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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नवा रायपुर बना देश का पहला पूरी तरह कर्ज मुक्त नियोजित शहर, छत्तीसगढ़ सरकार के सुधारों का बड़ा संकेत

    Updated: Fri, 25 Apr 2025 06:12 PM (IST)

    छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर ने देश के पहले पूर्ण रूप से कर्ज मुक्त नियोजित शहर बनकर इतिहास रच दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ...और पढ़ें

    नवा रायपुर कर्ज मुक्ति से विकास की नई इबारत
    नवा रायपुर कर्ज मुक्ति से विकास की नई इबारत

    डिजिटल डेस्क, रायपुर/नई दिल्ली। देशभर में चल रहे स्मार्ट सिटी मिशन को एक नई ऊर्जा छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर से मिली है। यह सिर्फ एक प्रदेश की खबर नहीं, भारत को विश्व में आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए भी महत्वपूर्ण है । नवा रायपुर अब पूरी तरह ऋणमुक्त हो चुका है। यह उपलब्धि उस समय आई है जब भारत विकसित राष्ट्र बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहा है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत @2047’ विजन को मूर्त रूप देने के लिए राज्य सरकारें प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) ने 1788 करोड़ रुपये का कर्ज और 100 करोड़ रुपये की गारंटी राज्य सरकार को लौटा दी है — और इस तरह यह देश का पहला नियोजित शहर बन गया है जो पूर्ण रूप से कर्ज मुक्त है।

    यह केवल वित्तीय उपलब्धि नहीं है, यह एक नीतिगत परिवर्तन का संकेत है — जिसमें राजनीतिक इच्छाशक्ति, रणनीतिक योजना और संस्थागत सुधारों का समन्वय है। छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री साय की सरकार ने जिस आर्थिक अनुशासन, पारदर्शिता और निर्णायक नेतृत्व की मिसाल पेश की, यह उसी का नतीजा है।

    मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल ऋणमुक्ति तक सीमित नहीं है। हम नवा रायपुर को ऐसा आदर्श शहर बनाना चाहते हैं, जो अपनी आधुनिकता, पारदर्शिता और टिकाऊ विकास मॉडल के लिए पूरे देश में उदाहरण बने।

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    जहां कुछ राज्य कर्ज़ के बोझ से जूझ रहे हैं, वहीं छत्तीसगढ़ सरकार ने यह दिखाया है कि सही नीति और मजबूत प्रशासनिक इच्छाशक्ति से कोई भी प्राधिकरण आत्मनिर्भर बन सकता है। यह ‘डबल इंजन सरकार’ की उस अवधारणा का सशक्त उदाहरण है, जिसमें केंद्र और राज्य मिलकर विकास का ट्रैक तय कर रहे हैं।

    नीति परिवर्तन और निजी निवेश

    बीते एक वर्ष में छत्तीसगढ़ सरकार ने नवा रायपुर के व्यावसायिक और सामाजिक विकास को गति देने के लिए कई नीतिगत बदलाव किए। 1043 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान, सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमि पूजन, मेडिसिटी और एडुसिटी परियोजनाएं, राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना — ये केवल योजनाएं नहीं, निवेश के आकर्षण केंद्र बन चुके हैं।

    फार्मास्युटिकल, आईटी, और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की बड़ी कंपनियां नवा रायपुर की ओर आकर्षित हो रही हैं। CBDA कमर्शियल टॉवर में प्रमुख IT कंपनियों को स्पेस आबंटन हो चुका है। 156 करोड़ रुपये की लागत से प्लग-एंड-प्ले ऑफिस स्पेस, 37 करोड़ की लागत से साइंस सिटी, और 20 करोड़ की लागत से ई-बस सेवाएं इस क्षेत्र को भविष्य का स्मार्ट सिटी हब बना रही हैं।

    वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने इसे छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था का नया ग्रोथ इंजन” बताया और संकेत दिए कि नवा रायपुर अब निवेशकों का भरोसेमंद केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा, “यह शहर केवल भवनों का समूह नहीं, बल्कि भारत के आर्थिक आत्मबल का प्रतीक है।