IND vs SL: भारत ने 600वें टेस्ट को जीत के साथ बनाया स्पेशल, मानव सुथार के दम पर सीरीज में हासिल की बढ़त
भारतीय टीम ने गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से मात दी। इसी के साथ टीम इंडिया ने दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई। मानव सुथार भारत की जीत के हीरो रहे।

मानव सुथार रहे भारत की जीत के हीरो

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अभिषेक त्रिपाठी, जागरण, गॉल। आप जीतने के लिए पैदा हुए हो, लेकिन विजेता बनने के लिए पहले आपको जीतने की योजना बनानी होगी, फिर जीतने की तैयारी करनी होगी और उसके बाद जीतने की उम्मीद करनी होगी।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में पहुंचने के लिए हिमालय चढ़ने का प्रयास कर रही भारतीय टीम ने श्रीलंका दौरे पर पांच दिन अभ्यास किया और तीन दिन अभ्यास मैच खेला, जिसका फल उसे गॉल अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में 165 रन की जीत के रूप में मिला।
भारत की स्पेशल जीत
372 रनों के असंभव लक्ष्य को हासिल करने उतरी श्रीलंकाई टीम के लिए कप्तान धनंजय डिसिल्वा (59) और पहली पारी के शतकवीर सोनल दिनुशा (84) ने पांचवें विकेट के लिए 95 रनों की साझेदारी करके भारतीय आक्रमण को रोकने की कोशिश की।
पहले कप्तान और उसके बाद डिकवेला के आउट होते ही मानव सुथार ने यहां श्रीलंकाई किले को ऐसे ध्वस्त किया जैसे 26 दिसंबर 2004 में सुनामी ने गॉल फोर्ट को ध्वस्त किया था। इसी के साथ भारत ने अपने 600वें टेस्ट मैच में शानदार जीत हासिल की।
मानव का शानदार प्रदर्शन
मानव ने आठ रन के अंदर अंतिम चार, श्रीलंका की दूसरी पारी में छह और मैच में कुल 10 विकेट चटकाए। उन्होंने 10 गेंदों में चार और अपने दूसरे टेस्ट में ही दूसरी बार पारी में पांच विकेट लेने का कारनामा किया। अंतिम दिन बुधवार को 84 रन पर चार विकेट से दूसरी पारी शुरू करने वाली श्रीलंकाई टीम को जीत के लिए 288 रन की और जरूरत थी।
पांचवें दिन लंच के समय तक श्रीलंकाई टीम छह विकेट पर 175 रनों के कुल योग तक पहुंच भी गई थी, लेकिन लंच के बाद भारतीय गेंदबाज ने सबह तहस-नहस कर दिया। पहली पारी में 167 और दूसरी पारी में 44 रन बनाने वाले देवदत्त पडिक्कल प्लेयर आफ द मैच बने।
श्रीलंका की कोशिश
भारत को जीत के लिए आखिरी दिन छह विकेट चाहिए थे। मोहम्मद सिराज और जडेजा ने दिनुशा और डिसिल्वा को लगातार टेस्ट किया। डिसिल्वा जडेजा की धीमी गेंद पर स्वीप लगाने गए लेकिन गेंद उनके बल्ले के ऊपरी किनारे को छूकर सुथार के हाथों में चली गई।
अपेक्षाकृत खराब गेंदबाजी करने वाले कुलदीप यादव राउंड द विकेट गेंदबाजी करके नए एंगल से कुछ करने की कोशिश कर रहे थे लेकिन डिकवेला रिवर्स-स्वीप और लेग के काफी बाहर से स्वीप करने की कोशिश करके खुद को बचा रहे थे। डिकवेला तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा की शार्ट गेंदों पर भी क्रीज में घूमते रहे। यशस्वी जायसवाल के उकसाने के बाद वह आउट हो गए।
श्रीलंका के हौसले हुए पस्त
सोनल और केशरा नुवांथा 15 ओवर तक टिके रहे, लेकिन सोनल की एक गलती ने श्रीलंका की दूसरी पारी की अंत की गाथा लिख दी। राउंड द विकेट से गेंदबाजी कर रहे सुथार ने गेंद को लेग स्टंप के बाहर टिप्पा दिलाया और गेंद सोनल के बल्ले को छूते हुए सीधे लेग गली पर ध्रुव जुरैल के हाथों में चली गई।
उन्होंने इसी ओवर की दूसरी गेंद पर प्रभात जयसूर्या को बोल्ड किया और आखिरी गेंद पर लाहिरू कुमारा को चलता किया। अपने अगले ओवर में सुथार ने नुवांथा को बोल्ड करके श्रीलंका की पारी का अंत किया। भारत ने अपने 600वें टेस्ट को जीतकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली है। दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब में शुरू होगा।
कुलदीप की समस्या
भारत ने यह मैच भले ही जीत लिया, लेकिन बाएं हाथ के कलाई के स्पिनर कुलदीप यादव इस मैच में काफी सामान्य दिखे। उन्होंने दोनों पारियों में कुल 25 ओवर फेंके और सिर्फ एक विकेट हासिल किया। वह इस खुरदुरी पिच से ज्यादा कुछ हासिल नहीं कर पाए।
उन्हें ट्रैक से कुछ मदद लेने की कोशिश करने के बजाय बस यूं ही खेलते देखना काफी हैरान करने वाला था। राउंड द विकेट गेंदबाजी करने की वजह से उन्हें एलबीडब्ल्यू मिलने का विकल्प भी बंद हो गया था।
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