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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    IND vs ENG: ऑलराउंडर और मुख्य गेंदबाज के बीच में झूलती भारतीय टीम, आखिरी मैच को लेकर लेना होगा बड़ा फैसला

    By abhishek tripathiEdited By: Abhishek Upadhyay
    Updated: Wed, 30 Jul 2025 07:00 AM (IST)

    भारतीय क्रिकेट टीम के लिए पांचवां टेस्ट मैच जीतना काफी जरूरी है और इससे पहले ही टीम इंडिया दुविधा में है। वह ऑलराउंडर और मुख्य गेंदबाज को खिलाने के बी ...और पढ़ें

    आखिरी टेस्ट मैच में भारत को हर हाल में चाहिए जीत
    आखिरी टेस्ट मैच में भारत को हर हाल में चाहिए जीत

    HighLights

    1. दो मैचों में इंग्लैंड के 20 विकेट नहीं ले पाए हैं भारत के गेंदबाज
    2. टीम इंडिया के प्लेइंग-11 पर उठते रहे हैं सवाल
    3. आखिरी मैच में भारत को जीत है जरूरी

    अभिषेक त्रिपाठी, जागरण, मैनचेस्टर: भारतीय टीम ने पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में अधिकतर मैचों में बल्लेबाजी लाइनअप को लंबा करने के लिए ऑलराउंडरों पर भरोसा जताया है, लेकिन सीरीज का रिजल्ट फिलहाल उसके पक्ष में नहीं है। भारतीय टीम लीड्स और मैनचेस्टर में 20-20 विकेट नहीं ले सकी। उसे दोनों टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा।

    इसका मुख्य कारण उसका रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी और शार्दुल ठाकुर जैसे ऑलराउंडरों पर भरोसा जताना है। इन चारों ने मिलकर इस सीरीज में कुल 19 विकेट लिए हैं जिसमें जडेजा ने चार मैच में सात, वॉशिंगटन ने तीन मैच में सात, नीतीश ने दो मैच में तीन और शार्दुल ने दो मैच में दो विकेट लिए हैं। इन चारों ने अब तक गेंद से मैच जिताऊ प्रदर्शन नहीं किया है।

    जडेजा और वॉशिंगटन ने भले ही बल्ले से पिछला मैच बचाया हो लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन को यह सोचना पड़ेगा कि 650 से ज्यादा रन अगर विपक्षी टीम बना लेगी तो वह मैच नहीं जीत पाएंगे। अब देखना है कि भारतीय टीम इस मैच को जीतने के लिए 20 विकेट लेने पर फोकस करती है या अपनी पुरानी रणनीति पर चलती है।

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    पिच पर है घास

    हालांकि अगर मंगलवार को हुए अभ्यास सत्र को, वर्कलोड को और टीम संयोजन को देखें तो आकाशदीप, कुलदीप और अर्शदीप में से दो या तीनों गेंदबाजों गुरुवार से ओवल स्टेडियम में शुरू होने वाले पांचवें टेस्ट मैच में मौका देना चाहिए। पिच पर घास भी दिखाई दे रही है। भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने कहा कि मैनचेस्टर को छोड़कर बाकी तीनों जगह लीड्स, लॉर्ड्स और बर्मिंघम के विकेट में घास थी। यहां पर भी घास है। पिच में थोड़ी नमी है।

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    बुमराह से बात नहीं हुई, ध्रुव खेलेंगे

    एक और बड़ा सवाल यह है कि भारतीय टीम इस मैच में बुमराह और सिराज को आराम देगी या किसी एक को खिलाएगी? सितांशु ने कहा कि अभी तक बुमराह को खिलाने को लेकर चर्चा नहीं हुई है। हालांकि पिछले मैच में उन्हें एक ही पारी में गेंदबाजी करनी पड़ी।

    मुख्य कोच, हमारे फिजियो और कप्तान चर्चा करेंगे और उनको खिलाने पर फैसला करेंगे। दूसरे तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के लगातार चार टेस्ट मैच खेलने को लेकर उन्होंने कहा कि सिर्फ एक नहीं, सभी गेंदबाजों का कार्यभार प्रबंधन किया जाता है। मुझे नहीं पता कि आप लोग वास्तविक कार्यभार के बारे में क्या सोचते हैं।

    उन्होंने कहा, अगर मैं आपको जल्दी से बताऊं तो टेस्ट सीरीज से पहले अगर कोई गेंदबाज हर हफ्ते एक निश्चित संख्या में ओवर डालता है और टेस्ट में वह उससे ज्यादा ओवर डालता है तो फिर उसके कार्यभार को देखने वाले डेटा में उछाल आएगा।

    उन्होंने कहा, "अगर कोई गेंदबाज हर हफ्ते 30 ओवर डाल रहा है और अचानक पहली पारी में वह 35 ओवर डाल देता है, तो यह उसके कार्यभार के आंकड़ों में उछाल आएगा। सिराज जितने ओवर अभ्यास के समय करते हों, जरूरी नहीं कि मैच में वह उससे ज्यादा डाल रहे हों। अगर सिराज को उनका शरीर थका हुआ लगता है तो वह या फिजियो खुद इस बारे में बताएंगे।

    उन्होंने संकेत दिए कि टीम प्रबंधन बुमराह और सिराज दोनों को खिला सकता है। हालांकि इतना तय है कि चोटिल विकेटकीपर ऋषभ पंत की जगह ध्रुव जुरैल खेलेंगे। कोटक ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि ध्रुव एक असाधारण प्रतिभा है। वह बहुत अच्छे विकेटकीपर हैं जो अच्छी तरह से बल्लेबाजी कर सकते हैं।

    कुलदीप को लेकर नहीं खोले पत्ते

    जडेजा, सुंदर के अलावा कुलदीप को खिलाने को लेकर कोटक ने पत्ते नहीं खोले हैं। हालांकि उन्होंने ऑलराउंडरों पर फोकस के कारण 20 विकेट नहीं ले पाने के सवाल का जवाब देते हुए बल्लेबाजी कोच ने कहा कि आपको मैच जीतने के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों का संतुलन देखना होता है। जैसे 20 विकेट लेने की जरूरत है, उसी तरह 550-600 रन बनाना भी जरूरी है। हमने बर्मिंघम टेस्ट इसलिए जीता क्योंकि हमने उतने रन बनाए थे। तो अगर हम गेंदबाजी पर ज्यादा ध्यान दें और बल्लेबाजी कम करें तो ऑलराउंडर भी हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि विकेट कैसा दिखता है।

    उन्होंने कहा कि कप्तान, कोच और टीम प्रबंधन को लगेगा कि गेंदबाज बढ़ाना फायदेमंद है तो गेंदबाज जरूर बढ़ेंगे। अगर बल्लेबाज की संख्या बढ़ाना फायदेमंद है, तो वह भी हो सकता है। लेकिन एक बात है जब आप पांच गेंदबाजों के साथ खेलते हैं, तो सभी गेंदबाज कम गेंदबाजी करते हैं।

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