वैभव सूर्यवंशी इस एक चीज के बिना नहीं रह पाते, दिन काटना हो जाता है मुश्किल; खुद बताई अपनी कमजोरी
वैभव सूर्यवंशी अपनी बल्लेबाजी से कोहराम मचा रहे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता को दिया है जिन्होंने उनसे कड़ी मेहनत करवाई। ...और पढ़ें
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वैभव सूर्यवंशी मचा रहे हैं धमाल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अपनी तूफानी बल्लेबाजी से फैंस के दिलों की धड़कन बन गए हैं। आलम ये है कि राजस्थान का मैच हो और अगर वैभव जल्दी आउट हो जाएं तो फैंस का मैच में मन नहीं लगता। वैभव के जीवन में भी एक ऐसी चीज है जिसके बिना वह रह नहीं पाते और उनका दिन काटना मुश्किल हो जाता है।
मैदान पर वैभव जमकर तैयारी करते हैं। नेट प्रैक्टिस से लेकर मैच में बल्लेबाजी करने तक, वह कई सौ गेंदें खेलते हैं। घंटों तैयारी करते हैं। फिर भी बिना प्रैक्टिस के एक दिन भी नहीं रह पाते। प्रैक्टिस के बिना वैभव का दिन काटना मुश्किल हो जाता है।
धीमी हो जाती है जिंदगी
बिहार के समस्तीपुर से आने वाले 15 साल के युवा बल्लेबाज ने जमकर मेहनत की है और लगातार कर रहे हैं। इसके लिए वह अपने पिता संजीव को श्रेय देते हैं जो समस्तीपुर से पटना वैभव को प्रैक्टिस करने ले जाते थे।
वैभव ने जियोस्टार से बात करते हुए कहा, "ये सबे मेरे पिता के कारण है। बचपन से उन्होंने मुझे इतनी प्रैक्टिस कराई है कि अगर मैं एक भी दिन प्रैक्टिस न करूं तो ऐसा लगता है कि जिंदगी धीमी हो गई है। इसलिए मैं ज्यादा ब्रेक नहीं लेता, सिर्फ एक ही दिन का ब्रेक काफी है।"
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छोड़ दिए एक्जाम
वैभव को प्रैक्टिस का इतना जुनून है कि इसके लिए उन्होंने अपने 10वीं के एग्जाम भी छोड़ दिए थे ताकि वह आईपीएल के लिए तैयारी कर सकें। उन्होंने कहा, "मुझे लगा था कि प्रैक्टिस करना चाहिए क्योंकि आईपीएल आ रहा है। मैं वनडे क्रिकेट (अंडर-19 वर्ल्ड कप) खेलकर आ रहा था। फॉर्मेट में भी बदलाव हो रहा था। इसलिए मुझे कुछ चीजों पर काम करना था।"
वैभव ने एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 29 गेंदों पर 97 रनों की पारी खेली। उनकी इस पारी के दम पर राजस्थान ने दूसरे क्वालिफायर में जगह बनाई है जहां आज उसका सामना गुजरात टाइटंस से है। वैभव के पास आईपीएल में सबसे तेज शतक लगाने का मौका था।