्शन प्लान लॉन्च करने के बाद कस्टमर इंगेजमेंट में 30 प्रतिशत और रेवेन्यू में 24 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। इसके बाद कंपनी ने अब इसी प्रकार का सब्सक्रिप्शन मॉडल 116 देशों में लॉन्च किए हैं।

    कंपनी की आय में 5 प्रतिशत हिस्सा

    जिन देशों में कंपनी की ओर से सब्सक्रिप्शन प्लान के दाम घटाए गए हैं। उनकी देशों का कंपनी की आय में मात्र 5 प्रतिशत का योगदान है। कंपनी का कहना है कि उन्हें विश्वास है कि इस फैसले से कंपनी की आय को बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

    सब्सक्रिप्शन के रेट्स 20 -60 प्रतिशत किए थे कम

    कंपनी की ओर से भारतीय ग्राहकों को ध्यान में रखते हुए 2021 में पहली बार सब्सक्रिप्शन प्लान्स के रेट्स 20 से 60 प्रतिशत कम कर दिए थे। कंपनी द्वारा रेट्स कम किए जाने के पीछे का उद्देश्य भारत में अपनी पैठ बढ़ाना था।

    नेटफ्लिक्स की कम हो रही आय

    नेटफ्लिक्स की मुनाफे में मार्च तिमाही में 18 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली थी और यह 1305 मिलियन डॉलर रह गई है, जो पिछले वित्त वर्ष मार्च तिमाही में 1597 मिलियन डॉलर थी। हालांकि, इस दौरान कंपनी की आय 3.7 प्रतिशत बढ़कर 8161 मिलनियम डॉलर हो गई है।

    खबरें और भी

    कंपनी की पेड मेंबर्स की संख्या भी वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है। पिछले एक साल में ये 4.9 प्रतिशत बढ़कर 232.5 मिलियन की हो गई है।

    (एजेंसी इनपुट के साथ)