यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
IND vs SL: रियान पराग ने डेब्यू में तोड़ दिया श्रीलंकाई बल्लेबाज का सपना, दिया न भूलने वाला दर्द
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए श्रीलंका के खिलाफ खेला जा रहा तीसरा वनडे काफी अहम है। इस मैच में हार उसे सीरीज से हाथ धुलवा देगी। टीम इंडिया पूरी कोशिश करेग ...और पढ़ें

HighLights
- IND vs SL: भारत को तीसरे मैच में जीत की सख्त जरूरत है
- IND vs SL: भारत ने प्लेइंग-11 में किए दो बदलाव
- IND vs SL: रियान पराग कर रहे हैं वनडे डेब्यू
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका के बीच खेला जा रहा तीसरा वनडे टीम इंडिया के लिए काफी अहम है। इस मैच में अगर भारत को हार मिलती है तो फिर वह सीरीज से हाथ धो बैठेगा। भारत को हर हाल में जीत की सख्त जरूरत है। इसलिए कप्तान रोहित शर्मा ने टीम में बदलाव किए हैं। तीसरे वनडे में ऋषभ पंत और रियान पराग को मौका मिला है। पराग अपना पहला वनडे मैच खेल रहे हैं।
पराग ने पिछले महीने जिम्बाब्वे दौरे पर अपना टी20 डेब्यू किया था। हालांकि, वह अपने खेल से प्रभावित नहीं कर पाए थे। फिर भी टीम इंडिया के नए कोच गौतम गंभीर ने उन पर भरोसा जताया। पराग को श्रीलंका दौरे पर वनडे और टी20 दोनों टीमों में जगह मिली। तीसरे वनडे में वह डेब्यू कर रहे हैं।
इसलिए दी टीम में जगह
टीम इंडिया ने इस मैच में केएल राहुल और अर्शदीप सिंह को बाहर का रास्ता दिखाया है। पराग को टीम में लाना एक फायदेमंद सौदा साबित हो सकता है। वह एक उपयोगी ऑफ स्पिनर हैं और टी20 में वह ये साबित कर चुके हैं। इसके अलावा वह निचले क्रम में आकर तेजी से रन बना फिनिशर की भूमिका निभा सकते हैं। पिछले दो वनडे मैचों में भारतीय टीम की बल्लेबाजी काफी कमजोर रही है। इसी कारण पहला मैच टाई रहा और दूसरे मैच में भारत को हार मिली।
इस कमी को दूर करने के लिए गंभीर ने टीम में नए ऑलराउंडर पराग को जगह दी है ताकि वह अंत में आकर बल्ले से योगदान भी दे सकें और अपनी स्पिन से विकेट भी निकाल सकें। पराग ने श्रीलंका के खिलाफ खेली गई तीन मैचों की टी20 सीरीज में अच्छी गेंदबाजी की थी। पहले टी20 में उन्होंने महज पांच रन देकर तीन विकेट झटके थे।
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फर्नांडो को शतक से रोका
पराग ने गेंदबाजी से अपना काम कर दिया। उन्होंने श्रीलंका के सलामी बल्लेबाज अविष्का फर्नांडो को शतक पूरा नहीं करने दिया और 96 रनों पर उनको पवेलियन की राह दिखाई। फर्नांडो ने 102 गेंदों पर नौ चौके और दो छक्के मारे। फर्नांडो शतक के बेहद करीब खड़े थे। अगर वह अपना शतक पूरा कर लेते तो ये उनका वनडे में चौथा शतक होता।