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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UIDAI: गलत तरीके से Aadhaar बनाने वालों की खैर नहीं, सरकार ने लिया ये बड़ा एक्शन

    By Sonali SinghEdited By: Sonali Singh
    Updated: Wed, 22 Mar 2023 01:57 PM (IST)

    Aadhaar Card Operators Suspension गलत तरीके से आधार कार्ड बनाने वाले ऑपरेटरों पर UIDAI का चाबुक चल चुका है। सरकार ने 1.2 प्रतिशत से ज्यादा ऑपरेटरों को ...और पढ़ें

    UIDAI Suspends Aadhaar Card Operators For Fraudulent Activities, See Full Details
    UIDAI Suspends Aadhaar Card Operators For Fraudulent Activities, See Full Details

    नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Aadhar Card Services: भारत में किसी भी नागरिक के लिए सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक है उनका आधार कार्ड (Aadhar Card)। इस कारण हर नागरिक के पास इसका होना जरूरी है और इसी बात का फायदा उठाते हुए बहुत-से ऑपरेटर जरूरी दस्तावेजों के नहीं रहने पर भी आधार जनरेट कर रहे हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने सख्ती दिखाते हुए कड़े कदम उठाए हैं।

    भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में जानकारी दी है कि पिछले साल धोखाधड़ी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के कारण 1.2 प्रतिशत आधार ऑपरेटरों को निलंबित किया गया है। साथ ही ऐसे मामलों में आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। सरकार के अनुसार, यह कदम 'आधार 2.O' रोडमैप का हिस्सा है। 

    एक लाख ऑपरेटरों के होने का अनुमान

    ऑपरेटरों की लिस्ट की बात करें तो भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के पास करीब एक लाख ऑपरेटर का नाम शामिल होने का अनुमान है। ये ऑपरेटर व्यक्तियों को नामांकित करने, उनके नाम में सुधार, पते में परिवर्तन और फोटो अपडेट जैसे आधार सेवाएं प्रदान करते हैं। सभी नए वयस्क नामांकनों की गुणवत्ता जांच के लिए राज्य सरकारों को शामिल किया गया है।

    उठाए गए हैं कड़े कदम

    UIDAI के मुताबिक, एक ऑपरेटर को यूआईडीएआई डाटा सेंटर में नियमित रूप से रजिस्ट्रेशन मशीन और अन्य उपकरणों की जांच कराने की जरूरत होती है। ऑपरेटर को प्रतिदिन सीमित संख्या में ही नामांकन की अनुमति होती है। इसके अलावा, ऑपरेटर इस सिस्टम का दुरुपयोग न कर सकें, इसके लिए नामांकन मशीनों में जीपीएस लगाया गया है।

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    गौरतलब है कि भारत में हर महीने औसतन 200 करोड़ से ज्यादा आधार का प्रमाणीकरण किया जा रहा है। केंद्र और राज्य सरकारों की 1670 समाज कल्याण (डीबीटी) और सुशासन योजनाओं को इसके तहत नोटिफाई किया गया है। इसका मतलब है कि इन योजनाओं का लाभ केवल आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से ही मिल सकता है।