यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Rohit Sharma के लिए दिल्ली टेस्ट की जीत बनी वरदान, दो दिग्गज कप्तानों के रिकॉर्ड की कर डाली बराबरी
Rohit Sharma equals MS Dhoni and Babar Azams record भारतीय टीम की दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 6 विकेट की जीत कप्तान रोहित शर्मा के लिए वरदान सा ...और पढ़ें

नई दिल्ली, स्पोर्ट्स डेस्क। रोहित शर्मा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट में जीत के बाद पूर्व भारतीय कप्तान एमएस धोनी और पाकिस्तान के कप्तान बाबर आजम के स्पेशल क्लब में जुड़ गए। भारतीय टीम ने नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया को दूसरे टेस्ट में 6 विकेट से मात दी।
टेस्ट क्रिकेट के पिछले 50 साल के इतिहास में केवल एमएस धोनी, रोहित शर्मा और बाबर आजम ने राष्ट्रीय कप्तान के रूप में अपने शुरुआती चार मैच लगातार जीते हैं। पिछले साल रोहित शर्मा के नेतृत्व वाली भारतीय टीम ने श्रीलंका को दो मैचों की सीरीज में 2-0 से मात दी थी। रोहित के नेतृत्व में भारतीय टीम ने मौजूदा बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है।
याद दिला दें कि एमएस धोनी ने 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैच में पहली बार भारतीय टीम की कप्तानी की थी। भारत ने यह मुकाबला 8 विकेट से जीता था। इसके बाद धोनी ने 2008 में ही ऑस्ट्रेलिया पर भारत को दो टेस्ट जीत दिलाई थी। फिर दिसंबर 2008 में भारत ने चेन्नई में इंग्लैंड को 6 विकेट से शिकस्त दी थी। इस तरह एमएस धोनी के नाम शुरुआती चार टेस्ट में लगातार जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड हुआ था।
वहीं बाबर आजम ने जब पाकिस्तान की कमान संभाली तो उन्होंने दक्षिण अफ्रीका पर टीम को 2-0 की जीत दिलाई। इसके बाद बाबर आजम के नेतृत्व वाली पाकिस्तान ने जिंबाब्वे का 2 मैचों की सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप किया। इस तरह बाबर आजम अपनी कप्तानी में शुरुआती चार मैच जीतने वाले दुनिया के दूसरे जबकि पाकिस्तान के पहले कप्तान बने।
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रोहित शर्मा अब 1 मार्च से इंदौर के होल्कर स्टेडियम में शुरू होने वाले तीसरे टेस्ट में भारतीय टीम की अगुवाई करेंगे। अगर रोहित शर्मा भारत को जीत दिलाने में कामयाब रहे तो वो धोनी और बाबर आजम के रिकॉर्ड को तोड़ देंगे। रोहित शर्मा ने टेस्ट कप्तान बनने के बाद बल्लेबाज के रूप में भी दमदार प्रदर्शन किया है। दाएं हाथ के बल्लेबाज ने चार टेस्ट में 45.50 की औसत से 273 रन बनाए। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 120 रन रहा, जो कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मौजूदा सीरीज के पहले टेस्ट में बनाए थे।