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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    T20 World Cup 2024 में बिगड़े हालात, जांच से पहले ही ICC के दो विकेट गिरे

    By abhishek tripathiEdited By: Abhishek Upadhyay
    Updated: Sat, 13 Jul 2024 12:00 PM (IST)

    टी-20 विश्व कप के न्यूयार्क में हुए मैचों के घाटे से बोर्ड सदस्यों के नाराज होने की खबर दैनिक जागरण में हुई थी प्रकाशित। इस खबर का असर भी हुआ है। जांच ...और पढ़ें

    टी20 वर्ल्ड कप के बाद आईसीसी के दो अधिकारियों ने दिया इस्तीफा
    टी20 वर्ल्ड कप के बाद आईसीसी के दो अधिकारियों ने दिया इस्तीफा

    HighLights

    1. ICC के इवेंट प्रमुख टेटली और मार्केटिंग व संचार प्रबंधक क्लेयर ने दिया इस्तीफा
    2. न्यूयार्क में खराब पिच पर रन नहीं बनने से मैचों की व्यूवरशिप में आई कमी से प्रसारणकर्ता भी नाराज
    3. श्रीलंका में होने वाली आईसीसी सम्मेलन से पहले ही सब कुछ साफ चाहते हैं कुछ देशों के बोर्ड

     अभिषेक त्रिपाठी, जागरण, नई दिल्ली : टी-20 विश्व कप के खराब संचालन के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) का पहला विकेट गिर गया है। श्रीलंका में 19 जुलाई से होने वाले आईसीसी के वार्षिक सम्मेलन से पहले ही क्रिकेट की इस वैश्विक संस्था के इवेंट प्रमुख क्रिस टेटली ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। वहीं मार्केंटिंग व संचार महाप्रबंधक क्लेयर फरलोंग ने भी अपना पद छोड़ दिया है। इसको लेकर आइसीसी से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका आधिकारिक जवाब नहीं मिल सका।

    हाल ही में वेस्टइंडीज और अमेरिका में संपन्न हुए टी-20 विश्व कप के अव्यवस्थित संचालन के बाद आईसीसी की काफी आलोचना हुई थी। टी-20 विश्व कप के प्रसारणकर्ता ने भी व्यूवरशिप (दर्शकों की संख्या) में आई गिरावट के लिए इस अव्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया था। दैनिक जागरण ने 11 जून को ही लिख दिया था कि कुछ देशों के बोर्ड इस मामले की जांच की मांग कर रहे हैं। खबर आने के दो दिन के बाद ही आईसीसी के दो बड़े अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया।

    ज्यादा खर्च से नाराज

    आईसीसी निदेशक मंडल के कई सदस्यों ने अमेरिका चरण के दौरान बजट से अधिक खर्च किए जाने पर सवाल उठाया था। ओमान क्रिकेट संघ से आने वाले निदेशक पंकज खिमजी ने सभी सदस्यों को एक पत्र लिखकर उस अवधि के दौरान किए गए व्यय का ऑडिट करने का आह्वान किया था। न्यूयॉर्क की नसाऊ काउंटी में भारत-पाकिस्तान सहित आठ मैच कराने को लेकर आईसीसी ने करोड़ों खर्च करके आइजनहवर पार्क में एक अस्थायी स्टेडियम और केंटीगे पार्क में अभ्यास की अस्थायी सुविधाएं बनाईं। चूंकि अमेरिकी क्रिकेट संघ को आईसीसी ने निलंबित कर रखा था तो ये सारा काम आईसीसी ने अमेरिका में एक कंपनी बनाकर खुद किया था।

    आईसीसी के बोर्ड सदस्यों को ये भरोसा दिलाया गया था कि महंगे दामों पर टिकट बेचकर घाटे को पूरा कर लिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इसके बाद कई बोर्ड सदस्य इससे नाराज थे और श्रीलंका में होने वाली वार्षिक बैठक में इस मुद्दे को उठाया जाना था, लेकिन इससे पहले ही टेटली ने इस्तीफा दे दिया है ताकि बोर्ड सदस्यों की नाराजगी थोड़ी कम की जा सके।

