एक मैच जिसने खोली टीम इंडिया की आंखें, अभिषेक शर्मा फेल होने के बाद भी क्यों खेले? सूर्यकुमार यादव ने दिए सभी जवाब
रविवार को भारतीय क्रिकेट टीम ने इतिहास रचा। टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को शिकस्त देक ...और पढ़ें
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भारतीय टीम ने तीसरी बार जीती ट्रॉफीी।
HighLights
भारतीय टीम ने तीसरी बार जीता विश्व कप
फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड को मात दी
अभिषेक शर्मा ने फाइनल में लगाई फिफ्टी
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। 8 मार्च, रविवार को भारतीय क्रिकेट टीम ने इतिहास रचा। टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को शिकस्त देकर तीसरी बार ट्रॉफी अपने नाम की। इसके साथ ही इंडिया घर पर और बैक टू बैक खिताब जीतने वाली पहली टीम बनी। ट्रॉफी जीतने के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में अपना अनुभव शेयर किया।
भारतीय टीम ने 2024 में रोहित शर्मा की कप्तान में टी20 विश्व कप का खिताब जीता था। इसके बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली ने इस प्रारूप को अलविदा कह दिया था। ऐसे में सूर्यकुमार यादव को टी20 टीम की कमान सौंपी गई थी। पिछले विश्व कप के बाद से ही भारतीय टीम ने 2026 की तैयारी शुरू कर दी थी।
Visuals that the whole nation will remember for ages 🇮🇳
— BCCI (@BCCI) March 10, 2026
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व्यक्तिगत उपलब्धियों पर ध्यान नहीं देंगे
सूर्यकुमार यादव ने कहा, हम जानते थे कि 2024 टी20 विश्व कप में हमने जिस तरह का क्रिकेट खेला था, वह आगे चलकर काम नहीं आएगा। इसलिए हमने तय किया, अब से हम व्यक्तिगत उपलब्धियों पर ध्यान नहीं देंगे, हमारा टारगेट सिर्फ मैच जीतना है। सेमीफाइनल तक हमारे किसी भी खिलाड़ी ने न तो सबसे ज्यादा रन बनाए थे और न ही सबसे ज्यादा विकेट लिए थे। लेकिन हम क्वालीफाई कर गए और जीतते रहे। हर मैच में हर खिलाड़ी ने योगदान दिया।
यही सोच बदलनी थी
टीम के स्टाइल के बारे में स्काई ने कहा, पहले सभी सोचते थे कि भारत द्विपक्षीय मैचों में अलग तरह से खेलता है और आईसीसी इवेंट में अलग तरह से खेलती है। यही सोच बदलनी थी। हम आईसीसी इवेंट में भी उसी तरह खेलेंगे जैसे द्विपक्षीय मैचों में खेलते हैं। हमने खिलाड़ियों को कठिन परिस्थितियों में डाला क्योंकि हम जानते थे कि बड़े मैचों में दबाव को संभालना ही सफलता की कुंजी है।
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आपने प्रतिभा को कैसे पहचाना?
सूर्यकुमार यादव ने कहा, टीम का 80-90 प्रतिशत हिस्सा पहले से ही तैयार था। मुझे पता था कि जसप्रीत बुमराह तेज गेंदबाजी की कमान संभालेंगे, उनके साथ अर्शदीप सिंह होंगे। हमें एक और तेज गेंदबाज की जरूरत थी। फिर 18 महीने पहले वरुण चक्रवर्ती ने वापसी की। हमें एक ऐसे स्पिनर की जरूरत थी जो विपक्षी टीम को परेशान कर सके। अक्षर पटेल अनुभवी थे। ये चारों हमारे पक्के गेंदबाज थे। फिर बल्लेबाजी क्रम तय करने की बात आई। कौन ओपनिंग करेगा, कौन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करेगा, कौन 5वें नंबर पर बल्लेबाजी करेगा? विश्व कप से पहले भी एक-दो पदों में फेरबदल हुआ था, लेकिन ऐसा तो होता ही रहता है।
कौन सा मैच आंखें खोलने वाला साबित हुआ?
सूर्यकुमार यादव ने कहा, भारत और दक्षिण अफ्रीका का मैच आंखें खोलने वाला साबित हुआ। मुझे इस टीम पर कभी कोई संदेह नहीं था, लेकिन उस मैच ने हमें और भी सतर्क कर दिया। उसके बाद वापसी का कोई विकल्प नहीं बचा था। जिम्बाब्वे के खिलाफ हमारा मुकाबला प्री क्वार्टर फाइनल और वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल था। फिर सेमीफाइनल और फाइनल। हमें हर मैच को नॉकआउट की तरह खेलना था।
2024 🏆
— BCCI (@BCCI) March 8, 2026
2026 🏆
First team to successfully defend an ICC Men's T20 World Cup title ✅
The reign continues for #TeamIndia 👑#T20WorldCup | #MenInBlue | #Final pic.twitter.com/gmIr5we67Q
न्यूजीलैंड के खिलाफ खराब सीरीज के बाद विश्व कप से पहले आपने संजू से क्या कहा था?
