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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Champions Trophy 2025: भारत को उल्टा न पड़ जाए पांच स्पिनरों पर दांव लगाना, दुबई में तेज गेंदबाजों का दबदबा

    Updated: Wed, 12 Feb 2025 07:57 PM (IST)

    Champions Trophy 2025 चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के लिए मंगलवार को भारतीय स्‍क्वॉड में 2 बदलाव किए गए। चोटिल तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बाहर हुए। उनकी जगह ह ...और पढ़ें

    5 स्पिनर्स के साथ दुबई जाएगी भारतीय टीम।
    5 स्पिनर्स के साथ दुबई जाएगी भारतीय टीम।

    HighLights

    1. यशस्वी को बाहर कर वरुण चक्रवर्ती को दी गई है जगह
    2. अनुभवी सिराज पर हर्षित राणा को प्राथमिकता दी गई
    3. 19 फरवरी से शुरू होगी चैंपियंस ट्रॉफी 2025

    नितिन नागर, जागरण नई दिल्ली: तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के बाहर होने के बाद चैंपियंस ट्रॉफी के लिए मुख्य कोच गौतम गंभीर, कप्तान रोहित शर्मा और मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर को अंतिम समय में टीम में बदलाव करना पड़ा। गंभीर जोखिम लेने के लिए जाने जाते हैं और अगर भारतीय टीम को देखें तो लगता है कि उन्होंने इस बार कुछ ज्यादा ही जोखिम लिया है।

    बुमराह के मैच फिट नहीं होने के बाद एनसीए प्रमुख नितिन पटेल ने गेंद गंभीर, रोहित और अगरकर के पाले में डाल दी थी। बुमराह की जगह हर्षित राणा को चुना गया क्योंकि इंग्लैंड के विरुद्ध वनडे सीरीज में वही बुमराह के विकल्प के रूप में टीम में शामिल किए गए थे, लेकिन यशस्वी जायसवाल की जगह वरुण चक्रवर्ती को चुनना समझ से परे है।

    पहले से ही टीम में अक्षर पटेल, रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर और कुलदीप यादव स्पिनर थे। ऐसे में एक बल्लेबाज को बाहर कर एक और स्पिनर को चुनना थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है। चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम अपने सभी लीग मैच दुबई में खेलेगी, जहां स्पिनरों की तुलना में तेज गेंदबाज अधिक प्रभावी साबित हुए हैं।

    दुबई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पर 2009 के बाद से 58 वनडे खेले जा चुके हैं, जिसमें तेज गेंदबाजों को पांच से कम की इकोनामी दर से 466 विकेट मिले हैं। स्पिनरों को 334 विकेट मिले हैं और उनकी इकोनामी दर 4.2 रही है। ऐसे में अगर वरुण को टीम में शामिल ही करना था तो सुंदर की जगह चुना जा सकता था। इंग्लैंड के विरुद्ध सीरीज में भी सुंदर को ज्यादा मौके नहीं मिले और टीम संयोजन को देखते हुए उन्हें चैंपियंस ट्राफी में उन्हें जगह मिलती नहीं दिखती है।

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    एक पूर्व राष्ट्रीय चयनकर्ता ने कहा कि दुबई में पिच से गेंदबाजों को शारजाह की तुलना में अधिक मदद मिलती है। तेज गेंदबाजों को दुबई में ज्यादा सफलता मिलती रही है। जिसकी वजह से पाकिस्तान ने टीम में अधिक तेज गेंदबाज चुने हैं हालांकि उन्हें यहां ज्यादा मैच नहीं खेलने हैं। ऐसे में पांच स्पिनरों को लेकर जाने की रणनीति भी समझ से परे हैं क्योंकि वरुण चक्रवर्ती को जब यूएई में खेले गए 2021 टी-20 विश्व कप में चुना गया था तो वह दुबई में विफल रहे थे।

    चैंपियंस ट्राफी में भारत को बांग्लादेश, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड से लीग चरण में भिड़ना है और इनमें से कोई टीम चक्रवर्ती के विरुद्ध नहीं खेली है। जडेजा और अक्षर का खेलना लगभग तय है और चक्रवर्ती के खेलने पर कुलदीप को बाहर रहना पड़ा सकता है। साथ ही हर्षित राणा का चयन भी जोखिम भरा हो सकता है क्योंकि मोहम्मद सिराज उनसे ज्यादा अनुभवी हैं।

    मोहम्मद सिराज को यशस्वी और शिवम दुबे के साथ रिजर्व खिलाड़ियों में रखा गया है, जो टीम के साथ यात्रा नहीं करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे टूर्नामेंटों में आक्रामकता की जगह अनुभव काम आता है और सिराज वहां उपयोगी साबित हो सकते हैं। कप्तान रोहित शर्मा का कहना है कि पुरानी गेंद से उतने प्रभावी नहीं होने के कारण सिराज को बाहर रखा गया।

    वहीं, यशस्वी को बाहर रखने की भी वजह स्पष्ट नहीं है। क्या किसी स्पिनर को जगह देने के लिए एक आरंभिक बल्लेबाज बल्लेबाज को बाहर करना सही है। इंग्लैंड के विरुद्ध नागपुर में पहले वनडे में यश्सवी और श्रेयस को साथ में उतारना मुश्किल था लेकिन विराट की चोट की वजह से परेशानी नहीं हुई। कोहली के वापस आने के बाद यशस्वी को दूसरे मैच से बाहर कर दिया गया था। हालांकि उन्हें टीम में बनाए रखा जा सकता है।

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