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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    आज है फोरम: आज रायपुर की समस्‍याओं पर होगा मंथन, निकाले जाएंगे समाधान

    By Krishan KumarEdited By:
    Updated: Wed, 26 Sep 2018 06:03 AM (IST)

    रायपुर में 26 सितंबर को होटल सयाजी में सुबह 11 बजे फोरम आयोजित होगा। ...और पढ़ें

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    रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि :
    जागरण समूह के 'माय सिटी, माय प्राइड' अभियान ने अब मंजिल का रास्ता पकड़ लिया है। जागरण समूह ने रायपुर समेत दस शहरों में इसके लिए अभियान चलाया है। रायपुर में 82 दिनों से चल रहे अभियान के दौरान हर सप्ताह राउंड टेबल कांफ्रेंस में विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी। शहर की समस्याओं का कैसे हो निदान और विकास के नए रास्ते कैसे खुले, इसके लिए दिए सार्थक विचार। नौ राउंड टेबल कांफ्रेंस में 91 अतिथि पहुंचे, सबने मुद्दों पर मंथन किया। रीयल हीरो ने अपने अनुभव शेयर किए।इन सबका सार लेकर 26 सितंबर को होटल सयाजी में सुबह 11 बजे फोरम आयोजित होगा।

    इस अभियान के लिए सोशल मीडिया पर भी फीडबैक लिए गए। सर्वे कर जनता की जरुरत समझी गई। फोरम के लिए नईदुनिया ने अब तक मिले सुझावों पर विशेषज्ञों के जरिए मंथन किया, उसका निचोड़ निकाला और फिर कल्पना को साकार करने के लिए सरकारी व गैर-सरकारी जिम्मेदार लोगों तक अपनी बात पहुंचाई। सभी ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। सभी चाहते हैं कि रायपुर स्मार्ट सिटी के साथ प्राइड कराने वाला शहर भी बने। जिन तक प्रस्ताव पहुंचा है और जिन्होंने सुझाव दिया है, ये दोनों बुधवार को आमने- सामने होंगे। दोनों पक्ष अपनी बात कहेंगे और फिर जनता के हित में फैसले तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।

    फोरम में आने के लिए जिन लोगों ने सहमति दी है, उनमें कृषि व पशुपालन मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष छगन मुंदड़ा, रायपुर नगर निगम के मेयर प्रमोद दुबे, रायपुर के आईजी दीपांशु काबरा शामिल हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री केदार कश्यप भी माय सिटी माय प्राइड अभियान से सहमत हैं। शिक्षा विभाग की ओर से भी बात सुनी जाएगी। रायपुर के स्वास्थ्य को लेकर स्वास्थ्य विभाग सजग है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग का महकमा मौजूद रहेगा। इसके अतिरिक्त कुछ संगठनों ने समाजसेवा के नाते रुचि दिखाई है और वे भी अपनी जिम्मेदारी का ऐलान करेंगे। 

    रायपुर में सबसे मजबूत इकॉनामी
    अभियान के दौरान हुए सर्वे से पता चला कि जनता को रायपुर की अर्थव्यवस्था पर ज्यादा भरोसा है। फिर रायपुर के इंफ्रास्ट्रक्चर को नागरिकों ने सराहा है। स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाओं पर चिंता जताई गई और सुरक्षा को लेकर नागरिक बेहद चिंतित हैं।
    इन पिलरों पर हुआ मंथन :स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, इकॉनामी, शिक्षा और सेफ्टी।

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