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छत्तीसगढ़: रील की लत ने ले ली जान... गांव में इंटरनेट नहीं चला तो महिला ने पटककर तोड़ा फोन, फिर कर लिया सुसाइड

Published: Mon, 07 Sep 2026 03:05 PM (IST)

छत्तीसगढ़ के करतला में रील देखने की लत के कारण एक महिला ने अपनी जान दे दी। मोबाइल नेटवर्क जाने ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, रायपुर। करतला थाना क्षेत्र के ग्राम केराकछार में इंटरनेट मीडिया पर रील देखने की लत से जुड़ी एक घटना ने परिवार ही नहीं, बल्कि आसपास के लोगों को भी झकझोर दिया। 52 वर्षीय मंगलो बाई सारथी की मोबाइल का नेटवर्क चले जाने के बाद नाराजगी इतनी बढ़ गई कि उन्होंने मोबाइल जमीन पर पटककर तोड़ दिया।

इसके कुछ देर बाद उन्होंने घर में रखा कीटनाशक पी लिया। हालत बिगड़ने पर स्वजन उन्हें अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना पांच सितंबर की दोपहर की है।

मंगलो बाई अपने घर में मोबाइल पर रील देख रही थीं। इसी दौरान मोबाइल का नेटवर्क बार-बार गायब होने लगा। इंटरनेट कनेक्टिविटी बाधित होने से रील रुक-रुककर चल रही थी। इससे नाराज होकर उन्होंने मोबाइल जमीन पर पटक दिया। मोबाइल क्षतिग्रस्त होने के बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ। कुछ समय बाद उन्होंने घर में रखा कीटनाशक पी लिया।

इसके बाद उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। वह दर्द से तड़पने लगीं, तब घर में मौजूद स्वजन को इसकी जानकारी हुई। उनकी 17 वर्षीय बेटी ने मां की हालत देखी और परिवार को घटना की जानकारी दी। इसके बाद स्वजन उन्हें तत्काल करतला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे।

वहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उपचार शुरू किया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।

कौन-कौन है परिवार में?

मंगलो बाई के परिवार में पति प्रेमलाल सारथी और तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा 24 वर्ष का है और उसकी शादी हो चुकी है। वह कोरबा में रहता है। करतला स्थित घर में मंगलो बाई के साथ पति प्रेमलाल, 22 वर्षीय पुत्र और 17 वर्षीय पुत्री रहती थी। घटना के बाद बेटी ने ही मां को गंभीर हालत में देखा।

पुलिस ने मामले में वैधानिक कार्रवाई के बाद शव स्वजन को सौंप दिया है। यह घटना इंटरनेट मीडिया के बढ़ते प्रभाव का एक गंभीर पहलू सामने लाती है। रील देखने की आदत को अक्सर मनोरंजन के साधन के रूप में देखा जाता है, लेकिन जब किसी गतिविधि पर नियंत्रण कमजोर पड़ने लगे और उसके बाधित होने पर व्यक्ति असामान्य रूप से उत्तेजित हो जाए, तो यह चिंता का विषय बन जाता है।

सामान्य मनोरंजन की आदत निर्भरता का ले रही रूप

रील और छोटे वीडियो मनोरंजन का आसान साधन हैं, लेकिन इनके लगातार इस्तेमाल से व्यक्ति का ध्यान लंबे समय तक स्क्रीन पर टिकने लग सकता है। बार-बार मोबाइल देखने की इच्छा, इंटरनेट या मोबाइल उपलब्ध न होने पर बेचैनी, जरूरी काम छोड़कर वीडियो देखते रहना और कनेक्टिविटी बाधित होने पर अत्यधिक गुस्सा जैसे व्यवहार संकेत देते हैं कि सामान्य मनोरंजन की आदत निर्भरता का रूप ले रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति में परिवार को व्यक्ति के व्यवहार में आए बदलाव को गंभीरता से लेना चाहिए। मोबाइल के इस्तेमाल का समय तय करना, परिवार के साथ बातचीत बढ़ाना और जरूरत पड़ने पर मनोवैज्ञानिक परामर्श लेना मददगार हो सकता है।

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