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आदेश के बावजूद नर्सिंग भर्ती में पुरुषों को मौका नहीं, छत्तीसगढ़ सरकार से जवाब तलब

Updated: Wed, 29 Jul 2026 11:21 PM (IST)

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में पुरुष अभ्यर्थियों को शामिल न करने पर स्वास्थ्य विभाग और सीजी-पीएससी को अवमानना नोटिस जारी किया है।

छत्तीसगढ़ सरकार से जवाब तलब।

छत्तीसगढ़ सरकार से जवाब तलब।

HighLights

  1. हाई कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग, सीजी-पीएससी को अवमानना नोटिस जारी किया।

  2. सरकारी नर्सिंग कॉलेज भर्ती में पुरुष अभ्यर्थियों को शामिल नहीं किया गया।

  3. पूर्व आदेश के बावजूद संविदा भर्ती का नया विज्ञापन जारी किया गया।

डिजिटल डेस्क, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के आदेश के तीन साल बाद भी सरकारी नर्सिंग कालेजों में व्याख्याता और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर पुरुष अभ्यर्थियों को शामिल न करने पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।

डिवीजन बेंच ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजी-पीएससी) के सचिव डी. राहुल वेंकट को अवमानना नोटिस जारी कर पांच सप्ताह में जवाब मांगा है। हाई कोर्ट ने 2023 में नर्सिंग कालेजों में 100% महिला आरक्षण को असंवैधानिक बताते हुए रद कर दिया था।

कोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया में पुरुष अभ्यर्थियों को भी शामिल करने का आदेश दिया था। आरोप है कि आदेश के बावजूद नियमों में संशोधन कर नियमित भर्ती शुरू करने के बजाय 22 जून 2026 को संविदा भर्ती का नया विज्ञापन जारी कर दिया गया। इसी अवहेलना पर कोर्ट ने सरकार से जवाब तलब किया है।

बता दें कि आठ दिसंबर 2021 में पीएससी ने सरकारी नर्सिंग कालेजों में डिमांस्ट्रेटर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। इन पदों के लिए केवल महिलाओं को पात्र मानने का विज्ञापन जारी किया गया था, जिसे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

नियमित भर्ती की जगह संविदा भर्ती का विज्ञापन

मामले में नया विवाद अब फिर से तब खड़ा हुआ है, जब 22 जून 2026 को आयुक्त चिकित्सा शिक्षा ने सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर और डिमांस्ट्रेटर के पदों पर संविदा भर्ती के लिए नया विज्ञापन जारी कर दिया। अब याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है।