IND vs NZ: रग्बी ग्राउंड पर होगा पहला वनडे, कभी हुआ करता था दलदल बाद में बना स्टेडियम
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पहला वनडे ऑकलैंड के ईडन पार्क में खेला जाएगा, जो अपनी अनूठी बनावट और छोटी बाउंड्री के लिए जाना जाता है।

ऑकलैंड में खेला जाना है पहला वनडे मैच
HighLights
ईडन पार्क में होगा भारत-न्यूजीलैंड का पहला वनडे
स्टेडियम की बाउंड्री छोटी, ड्रॉप-इन पिचों का उपयोग
पहले दलदल था, फिर बना स्टेडियम
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत बुधवार से हो रही है। दोनों ही टीमों की नजरें जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करने पर होंगी। पहला मैच ऑकलैंड के ईडन पार्क स्टेडियम में खेला जाना है। इस मैदान पर खेलना आसान नहीं होता है क्योंकि इसकी बनावट क्रिकेट के मैदान जैसी नहीं है।
क्रिकेट का मैदान ओवल शेप यानी अंडे के आकार का होता है, लेकिन यह स्टेडियम ऐसा नहीं है। यह स्टेडियम रेकटेंगलुर शेप में है और यही कारण है कि इस मैदान की सामने की बाउंड्रीज काफी छोटी होती हैं। यह लगभग 55 से 58 मीटर की होती हैं। इसी कारण यहां सामने की तरफ छक्के मारना काफी आसान है।
ड्ऱॉप इन पिचों का होता है इस्तेमाल
क्रिकेट स्टेडियम में 5-6 पिचें होती हैं जिन पर मैच होते हैं। यह पिचें स्टेडियम के बीचों बीच होती हैं, लेकिन ईडन पार्क में ऐसा नहीं है। यहां ड्रॉपइन पिचों का इस्तेमाल किया जाता है। यानी यहां पिच लगाई जाती है और उस पर मैच होता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह रग्बी स्टेडियम भी है और इसका शेप भी रग्बी स्टेडियम जैसा ही है। इसी कारण यहां पिचें नहीं हैं। हालांकि, इस स्टेडियम को क्रिकेट के लिए भी यूज किया जाता है और इसलिए यहां ड्रॉप इन पिचें मंगाई जाती हैं।
क्या है कहानी?
अब आपके मन में सवाल होगा कि ऐसा क्यों है? तो आपको बताते हैं इस स्टेडियम की पूरी कहानी। पहले यह स्टेडियम एक दलदल था। यहां चारों तरफ पानी भरा रहता था। गर्मियों में यह सूख जाता था और सर्दियों में यहां पानी भर जाता था। 19वीं सदी में किंग्सलैंड क्रिकेट क्लब ने इसे लीज पर लिया और 1911 में ऑकलैंड क्रिकेट संघ ने इसे खरीद लिया। इसी साल ऑकलैंड रग्बी ने सर्दियों के समय इस स्टेडियम को यूज करने के लिए लीज पर ले लिया। इसे फिर रग्बी के मैचों के लिए तैयार किया गया। साल 1914 में यहां पहला रग्बी मैच हुआ।
इस मैच के बाद यहां रग्बी के मैच लगातार होने लगे और स्टेडियम दर्शकों से भरने लगा। स्टेडियम ऑकलैंड क्रिकेट संघ का था तो यहां समय-समय पर क्रिकेट मैचों का भी आयोजन होता रहा। तब से यह स्टेडियम दोनों ही खेलों के लिए है। इसी स्टेडियम पर न्यूजीलैंड ने अपने क्रिकेट इतिहास का सबसे काला दिन भी देखा। 1955 में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच की दूसरी पारी में न्यूजीलैंड की टीम महज 26 रनों पर ऑल आउट हो गई थी जो उसका और टेस्ट इतिहास का अभी तक का एक पारी में बनाया गया सबसे कम स्कोर भी है।
हालांकि, इसी मैदान पर न्यूजीलैंड ने अपनी पहली टेस्ट जीत भी हासिल की। क्रिकेट इतिहास में अपने काले दिन के एक साल बाद न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज को 190 रनों से हराया था। यह उसकी टेस्ट इतिहास की पहली जीत थी जो इसी स्टेडियम पर आई थी। इसी तरह यह स्टेडियम न्यूजीलैंड रग्बी और क्रिकेट दोनों के कई अच्छे और बुरे दिन देख चुका है।
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