यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rohit Sharma: भारत की आक्रामक अप्रोच के पीछे का क्या था कारण? IND vs BAN टेस्ट सीरीज जीतने के बाद रोहित ने किया खुलासा
Rohit Sharma Statement भारत और बांग्लादेश के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम इंडिया ने 2-0 से जीत दर्ज की। कानपुर में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच में ...और पढ़ें

HighLights
- IND vs BAN: भारत ने बांग्लादेश को टेस्ट सीरीज में 2-0 से हराया
- Rohit Sharma ने कानपुर टेस्ट में भारत की आक्रामक बैटिंग को लेकर दिया बयान
- Rohit Sharma की कप्तानी वाली भारतीय टीम की नजरें अब टी20i सीरीज जीतने पर बनी
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Rohit Sharma on India's Aggressive Approach: बांग्लादेश के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज जीतने के बाद भारतीय टीम की निगाहें अब टी20I सीरीज जीतन पर है। पहला टेस्ट मैच भारतीय टीम ने 280 रन से अपने नाम किया था।
इसके बाद कानपुर में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के शुरुआती तीन दिन बारिश की वजह से बाधित रहे। एक पल को जहां लग रहा था कि यह मैच ड्रॉ होगा, लेकिन भारतीय प्लेयर्स ने आक्रामक अंदाज में बैटिंग कर टेस्ट मैच को टी20 बना डाला।
कानपुर टेस्ट में भारत ने बांग्लादेश को 7 विकेट से धूल चटाई और सीरीज 2-0 से अपने नाम की। कानपुर टेस्ट के चौथे दिन से भारत की आक्रामक अप्रोच को लेकर काफी सवाल किए जा रहे थे। इस कड़ी में भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा ने भारत की आक्रामक बैटिंग को लेकर खुलासा किया हैं।
Rohit Sharma ने कानपुर टेस्ट में भारत की आक्रामक बैटिंग को लेकर दिया बयान
दरअसल, बीसीसीआई द्वारा रिलीज की गई वीडियो में रोहित शर्मा कह रहे हैं कि हमें परिणाम पाने के लिए जोखिम उठाने थे और मैं इसके लिए तैयार था, जैसे कि कोच और बाकी खिलाड़ी भी। निर्णय लेने में साहस होना आवश्यक है। जब चीजें सही चलती हैं, तो सब अच्छा लगता है, लेकिन यदि स्थिति बदलती है, तो आलोचनाएँ शुरू हो जाती हैं।
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रोहित ने टीम की सामूहिक सोच पर जोर दिया, जिसमें मुख्य कोच गौतम गंभीर का भी योगदान था। उन्होंने बॉलर्स जसप्रीत बुमराह, आर. अश्विन और जडेजा की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। कानपुर टेस्ट के चौथे दिन बांग्लादेश 107/3 पर था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें 233 रन पर समेट दिया।
रोहित ने इस पर कहा कि अगर बाकी 10 खिलाड़ियों और ड्रेसिंग रूम में मौजूद लोगों का समर्थन नहीं होता, तो यह संभव नहीं था। जब हम चौथे दिन 7 विकेट की जरूरत के साथ मैदान में उतरे, तो गेंदबाजों ने सही दिशा में काम किया और हमें महत्वपूर्ण सफलता दिलाई।