IPL 2026: उम्र के हिसाब से Vaibhav Suryavanshi की फील्डिंग क्षमता काफी परिपक्व, RR के पूर्व डायरेक्टर का बयान
RR के पूर्व डायरेक्टर जुबिन भरूचा का मानना है कि Vaibhav Suryavanshi तीनों प्रारूपों में सफल हो सकते हैं और उन्हें अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मौका मिलना ...और पढ़ें
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Vaibhav Suryavanshi की फील्डिंग क्षमता पर उठे सवाल
HighLights
RR के पूर्व निदेशक बोले- उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा फुर्तीले होंगे
वैभव को टेस्ट में ओपनिंग की जगह मध्यक्रम में मौका दिया जाए
अभिषेक त्रिपाठी, जागरण नई दिल्ली। Vaibhav Suryavanshi: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों जिस युवा खिलाड़ी की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है 15 साल के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पहले ही क्रिकेट जगत का ध्यान खींच चुके वैभव को अब केवल एक आक्रामक बल्लेबाज नहीं, बल्कि भविष्य के संपूर्ण क्रिकेटर के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि पूर्व क्रिकेटर संजय मांजरेकर और मोहम्मद कैफ उनके क्षेत्ररक्षण पर कई बार सवाल उठा चुके हैं। इंपैक्ट सब में उतरने के कारण सूर्यवंशी को क्षेत्ररक्षण का मौका नहीं मिलता है।
Vaibhav Suryavanshi की फील्डिंग क्षमता पर उठे सवाल
इस पर मांजरेकर ने कहा था कि हमें इंपैक्ट सब के नियम को खत्म कर देना चाहिए। क्या आप वैभव सूर्यवंशी के बारे में बस यही एक पहलू (बल्लेबाजी) देखना चाहते हैं? क्या एक क्रिकेटर वह नहीं होता जो अच्छी बल्लेबाजी के साथ-साथ अच्छा क्षेत्ररक्षण भी करता हो?
पहले हम इंजमाम-उल-हक की बल्लेबाजी की तो इज्जत करते ही थे, लेकिन हमने उनका दूसरा पहलू भी देखा था, एक क्षेत्ररक्षक के तौर पर या किसी भी और रूप में। और इससे हमें उस खिलाड़ी को सही ढंग से समझने और उसका आकलन करने में मदद मिलती थी।
यही नहीं कमेंट्री के दौरान कैफ ने इस बात की ओर इशारा किया था कि वैभव ने इस आईपीएल सत्र में अब तक एक भी कैच नहीं पकड़ा है। उन्होंने राजस्थान रॉयल्स के कोचिंग स्टाफ से आग्रह किया था कि वे युवा खिलाड़ियों की फील्डिंग पर काम करें, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी फुर्ती बेहतरीन बनी रहे।
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RR के पूर्व डायरेक्टर ने क्या कहा?
जब इस बारे में राजस्थान रॉयल्स के पूर्व क्रिकेट संचालन निदेशक जुबिन भरूचा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वैभव में बल्लेबाजी के साथ-साथ क्षेत्ररक्षण, खेल को पढ़ने की क्षमता और टीम भावना जैसी दुर्लभ खूबियां मौजूद हैं, जो उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती हैं। जुबिन ने दैनिक जागरण से विशेष बातचीत में कहा कि वैभव की क्षेत्ररक्षण की क्षमता उनकी उम्र के हिसाब से काफी परिपक्व है।
