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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    "MS Dhoni को सिखाई बातें आज भी उन्हें याद", पूर्व भारतीय दिग्गज ने "Mahi" से पहली मुलाकात का किस्सा किया शेयर

    By Jagran NewsEdited By: Geetika Sharma
    Updated: Fri, 04 Aug 2023 02:27 PM (IST)

    सैयद सबा करीम ने पहली बार धोनी से मिलने का किस्सा शेयर किया है। उन्होंने बताया कि वह कैसे रणजी ट्रॉफी में बिहार के लिए सेलेक्टर बनने पर उनके टैलेंट से ...और पढ़ें

    Syed Saba Karim remember his first meet With MS dhoni in Ranji Trophy. Image- Twitter
    Syed Saba Karim remember his first meet With MS dhoni in Ranji Trophy. Image- Twitter

    HighLights

    1. धोनी से जुड़ी कई कहानियां लोगों से आज भी छुपी हुई हैं।
    2. जिओ सिनेमा एक्सपर्ट सैयद सबा करीम ने धोनी से अपनी पहली मुलाकात को याद किया।
    3. धोनी को रणजी ट्रॉफी मे सिखाई हुई बातें आज भी उन्हें याद है।

    नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क। Syed Saba Karim Shared incident of MS dhoni Greatness: एमएस धोनी के 15 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर में एक सफल कीपर-बल्लेबाज से लेकर क्रिकेट के महान कप्तान बनने की कहानी दुनिया ने देखी है, लेकिन इससे पहले भी धोनी से जुड़ी कई कहानियां लोगों से आज भी छुपी हुई हैं।

    जिओ सिनेमा एक्सपर्ट ने किया खुलासा-

    जिओ सिनेमा एक्सपर्ट सैयद सबा करीम ने हाल ही में एक ऐसा किस्सा शेयर किया। जब वह पहली बार धोनी से मिले और रणजी ट्रॉफी में बिहार के लिए सेलेक्टर बनने पर उनके टैलेंट से परिचित हुए। 

    सबा ने बताया कि “पहली बार जब मैंने एमएस धोनी को देखा, तो यह रणजी ट्रॉफी में उनका दूसरा साल था। वह बिहार के लिए खेलते थे। मैंने उन्हें बल्लेबाजी और कीपिंग करते हुए देखा था, और मुझे अब भी याद है कि जब वह बल्लेबाजी कर रहे थे, तो उनमें वह प्रतिभा थी, जिस पर बाद में हमारा ध्यान गया। स्पिनर और तेज गेंदबाजों को वे बड़े शॉट खेलते हुए दिखे।"

    "दूसरी तरफ विकेटकीपिंग के लिए जो फुटवर्क होना चाहिए उसमें थोड़ी कमी थी। हमने उस समय धोनी के साथ इस पर काम किया था। और इसी में धोनी की महानता है कि जो उन्हें सिखाया गया था वह आज भी याद है। यह एमएस के करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जहां वह वास्तव में आगे बढ़े। एकदिवसीय मैचों में हमने उन्हें ओपनिंग कराना शुरू किया क्योंकि उनकी बल्लेबाजी बहुत मजबूत थी और वह तेजी से रन बनाते थे।"

    धोनी के करियर का टर्निग प्वाइंट-

    इसके बाद करीम ने भारत 'ए' के लिए धोनी की पहली सीरीज पर चर्चा की, जहां उनके बल्लेबाजी प्रदर्शन ने राष्ट्रीय टीम के सेलेक्टर्स को आखिरकार उन्हें मौका देने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद जो हुआ वो इतिहास है। “दूसरा निर्णायक मोड़ केन्या में भारत 'ए', पाकिस्तान 'ए' और केन्या के बीच त्रिकोणीय सीरीज थी। दिनेश कार्तिक राष्ट्रीय टीम में शामिल होने पर एमएस धोनी को खेलने का मौका मिला। वहां एमएस ने विकेट भी अच्छे से रखे और बैटिंग में पाक 'ए' के खिलाफ दो बार खेला और उन्होंने श्रृंखला में बहुत अच्छी बल्लेबाजी की।

    गांगुली को धोनी के लिए मनाया- 

    करीम ने कहा कि "मैं उस समय कलकत्ता में था और सौरव (गांगुली) कप्तान थे। मैं उनसे मिलने गया और मैंने उनसे कहा कि एक ऐसा कीपर है, जिसे भारतीय टीम में आना चाहिए और वह बहुत अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था और एक सुरक्षित कीपर है। दुर्भाग्यवश पाकिस्तान दौरे से ठीक पहले सौरव ने एमएस को खेलते हुए नहीं और उन्हें उस दौरे के लिए नहीं चुना गया था।