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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    कोच और कप्तान के 'दो शब्दों' ने फूंकी संजू सैमसन में जान, फिर बांग्लादेश की आई आफत, बल्लेबाज ने मैच के बाद किया बड़ा खुलासा

    Updated: Sun, 13 Oct 2024 01:56 PM (IST)

    भारत और बांग्लादेश के बीच हैदराबाद में खेले गए आखिरी टी20 मैच में टीम इंडिया ने विशाल स्कोर खड़ा किया। इस मैच में संजू सैमसन ने शानदार शतक ठोका। ये सं ...और पढ़ें

    संजू सैमसन ने बांग्लादेश के खिलाफ ठोका शतक
    संजू सैमसन ने बांग्लादेश के खिलाफ ठोका शतक

     स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय टीम ने हैदराबाद में खेले गए तीसरे और आखिरी टी20 मैच में 297 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस स्कोर तक टीम को पहुंचाया विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन ने। संजू ने इस मैच में शतकीय पारी खेली। संजू को इस पारी का लंबे समय से इंतजार था और आखिरकार उन्होंने शतक ठोक अपनी मंशा पूरी कर ली। इसका कारण भारत की टी20 टीम के कप्तान सू्र्यकुमार यादव और कोच गौतम गंभीर के दो शब्द थे।

    संजू ने 47 गेंदों पर 11 चौके और आठ छक्कों की मदद से 111 रन बनाए। ये संजू का टी20 इंटरनेशनल में पहला शतक है। संजू लगातार टीम से अंदर-बाहर होते रहते हैं। ऐसे में उनके बल्ले से निकली ये पारी संजू की जगह टीम में पक्की कर सकती है। संजू ने मैच के बाद बताया कि कोच और कप्तान के दो शब्दों के कारण उन्होंने इस तरह की बल्लेबाजी की।

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    कोच और कप्तान ने दी हिम्मत

    मैच के बाद संजू और सूर्यकुमार यादव ने बीसीसीआई टीवी पर बात की। सूर्यकुमार ने संजू से पूछा कि आप काफी लंबे समय से इस पारी का इंतजार कर रहे थे। इस पारी के बारे में बताएं? संजू ने कहा, "मैं काफी खुश हूं। मेरे पास शब्द नहीं हैं। मैं काफी भावुक हूं। लेकिन भगवान का शुक्रगुजार हूं कि ये दिन आया। सभी का अपना-अपना टाइम होता है। मैं लगातार अपना काम करता रहा। अपने आप में विश्वास करता रहा। मैं इस बात से खुश हूं कि आप उस समय वहां थे।"

    सूर्यकुमार ने कहा, "मैं इस पारी का पूरा लुत्फ लिया। मैंने टी20 में जितने शतक देखे हैं उसमें से ये बेस्ट है। आप 96-97 पर थे। वहां आपने गेंदबाज के सिर के ऊपर से मारने का जोखिम लिया। आपके दिमाग में क्या चल रहा था?

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    संजू ने कहा, "मेरे दिमाग में टीम को दिया गया मैसेज और वो माहौल था जो हमने इतने सप्ताह में श्रीलंका दौरे से बनाया है। हमारे कोच और कप्तान से एक ही मैसेज मिला है, भाई जाओ, एग्रेसिव और हंबल, ये दो शब्द हैं जो हमारे कप्तान और कोच लगातार हमें याद दिलाते रहते हैं। ये मेरे व्यवहार के मुताबिक है तो मैं इसी तरह से खेलता हूं।"

    सूर्यकुमार ने किया था मना

    संजू ने बताया कि जब वह 96 पर थे तब उन्होंने सूर्यकुमार से कहा था कि वह बड़ा शॉट मार के शतक पूरा करेंगे। लेकिन सूर्यकुमार ने उनसे मना किया था। उन्होंने बताया, "मैं 96 पर था और बोल रहा था कि मैं उड़ाकर शतक पूरा करता हूं। लेकिन फिर उन्होंने कहा कि नहीं भाई तू थोड़ा टाइम ले। आपने इसे कमाया है।"

    सूर्यकुमार ने कहा, "आपको ये कमाना था। आपने टीम हित को पहले लखा और सेल्फलेस खेल खेला। टीम पहले, निजी उपलब्धि बाद में। ये ऐसी चीज है जो सीखनी चाहिए संजू से। मैं बहुत खुश हूं कि आपने शतक जमाया।"

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