यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
MPC Meeting: महंगाई में कमी के बाद ब्याज दर बढ़ाने की रफ्तार घटा सकता है RBI, मौद्रिक नीति समिति की बैठक कल से
RBI MPC खुदरा महंगाई दर में कमी आने के चलते इस बार उम्मीद की जा रही है कि आरबीआई रेपो रेट बढ़ाने की रफ्तार को कम कर सकता है। 2022 में केंद्रीय बैंक ने ...और पढ़ें

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। RBI MPC: भारतीय रिजर्व बैंक अगले हफ्ते जारी होने वाली द्विमासिक मौद्रिक नीति में रेपो रेट को 25 आधार अंक बढ़ सकता है। अगर ऐसा होता है ये पिछली द्विमासिक मौद्रिक नीतियों में सबसे छोटी वृद्धि हो सकती है। इससे पहले दिसंबर में आरबीआई की ओर से रेपो रेट में 35 आधार अंक की बढ़ोतरी की गई थी।
रेपो वृद्धि की रफ्तार में कमी ऐसे समय पर आएगी, जब खुदरा महंगाई दर गिर रही है और आरबीआई के तय की गई सीमा 2-6 प्रतिशत के बीच आ गई है। बता दें, हाल ही में अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ओर से भी ब्याज दरों में वृद्धि की रफ्तार को कम किया गया है।
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8 फरवरी को होगा मौद्रिक नीति का ऐलान
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee- MPC) की तीन दिवसीय बैठक 6 फरवरी से शुरू होने वाली है और 8 फरवरी को इसके नतीजों का ऐलान कर दिया जाएगा।
ब्याज दर में बढ़ोतरी की रफ्तार में आ सकती है कमी
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने एक रिपोर्ट में कहा कि वैश्विक महंगाई दर धीरे- धीरे कम हो रही है। हालांकि, अभी भी महंगाई कई केंद्रीय बैंकों की ओर से तय किए गए लक्ष्य से काफी ऊपर है। अगले कुछ महीनों में महंगाई कम हो सकती है, जिससे 2023 की छिमाही में ब्याज में बढ़ोतरी पर रोक लग सकती है। भारत में नवंबर और दिसंबर में खुदरा महंगाई दर 6 प्रतिशत नीचे रही है।
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हम आशा करते हैं कि आरबीआई एमपीसी रेपो रेट को 25 आधार अंक बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर सकती है। 2022 में आरबीआई पांच बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर चुका है, इस कारण रेपो रेट 4 प्रतिशत से बढ़कर 6.25 प्रतिशत हो गई है।