    खबरें और भी

    दैनिक जागरण की इस खबर का हुआ असर

    हो गया नुकसान

    आईसीसी के बोर्ड सदस्य के अनुसार, टी-20 विश्व कप के न्यूयार्क चरण से ही क्रिकेट की वैश्विक संस्था को 20 मिलियन डालर (करीब 167 करोड़ रुपये) का नुकसान हुआ है। न्यूयार्क में सभी निर्माण कार्य सहित मैचों का आयोजन कराने के लिए लगभग 30 मिलियन डालर (करीब 250 करोड़ रुपये) का बजट रखा गया था जो बढ़कर 35 मिलियन डॉलर (करीब 292 करोड़ रुपये) हो गया। इन कामों को देख रहे कुछ अधिकारियों ने कहा था कि न्यूयार्क में महंगे टिकट बिकेंगे, खासतौर पर भारत-पाकिस्तान के मैच से आईसीसी को इतनी कमाई होगी कि चीजें ठीक हो जाएंगी लेकिन टिकट बिक्री में भी काफी गड़बड़ हुई जिससे घाटा बढ़ गया।

    आईसीसी ने बैलेट से कुछ टिकट पहले प्रशंसकों को दीं और फिर भारत-पाकिस्तान मैच की टिकट को सोल्ड आउट दिखाया गया। बाद में फिर टिकट कम दाम में मार्केट में डाली गईं। ऐसे व्यक्ति को न्यूयार्क में टिकट के काम की जिम्मेदारी दी गई जिसे पहले इसका अनुभव ही नहीं था। यही नहीं इस विश्व कप के अमेरिका में संचालन के लिए टी-20 विश्व कप यूएसए के नाम से बनाई गई कंपनी में एक ऐसे व्यक्ति को नियुक्त किया गया जिसे कुछ साल पहले आईसीसी से निकाला गया था। इसकी वजह से आईसीसी को नुकसान हुआ है। इस नुकसान का आईसीसी से बोर्ड सदस्य के तौर पर जुड़े देशों को होगा क्योंकि इससे उनको मिलने वाली राशि में कमी आएगी।

    खासतौर पर छोटे देशों को जिनको पांच से 10 करोड़ रुपये क्रिकेट संचालन के लिए दिए जाते हैं, उनको फर्क पड़ेगा। यूएसए क्रिकेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बिना किसी दृष्टिकोण के हर जगह पैसा खर्च किया जा रहा था। वे एक ही साइट पर एक्टिवेशन पर हजारों डॉलर खर्च किए गए। कोई भी काम योजनाबद्ध तरीके से नहीं किया गया। कुछ ही लोग अपनी मर्जी से पैसे खर्च करना चाहते थे। मालूम हो कि आईसीसी के सम्मेलन के दौरान 20 जुलाई को चीफ एक्जक्यूटिव कमेटी की बैठक होगी। इसके एक दिन बाद आईसीसी की फाइनेंस और कमर्शियल अफेयर कमेटी की बैठक है। 22 जुलाई को आईसीसी और आईबीसी बोर्ड की बैठक है, जिसके बाद उसी दिन वार्षिक आम सभा (एजीएम) होगी।

    मांगा था जवाब

    इससे पहले इन आरोपों को लेकर आईसीसी को ईमेल करके दैनिक जागरण ने जवाब मांगे थे। आईसीसी की एक शीर्ष अधिकारी ने 29 जून को जवाबी ईमेल में लिखा था कि हम आईसीसी के वाणिज्यिक मामले पर कोई टिप्पणी नहीं करते। आईसीसी के एक बोर्ड सदस्य ने कहा कि न्यूयार्क के मैचों में खराब पिचों के कारण कम रन बनने से टीवी व आनलाइन दर्शकों की संख्या लक्ष्य से आधी रही जिसके कारण प्रसारणकर्ता को काफी नुकसान हुआ।