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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    PMI Data: जनवरी में धीमी रही सर्विस सेक्टर की रफ्तार, लगातार 18वें महीने पीएमआई 50 से ऊपर

    By Abhinav ShalyaEdited By: Abhinav Shalya
    Updated: Fri, 03 Feb 2023 01:25 PM (IST)

    SP Global India PMI Data January एसएंडपी ग्लोबल इंडिया के पीएमआई सर्वे में कहा गया कि भारत के सर्विस सेक्टर को घरेलू मांग से सहारा मिल रहा है। इस कारण ...और पढ़ें

    S&P Global India PMI Data January 2023
    S&P Global India PMI Data January 2023

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारत के सर्विस सेक्टर में जनवरी में एक बार फिर से विस्तार देखने को मिला है हालांकि इस महीने का पीएमआई गिरकर 57.2 पर आ गया, जो कि दिसंबर में 58.5 था। भारत के सर्विस सेक्टर में बढ़ोतरी ऐसे समय पर हो रही है, जब दुनिया की अर्थव्यवस्था में मंदी आने आशंका बनी हुई है।

    बता दें, जब भी पीएमआई 50 से अधिक आता है, तो इस मतलब है कि देश का सर्विस सेक्टर विस्तार कर रहा है। यह लगातार 18वां महीना है, जब पीएमआई इस आंकड़े से ऊपर बना हुआ है।

    सर्विस सेक्टर ग्रोथ बरकरार

    एसएंडपी ग्लोबल इंडिया की ओर से सर्विस सेक्टर के पीएमआई सर्वे में कहा कि जनवरी में भारत का सर्विस सेक्टर तेजी से बढ़ा है। इसके पीछे की बड़ी वजह उत्पादन और बिक्री का कम तेजी से बढ़ना है। भविष्य के आउटलुक के प्रति सर्विस प्रोवाइडर्स में आत्मविश्वास की कमी ने जॉब क्रिएशन को प्रभावित किया है।

    भारत में घरेलू बाजार मजबूत

    एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में इकोनॉमिक्स एसोसिएट डायरेक्टर पोलीअन्ना डी लीमा ने कहा कि 2023 की शुरुआत में सर्विस सेक्टर की गति में कुछ कमी आई है। नया आंकड़ों में सर्विस प्रोवाइडर्स की सतर्कता को उजागर किया है। हालांकि, बड़ी फर्मों के आउटपुट में कोई में बदलाव नहीं हुआ है।

    इसके साथ सर्वे में आगे कहा गया कि नए कारोबार में जितनी भी बढ़ोतरी हुई है, उसमें घरेलू बाजार ने अधिक योगदान दिया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऑर्डर कम हुए हैं।

    कैसे होता है सर्वे?

    एसएंडपी ग्लोबल की ओर से एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सर्विसेज पीएमआई का जारी किया जाता है। इसमें कुल 400 सर्विस सेक्टर कंपनियों का डाटा होता है। इसके पैनल में हर वर्कफोर्स साइज की कंपनी को शामिल किया जाता है। इस डाटा को दिसंबर 2005 से जारी किया जा रहा है।

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    (एजेंसी इनपुट के साथ)

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