यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IND vs BAN 2nd Test: कानपुर टेस्ट में कुलदीप यादव को क्यों मिलना चाहिए मौका? जानें 3 कारण
Kuldeep Yadav Test Performance भारत और बांग्लादेश के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेला जाएगा। भार ...और पढ़ें

HighLights
- कुलदीप यादव ने कानपुर में नहीं खोला कोई टेस्ट
- ग्रीन पार्क में स्पिनर्स को मिलती है मदद
- 27 सितंबर से शुरू होगा दूसरा टेस्ट मैच
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मुकाबले की शुरुआत 27 सितंबर से होगी। सीरीज का पहला टेस्ट 280 रन से जीतने वाली भारतीय टीम दूसरे टेस्ट में 1 बदलाव कर सकती है।
कानपुर टेस्ट में टीम इंडिया 3 स्पिनर्स और 2 तेज गेंदबाजों को साथ मैदान में उतर सकती है। 1 तेज गेंदबाज को आराम दिया जा सकता है। उसकी जगह चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव की प्लेइंग 11 में एंट्री हो सकती है। दूसरे टेस्ट में कुलदीप यादव को मौका क्यों मिलना चाहिए, आइए जानते हैं।
लोकल हीरो हैं कुलदीप
ग्रीन पार्क स्टेडियम कुलदीप यादव का होम ग्राउंड है। उन्हें इस मैदान पर गेंदबाजी करने का अच्छा खासा अनुभव है। ऐसे में टीम को उनके अनुभव का लाभ मिल सकता है। हालांकि, कुलदीप यादव ने ग्रीन पार्क स्टेडियम में अब तक एक भी टेस्ट मैच नहीं खेला है। ऐसे में लोकल हीरो कुलदीप को मौका मिल सकता है।
स्पिनर्स को मदद
भारत और बांग्लादेश के बीच दूसरे टेस्ट के लिए कानपुर में काली मिट्टी की पिच तैयार की गई है। काली मिट्टी की पिच से आमतौर पर स्पिनर्स को मदद मिलती है। ऐसे में आखिरी टेस्ट में रवींद्र जडेजा और रविचंद्रन अश्विन के अलावा कुलदीप यादव को भी आजमाया जा सकता है। काली मिट्टी काफी चिकनी होती है और लाल मिट्टी की तुलना में पानी में अधिक सोखती है। ऐसे में काली मिट्टी की पिच अधिक समय तक समतल रहती है।
खबरें और भी
कुलदीप की फॉर्म
बीते कुछ समय से कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav Test Records) शानदार फॉर्म में हैं। वनडे विश्व कप में उन्होंने 15 विकेट चटकाए थे। श्रीलंका के खिलाफ कुछ महीनों पहले ही खत्म हुई वनडे सीरीज में उन्होंने 4 शिकार किए थे। कुलदीप ने अपने करियर में 12 टेस्ट खेले हैं। इस दौरान 22 पारियों में उन्होंने 53 विकेट चटकाए हैं।
ये भी पढ़ें: IND vs BAN: कानपुर में युवा जोश से भरी नजर आ सकती है भारतीय टीम, प्लेइंग 11 में हो सकते हैं चार बड़े बदलाव
कानपुर में स्पिनर्स का दबदबा
कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में अब तक 23 टेस्ट मैच खेले गए हैं। इस दौरान स्पिनर्स का दबदबा देखने को मिला है। ग्रीन पार्क स्टेडियम में तेज गेंदबाजों की तुलना में स्पिनर्स ने ज्यादा विकेट चटकाए हैं। कानपुर स्टेडियम में स्पिनर्स ने 35.23 की औसत और 2.37 की इकॉनमी से 346 विकेट चटकाए हैं। दूसरी ओर तेज गेंदबाजें ने ग्रीन पार्क में 33.77 की औसत और 2.79 की इकॉनमी से 260 शिकार किए हैं।