IND Vs WI: काम आया संजू पर टीम मैनेजमेंट का भरोसा, वेस्टइंडीज को हराकर रिकॉर्ड छठी बार सेमीफाइनल में पहुंची टीम इंडिया
IND vs WI T20 World Cup 2026: टी-20 विश्व कप के सुपर-8 मैच में भारत ने वेस्टइंडीज को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। संजू सैमसन (97 नाबाद) ने धमाकेदार ब ...और पढ़ें

HighLights
छठी बार भारतीय टीम टी-20 विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची
सैमसन ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाया
सेमीफाइनल में भारत का इंग्लैंड से होगा सामना
अभिषेक त्रिपाठी, जागरण दिल्ली। टी-20 विश्व कप के सुपर-8 के पहले मैच में दक्षिण अफ्रीका से मिली करारी हार के बाद भारतीय टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव करते हुए निचले मध्यक्रम के बल्लेबाज रिंकू सिंह की जगह ओपनर संजू सैमसन को अंतिम एकादश में मौका दिया।
टीम प्रबंधन ने दो बाएं हाथ के बल्लेबाजों अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की जगह बाएं-दाएं संयोजन के तहत संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को ओपिनंग में उतारा। जिंबाब्वे के खिलाफ 24 रन बनाने वाले दाएं हाथ के बल्लेबाज संजू (नाबाद 97) ने रविवार को ईडन गार्डेंस स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ धमाकेदार बल्लेबाजी करते हुए भारत को पांच विकेट से जीत दिलाई।
भारत ने T20 World Cup 2026 के सेमीफाइनल में किया प्रवेश
इसी के साथ भारत ने सेमीफाइनल (Indiaमें प्रवेश कर लिया। अब भारतीय टीम पांच मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में दूसरे सेमीफाइनल में इंग्लैंड से भिड़ेगी। जसप्रीत बुमराह ने भी एक ओवर में दो विकेट लेकर इस जीत में अहम योगदान दिया। एक समय खराब प्रदर्शन के कारण संजू को एकादश से बाहर होना पड़ा था और इशान व अभिषेक ओपनिंग करने लगे थे। अभिषेक के बीमार होने के कारण संजू को नामीबिया के विरुद्ध मौका मिला लेकिन वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए। हालांकि ऊपर वाले ने उनके भाग्य में कुछ और ही लिख रखा था।
अभिषेक और ईशान की ओपिनंग फेल होने लगी। शुरुआती तीन बाएं हाथ के बल्लेबाजों के विरुद्ध विपक्षी टीमें ऑफ स्पिनर की रणनीति के साथ आईं। इस कारण कोच गौतम गंभीर ने जिंबाब्वे के विरुद्ध एक बार फिर संजू को अभिषेक के साथ ओपनिंग में उतारने का फैसला किया जो सफल रहा।
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वह भारत को सेमीफाइनल में पहुंचाने वाले मुख्य हीरो बन गए। रविवार को उन्होंने अपनी 50 गेंद की पारी में 12 चौके और चार छक्के लगाए। आखिरी ओवर की दो गेंदों पर उन्होंने एक छक्का और चौका मारकर भारत को जीत दिलाई। उन्होंने उसके बाद हेलमेट उतारा और घुटनों के बल बैठकर ऊपर देखते हुए ऊपर वाले का शुक्रिया अदा किया। इसके बाद पूरा मैदान वंदेमातरम से गूंज उठा।
कैच छोड़ना भारी पड़ा
भारतीय टीम ने बाद में पड़ने वाली ओस को देखते हुए टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इस विश्व कप में यह दूसरा मौका रहा जब भारतीय गेंदबाज पावरप्ले में विकेट नहीं ले सके। अगर भारतीय क्षेत्ररक्षकों ने तीन कैच और रन आउट का एक मौका नहीं छोड़ा होता तो वेस्टइंडीज की टीम 195 रन नहीं बना पाती।