उनके हाथ बेहद सुरक्षित हैं और मैदान पर उनकी मूवमेंट भी प्रभावशाली मानी जाती है। उनके पास अपने क्षेत्ररक्षण कौशल को बेहतर बनाने के लिए सभी चीजें हैं। जैसे-जैसे उनकी शारीरिक क्षमता और फिटनेस बेहतर होगी, वे और अधिक तेज, चुस्त और फुर्तीले खिलाड़ी बनेंगे। हालांकि जुबिन यह भी मानते हैं कि आधुनिक क्रिकेट में हर खिलाड़ी को अपने क्षेत्ररक्षण पर लगातार मेहनत करनी पड़ती है और वैभव ऐसे खिलाड़ी हैं जो मेहनत से पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनमें सीखने की तीव्र इच्छा है और वे अपने खेल के हर हिस्से को लगातार बेहतर बनाने का प्रयास करते रहते हैं।
बल्लेबाजी तकनीक ने बदली ‘गुड लेंथ’ की परिभाषा
वैभव (Vaibhav Suryavanshi IPL 2026) को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा उनकी अनोखी बल्लेबाजी तकनीक को लेकर है। जुबिन ने कहा कि वैभव पारंपरिक बल्लेबाजी शैली से बिल्कुल अलग खेलते हैं। सामान्य बल्लेबाज लेंथ गेंद पर आगे बढ़कर वजन ट्रांसफर करते हैं, लेकिन वैभव का पूरा संतुलन और ताकत बैकफुट पर बनी रहती है।
यहां तक कि जब उनका अगला पैर आगे जाता है, तब भी शरीर का वजन पूरी तरह उस पैर पर नहीं आता। यही कारण है कि पारंपरिक ‘गुड लेंथ’ गेंदें उनके खिलाफ प्रभावी नहीं दिखतीं। वैभव ने अपनी तकनीक के दम पर यह बदल दिया है कि उनके लिए अच्छी लेंथ की गेंद वास्तव में क्या है।
जुबिन ने कहा कि उनकी बल्लेबाजी में चौड़े बैकलिफ्ट और अनोखे बैट स्विंग की भी बड़ी भूमिका है। इसी तकनीक की वजह से वह मिड-आन, लांग-आन और मिड-विकेट के ऊपर से समान सहजता के साथ बड़े शाट लगा सकते हैं। वैभव गेंद को अन्य बल्लेबाजों की तुलना में कहीं ज्यादा चौड़े एंगल में खेलने की क्षमता रखते हैं। उनकी पीठ का झुकाव, डाउनस्विंग और बैट का एंगल उन्हें अलग स्तर का पावर गेम प्रदान करता है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मौका राजस्थान रॉयल्स में वैभव को शुरुआत से देखने वाले जुबिन से जब पूछा गया कि क्या इस 15 साल के खिलाड़ी को अब अंतरराष्ट्रीय टीम में मौका दे देना चाहिए या अभी थोड़ा इंतजार करना चाहिए तो उन्होंने कहा कि वैभव को अब बड़े स्तर पर अवसर मिलना चाहिए।
इतनी कम उम्र में जिस तरह की तकनीक, आत्मविश्वास और मैच की समझ वैभव ने दिखाई है, वह असाधारण है। वह केवल तकनीकी रूप से मजबूत खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि बेहद बुद्धिमान क्रिकेटर भी हैं। वह हमेशा विपक्षी टीम से कुछ कदम आगे सोचने की कोशिश करते हैं। वैभव की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक उनकी टीम भावना भी है। वह अपने साथी खिलाड़ियों की सफलता से उतनी ही खुशी महसूस करते हैं जितनी अपनी उपलब्धियों से। इतनी कम उम्र में यह परिपक्वता बहुत कम खिलाड़ियों में देखने को मिलती है।
तीनों प्रारूपों में खेलने की क्षमता वैभव के साथ उनकी बल्लेबाजी पर काम कर चुके भरूचा ने कहा कि वह केवल टी-20 क्रिकेट तक सीमित खिलाड़ी नहीं हैं। उनमें टेस्ट क्रिकेट सहित खेल के तीनों प्रारूपों में सफल होने की क्षमता मौजूद है। खासकर उनका फ्रंट-फुट मूवमेंट उन्हें लंबी पारी खेलने के लिए उपयुक्त बनाता है क्योंकि वह किसी भी लेंथ की गेंद पर पहले से ही कोई शॉट खेलने का इरादा नहीं रखते।
वह गेंद को समझते हैं और फिर शाट खेलते हैं। जुबिन का मानना है कि टेस्ट क्रिकेट में शुरुआत में उन्हें ओपनिंग की जगह मध्यक्रम या नंबर छह पर मौका दिया जाना चाहिए ताकि वह दबाव को समझते हुए धीरे-धीरे अपने खेल को विकसित कर सकें।