फॉर्म नहीं, तो फिर क्या? श्रेयस अय्यर ने बताई वैभव सूर्यवंशी को टीम से बाहर करने की असली वजह
इंग्लैंड के खिलाफ 5वें और आखिरी T20I मैच में शनिवर को भारतीय टीम ने वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया। ...और पढ़ें
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वैभव सूर्यवंशी और संजू सैमसन
HighLights
3 मैच के बाद ड्रॉप हुए वैभव
संजू सैमसन को मिला मौका
इंग्लैंड ने 4-0 से जीती सीरीज
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। इंग्लैंड के खिलाफ 5वें और आखिरी T20I मैच में शनिवर को भारतीय टीम ने वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया। 3 मैच के बाद संजू सैमसन की वापसी हुई। हालांकि, इस मैच में भी भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने 4-0 से सीरीज जीती। हार के बार प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आए भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने बताया कि उन्होंने वैभव सूर्यवंशी को क्यों बाहर किया?
अय्यर ने साफ किया कि 15 साल के वैभव को उनकी फॉर्म की वजह से नहीं, बल्कि बैटिंग ऑर्डर की शुरुआत में मैनेजमेंट की रणनीति के कारण बाहर रखा गया था। श्रेयस ने बताया कि मैनेजमेंट ने टॉप ऑर्डर में बाएं और दाएं हाथ के बल्लेबाजों का कॉम्बिनेशन रखने का फैसला किया था। इसलिए, वैभव की जगह सैमसन को लाया गया। वैभव ने 3 मुकाबलों में 42 रन बनाए।
ऐसे कॉम्बिनेशन की जरूरत
अय्यर ने कहा, "हमें ऐसे कॉम्बिनेशन की जरूरत थी जो इन हालात के लिए सबसे सही हो। हम यह भी चाहते थे कि अभिषेक के साथ ओपनिंग करने के लिए कोई दाएं हाथ का बल्लेबाज हो। यह एक मुख्य कारण था।"
प्लेइंग 11 में सैमसन की वापसी के बारे में पूछे जाने पर श्रेयस ने आगे कहा, "जैसा कि मैंने पहले बताया, हम एक अलग कॉम्बिनेशन आजमाना चाहते थे जो इस खास मैच के लिए सही हो। संजू एक शानदार बल्लेबाज हैं। उन्होंने पहले भी हमारे लिए कई सीरीज जीती हैं।"
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भारत का शर्मनाक प्रदर्शन
आयरलैंड और इंग्लैंड सीरीज में भारतीय टीम का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। टीम 7 में से कोई मैच नहीं जीत पाई। इस खराब प्रदर्शन के कारणों के बारे में पूछे जाने पर श्रेयस ने कहा कि कोई एक वजह नहीं थी, बल्कि टीम को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
चुनौतियों का सामना करना पड़ा
अय्यर ने कहा, "सच कहूं तो कोई एक खास वजह नहीं थी, लेकिन हम एक वेन्यू से दूसरे वेन्यू पर जाते रहे और हमें लगातार चुनौतियों का सामना करना पड़ा, खासकर मैदान के साइज और वहां के हालात के मामले में। हम जितनी जल्दी हालात के हिसाब से ढलना चाहते थे, वैसा नहीं हो पाया।"
इंग्लैंड टीम इसलिए जीती
अय्यर ने कहा, "जब मैं कहता हूं कि इससे बहुत कुछ सीखने को मिला, तो मेरा मतलब है कि आप टूर्नामेंट के लिए कैसे तैयार होकर आते हैं। आप सिर्फ यह सोचकर इंग्लैंड नहीं आ सकते कि आप वहां आकर सीरीज जीत लेंगे। आपको कड़ी मेहनत करनी होती है और फोकस्ड रहना होता है। एक टीम के तौर पर हमने ऐसा ही किया। मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि उन्होंने तीनों विभागों (बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग) में शानदार क्रिकेट खेला। इसलिए नतीजे भी उनके पक्ष में रहे।"