AI डीपफेक के गलत इस्तेमाल के खिलाफ दिल्ली HC पहुंचे गौतम गंभीर, 2.5 करोड़ रुपये का मांगा हर्जाना
Gautam Gambhir AI Deepfake Delhi HC: टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने AI डीपफेक, फर्जी वीडियो और अनऑथराइज्ड मर्चेंडाइज के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट मे ...और पढ़ें
HighLights
AI डीपफेक से तंग आकर दिल्ली HC पहुंचे गौतम गंभीर
गंभीर ने 16 आरोपियों पर लगाया आरोप
2.5 करोड़ रुपये हर्जाने के साथ तुरंत कंटेंट हटाने की मांग की
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Gautam Gambhir: भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर डीपफेक वीडियो का शिकार बन गए हैं। पूर्व विश्व कप विजेता गंभीर ने अपनी पहचान के गलत इस्तेमाल के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गंभीर एक सिविल सूट दाखिल कर अपनी पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मां कर रहे हैं। आज डिजिटल दौर में AI और डीपफेक तकनीक के बढ़ते खतरे को सामने लाता है।
क्या है मामला?
ये मामला साल 2025 के आखिरी का है, जब गौतम गंभीर (India Cricket Team Head Coach Gautam Gambhir) के नाम, चेहरे और उनकी आवाज का गलत इस्तेमाल किया गया। कुछ लोगों ने AI, फेस-स्वैपिंग और वॉयस क्लोनिंग तकनीक का उपयोग कर वीडियो बनाए, जिनमें गंभीर को ऐसी बातें कहते दिखाया गया जो उन्होंने कभी कही ही नहीं।
ये वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुई और फर्जी वीडियो को लाखों लोगों ने देखा और इसको सच माना।
दो फर्जी वीडियो हुए थे वायरल
दो वीडियो खास तौर पर चर्चा में रहे। एक वीडियो में गंभीर को हेड कोच पद से इस्तीफा देते दिखाया गया, जिसे लाखों लोगों ने देखा।
दूसरे वीडियो में उन्हें दिग्गज खिलाड़ियों पर विवादित टिप्पणी करते हुए दिखाया गया, जिससे विवाद खड़ा हुआ। गंभीर को लेकर वायरल हुए एक फर्जी रेजिग्नेशन को 20 लाख से ज्यादा व्यूज मिले थे, जबकि एक और क्लिप, जिसमें उन्हें सीनियर प्लेयर पर टिप्पणी करते दिखाया गया, 17 लाख व्यूज तक पहुंची।
गंभीर ने किस पर लगाए आरोप?
इस मामले में गंभीर ने 16 लोगों और संस्थाओं पर आरोप लगाया है, जिसमें कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स, ई-कॉमर्स कंपनियां जैसे अमेजोन और फ्लिपकार्ट और बड़ी टेक कंपनियां जैसे Meta, X और Google शामिल हैं
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इन प्लेटफॉर्म्स को इसलिए शामिल किया गया है ताकि अदालत के आदेशों का सही तरीके से पालन हो सके।
किन कानूनों का लिया सहारा?
गंभीर ने इस केस में कॉपीराइट एक्ट 1957, ट्रेडमार्क एक्ट 1999, कमर्शियल कोर्ट एक्ट 20215 का हवाला दिया है। साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट के पुराने फैसलों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें पर्सनैलिटी राइट्स को कानूनी सुरक्षा दी गई है।
गंभीर ने की ये मांग
गौतम गंभीर ने अदालत से साफ तौर पर कहा है कि उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, चेहरे और आवाज का इस्तेमाल पूरी तरह रोका जाए और फर्जी कंटेंट को तुरंत हटाया जाए। उनकी छवि को हुए नुकसान के लिए 2.5 करोड़ रुपये का हर्जाना दिया जाए।
गंभीर ने क्या कहा?
गंभीर ने इस मुद्दे पर अपनी चिंता जताते हुए कहा कि उनकी पहचान का इस्तेमाल गलत सूचना फैलाने और पैसे कमाने के लिए किया जा रहा है। उनके मुताबिक, यह सिर्फ उनकी निजी प्रतिष्ठा का मामला नहीं, बल्कि कानून और गरिमा से जुड़ा बड़ा मुद्दा है।