सूर्यकुमार यादव ने कहा, संजू सैमसन में कई खूबियां थीं। एक विकेटकीपर जो टॉप ऑर्डर पर बल्लेबाजी कर सकता है। मुझे याद है एक बार वह मेरे पास आया और पूछा, "बस मुझे बताइए कि आप इस टीम में मुझसे क्या चाहते हैं?" हमने कहा, "हम वही संजू सैमसन चाहते हैं जिसे हमने पहले विरोधी टीम के आक्रमणों को ध्वस्त करते देखा है।" फिर उसने पूरी टीम से कहा, "हम अपनी इच्छा से पहले टीम की इच्छा के अनुसार खेलेंगे। तभी हम कुछ खास हासिल कर पाएंगे।"
जब वह खेल नहीं रहा था तो मैंने उससे कहा, "यह एक कठिन दौर है, लेकिन तुम्हें इसे सहजता से स्वीकार करना होगा। अगर भगवान ने तुम्हारे लिए कुछ लिखा है, तो वह तुम्हें जरूर मिलेगा। वह खुद को तैयार कर रहा था कि मौका कभी भी मिल सकता है।"
संजू सैमसन की तीन पारियों ने टूर्नामेंट का रुख बदल दिया?
सूर्यकुमार यादव ने कहा, संजू सैमसन ने बड़े मैचों में 97, 89 और 89 रन बनाए। अगर वो चाहते तो तीनों पारियों में आसानी से शतक बना सकते थे। अगर आप 89 से 100 रन बनाने में 10 गेंदें लेते हैं, जबकि आप इसे तीन या चार गेंदों में कर सकते थे, तो आप दूसरे बल्लेबाज से छह गेंदें छीन रहे हैं। शिवम दुबे ने छह गेंदों में 28 रन और आठ गेंदों में 26 रन बनाए। यह सिर्फ इसलिए संभव हुआ क्योंकि संजू ने शतक का पीछा नहीं किया। अगर ऐसा नहीं होता तो साथ बल्लेबाजी करते हुए 250-254 रन बनाने वाली टीम 240-245 पर ही अटक जाती।
आपने शिवम दुबे का इस्तेमाल कैसे किया?
सूर्यकुमार यादव ने बताया, शायद किसी को याद न हो, लेकिन उन्होंने 2024 विश्व कप फाइनल में 15 गेंदों में 27 रन बनाए थे। उस दिन उनका योगदान सबसे अहम था। उसके बाद गौती भाई (गौतम गंभीर) और अजीत भाई ने मुझसे कहा कि इस खिलाड़ी को अलग-अलग पोजीशन पर परखने की जरूरत है और मैं तैयार हो गया। इसलिए अगर आप देखें तो उन्होंने चार से सात तक हर पोजीशन पर बल्लेबाजी की है।
अभिषेक को क्यों मिला मौका
अभिषेक शर्मा टी20 विश्व कप 2026 के पहले 3 मैच में खाता तक नहीं खोल पाए थे। इसके बाद भी उन्हें लगातार मौके दिए गए। अभिषेक शर्मा को टीम में बनाए रखने के बारे में सूर्यकुमार यादव ने कहा, एक खिलाड़ी के तौर पर उनकी यही पहचान है। जब वो छह या आठ ओवर बल्लेबाजी करते हैं, तो मैच का रुख बदल देते हैं। मैंने उनसे एक बार कहा था, इस विश्व कप में नौ मैच हैं, अगर तुम आठ मैचों में असफल भी हो जाओ, सभी आठों में शून्य रन बनाओ। मैं तुम्हें गारंटी देता हूं कि फाइनल में तुम्हें पहली गेंद का सामना करना होगा।
उन्होंने कहा, ऐसे खिलाड़ी जब बल्लेबाजी करते हैं तो मैच का रुख बदल देते हैं। मुझे पता था कि एक दिन वो मैच का रुख बदल देंगे। अभिषेक बहुत मेहनत कर रहे थे। फाइनल में उन्होंने 18 गेंदों में 50 रन बनाए। भारत ने पावरप्ले में 90 रन बनाए। उसके बाद तो मैच का रुख ही बदल गया। ऐसे खिलाड़ियों को टीम में बनाए रखना बहुत जरूरी है।
क्या कोई ऐसे पल हैं जिन्हें आप लंबे समय तक याद रखेंगे?
सूर्यकुमार यादव ने बताया, सेमीफाइनल में अक्षर का कैच 2024 में मेरे कैच जैसा ही था, बस इस बार दांव ज्यादा बड़ा था। मैं किनारे पर खड़ा था और जैसे ही उसने कैच लिया, मैं दौड़ पड़ा। दबाव का ऐसा माहौल था जिसने खेल का रुख पूरी तरह बदल दिया।