इसमें दो कैच अभिषेक शर्मा और एक तिलक वर्मा ने छोड़ा। वेस्टइंडीज ने रोस्टन चेस (40), रोवमन पावेल (नाबाद 34) और जेसन होल्डर (नाबाद 37) के दम पर पाटा पिच पर संतोषजनक स्कोर खड़ा किया। पावेल और होल्डर ने पांचवें विकेट के लिए अविजित 76 रनों की साझेदारी की। आठ ओवर तक वेस्टंडीज का कोई विकेट नहीं गिरा था।
कप्तान सूर्य ने कोलकाता नाइट राइडर्स के लोकल ब्वॉय वरुण चक्रवर्ती को नौवें ओवर में गेंद थमाई। उन्होंने आते ही पांचवीं गेंद पर शाई होप (33) को आउट कर दिया।
बुमराह का कमाल
बुमराह ने अपने दूसरे स्पैल में 12वें ओवर में तीन गेंद पर दो विकेट लेकर वेस्टइंडीज की राह मुश्किल की। उन्हाेंने तीसरी गेंद पर शिमरोन हेटमायार और पांचवीं गेंद पर चेस को आउट किया। हेटमायर का कैच संजू सैमसन ने लिया। यह एक छोटी लेंथ की गेंद थी जो बाएं हाथ के बल्लेबाज से दूर जा रही थी। हेटमायर ने लाइन के पार बहुत दूर तक स्लाग करने की कोशिश की। गेंद बल्ले के अंदर का किनारा लेकर संजू के पास गई और बुमराह को अपनी अपील पर पूरा भरोसा था। अंपायर क्रिस गैफनी ने अंगुली उठा दी।
हेटमायर इसे चेक करवाना चाहते थे लेकिन अल्ट्राएज ने अंपायर फैसला सही ठहराया। हेटमायर ने अब तक टी-20 में बुमराह की 23 गेंद खेली हैं जिसमें वह छह बार आउट हुए हैं। इस दौरान वह 17 रन ही बना पाए हैं। इस मैच में भी वह बुमराह की सिर्फ दो गेंद खेल पाए। एक गेंद के बाद सूर्य ने हवा में तैरते हुए चेस का शानदार कैच किया। बुमराह की धीमी गेंद पर शाट लगाने के चक्कर में चेस फंस गए। चेस ने अपना डिफेंस चेक करने की कोशिश की। स्काई को मौका बनाने के लिए दाईं ओर उछलकर गेंद को पकड़ना पड़ा। जंप की टाइमिंग अहम थी और इस बार सूर्य बिल्कुल सही थे।
पॉवेल और होल्डर की बढ़िया बल्लेबाजी
वेस्टइंडीज ने 14.1 ओवर में रदरफोर्ड के तौर पर चौथा विकेट खोया लेकिन इसके बाद पावेल और होल्डर ने कोई विकेट नहीं गिरने दिया। भारत के लिए 15 ओवर तक सबकुछ सही चल रहा था लेकिन 16वें ओवर में अर्शदीप सिंह बहक गए। उन्होंने इस ओवर में 24 रन दिए जिसमें वाइड पर दिए गए पांच रन शामिल हैं। पावेल ने इस ओवर में दो छक्के और एक चौका लगाया। हालांकि अर्शदीप ने 19वें ओवर में सिर्फ छह रन देकर अपनी गलती को सुधारने की कुछ कोशिश की।
अभिषेक की परेशानी
लगातार तीन मैचों में शून्य पर आउट होने के बाद जिंबाब्वे के विरुद्ध पचासा मारने वाले अभिषेक क्षेत्ररक्षण के बाद बल्लेबाजी में भी फंसे-फंसे नजर आए। वह मुश्किल से 11 गेंद पर 10 रन बनाकर आउट हो गए। इशान भी दो चौके मारकर आउट हुए। भारत ने 41 रन पर दो विकेट गंवा दिए थे लेकिन इसके बाद संजू सैमसन और कप्तान सूर्य कुमार ने स्कोर को 100 के नजदीक तक पहुंचाया। संजू और तिलक के बीच भी चौथे विकेट के लिए 42 रनों की साझेदारी हुई।
तिलक ने संजू के बाद सबसे ज्यादा 27 रन बनाए। नौ रन के निजी स्कोर पर होल्डर ने हार्दिक का कैच छोड़ा। उस समय भारत ने 16 ओवर में 161 रन बना लिए थे। हालांकि इसके बावजूद वह बड़ा स्कोर नहीं कर सके। इसके बाद संजू ने शिवम के साथ मिलकर जीत दिला दी।