'घर से टी20 विश्व कप देखना थोड़ा अजीब लगेगा', चैंपियन कप्तान रोहित शर्मा ने पहली बार बयां किया अपने दिल का हाल
भारत के 2024 टी20 विश्व कप विजेता कप्तान रोहित शर्मा ने जियोहॉटस्टार के 'कप्तान रोहित शर्मा का टी20 विश्व कप का रोडमैप' कार्यक्रम में जतिन सप्रू के सा ...और पढ़ें
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2007 से सभी टी20 विश्व कप खेले रोहित।
HighLights
2007 से विश्व कप खेल रहे रोहित शर्मा
पहली बार टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं रोहित
टी20 इंटरनेशनल से ले चुके संन्यास
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से हो रही है। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने इस टूर्नामेंट का फाइनल मैच 8 मार्च को खेला जाएगा। भारतीय टीम अपने घर पर विश्व कप का बचाव करना चाहेगी। रोहित शर्मा की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने 2024 में हुए टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया था।
भारत के 2024 टी20 विश्व कप विजेता कप्तान रोहित शर्मा ने जियोहॉटस्टार के 'कप्तान रोहित शर्मा का टी20 विश्व कप का रोडमैप' कार्यक्रम में जतिन सप्रू के साथ बातचीत की। उन्होंने अपने पहले आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप के बारे में बताया जिसमें वे हिस्सा नहीं ले रहे हैं। उन्होंने अपने साथियों के साथ बने रिश्तों और मजबूत संबंधों, कठिन चयन निर्णयों और आगामी टूर्नामेंट के लिए टीम के बारे में अपने विचार शेयर किए। रोहित शर्मा ने स्वीकार किया कि अपने करियर में पहली बार आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप में हिस्सा न ले पाना उनके लिए एक अजीब अनुभव होगा।
रोहित ने कहा, "हम घर पर इस बारे में बात कर रहे थे कि घर से टी20 विश्व कप देखना थोड़ा अजीब लगेगा। जब से इसकी शुरुआत हुई है तब से लेकर अब तक मैं हर विश्व कप का हिस्सा रहा हूं। जब मैं टीम को टी20 मैच खेलते देखता हूं, तो मुझे उतना अफसोस नहीं होता। जब आप विश्व कप नहीं देख पाते तो असलियत का एहसास होता है। तब आपको पता चलता है कि आप इसका हिस्सा नहीं बन पाएंगे। इसलिए यह थोड़ा अजीब लगेगा। हालांकि, मैं स्टेडियम में कहीं न कहीं मौजूद रहूंगा। यह पहले जैसा नहीं होगा और एक अलग अनुभव होगा। मैं वास्तव में इसके लिए उत्सुक हूं। यह वाकई शानदार होगा।"
कप्तानी के दौरान टीम के साथियों के बीच सम्मान और मजबूत संबंध बनाने के बारे में रोहित ने कहा, "खिलाड़ियों के साथ आज भी वैसा ही रिश्ता बनाए रखना बेहद संतोषजनक है। यही मैं हमेशा से टीम में चाहता था। जिंदगी में क्या चल रहा है, घर में क्या हो रहा है, इस तरह की बातें होती हैं। मैं हमेशा से ऐसा ही इंसान बनना चाहता था, क्योंकि मुझे पता है कि जब आप पहली बार टीम में आते हैं, तो खुलकर बात करने में समय लगता है। इसलिए, जब मैं यहां बैठा होता हूं या जब मैं टीम के ड्रेसिंग रूम में जाता हूं, तो मैं कभी नहीं चाहता कि किसी को भी खुलकर बात करने के लिए समय चाहिए हो।"
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रोहित ने कहा, "मैं चाहता हूं कि वे बेझिझक आएं और खुलकर बातचीत करें। उन्हें यह सोचने की जरूरत नहीं होनी चाहिए कि उन्हें आकर बात करनी चाहिए या नहीं। मैं कभी नहीं चाहता था कि किसी के मन में यह बात रहे। मैं यथासंभव खुलकर और बेबाक रहने की कोशिश करता हूं। इसीलिए ये लोग मेरा खूब मजाक उड़ाते हैं। हम एक-दूसरे की टांग भी खींचते हैं। वे मेरी टांग खींचते हैं। मुझे हमेशा से इसी तरह का माहौल चाहिए था। मुझे यह वाकई बहुत पसंद है।"
टीम में एकजुटता और आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम के बारे में पूर्व कप्तान ने कहा, "मुझे लगता है कि एकजुटता और आपसी विश्वास सबसे महत्वपूर्ण चीजें हैं। अगर मैं गलत नहीं हूं, तो ये खिलाड़ी लगभग दो साल से एक साथ खेल रहे हैं। कुछ खिलाड़ी टीम से बाहर रहे हैं और कुछ नए खिलाड़ी शामिल हुए हैं, लेकिन इसके अलावा मुझे लगता है कि पिछले आईसीसी मेंस टी20 विश्व कप के बाद से लगभग 80 से 90 प्रतिशत टीम वही रही है।"
हिटमैन ने कहा, "जब मैं मैच देखता हूं तो मुझे लगता है कि टीम के भीतर एक मजबूत समझ है, जो एक साथ खेलने से विकसित हुई है। एक सकारात्मक पहलू यह है कि कुछ अपवादों को छोड़कर लगभग सभी खिलाड़ी एक ही उम्र के हैं। मुझे लगता है कि औसत आयु लगभग 25 साल है, जो हमेशा अच्छी बात है। विश्व कप में जाने से पहले आपको बहुत सारी चर्चाएं, बहुत सारी खुली बातचीत और कुछ कठिन बातचीत भी करनी पड़ती है, क्योंकि एकमात्र लक्ष्य इसे जीतना होता है। इसके लिए यदि आपको कुछ कठिन निर्णय लेने पड़ते हैं, जहां आपका कोई साथी खिलाड़ी हो, चाहे वह करीबी दोस्त ही क्यों न हो, भले ही आपको बुरा लगे, लेकिन सब ठीक हो जाएगा। इसलिए मुझे लगता है कि खिलाड़ियों के बीच इस तरह का रिश्ता बनाना बहुत जरूरी है।"
रोहित ने कहा, विश्व कप से पहले कई बार कड़े फैसले लेने पड़े हैं। मुझे 2022 टी20 विश्व कप के दौरान श्रेयस अय्यर की याद आती है। मुझे अभी भी याद है कि हम वेस्टइंडीज में खेल रहे थे। राहुल भाई और मैं हमेशा से मानते थे कि अगर आप ऐसे फैसले ले रहे हैं, तो खिलाड़ी को यह पता होना चाहिए कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं। मुझे याद है कि हमने पूल के पास श्रेयस को बुलाया और राहुल भाई और मैंने उनसे बात की कि उन्हें एशिया कप और उसके बाद होने वाले टी20 विश्व कप में क्यों नहीं चुना जा रहा है। हमें उन्हें इसका कारण समझाना पड़ा। मुझे याद है कि हमने तब दीपक हुड्डा को टीम में लिया था और वही एकमात्र जगह उपलब्ध थी।"