भविष्य में दो भाग में हो सकता है IPL, चेयरमैन ने इंडियन प्रीमियर लीग के लिए दो विंडो की संभावना जताई
दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी-20 क्रिकेट लीग आईपीएल का 19वां सत्र अंतिम चरण में है। ...और पढ़ें
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HighLights
आने वाले वर्षों में सितंबर-अक्टूबर विंडो में टूर्नामेंट कराने का सुझाव भी शामिल
जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी-20 क्रिकेट लीग आईपीएल का 19वां सत्र अंतिम चरण में है। अगर कोविड-19 को छोड़ दें तो बाकी आईपीएल के सत्र मार्च से मई के बीच ही हुए हैं लेकिन भविष्य में इसमें बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
आईपीएल चेयरमैन अरुण धूमल ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में टूर्नामेंट के लिए दो अलग-अलग विंडो तय की जा सकती हैं। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) मौसम और कार्यक्रम से जुड़ी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए नए विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
एक कार्यक्रम के दौरान बातचीत में अरुण ने कहा कि बोर्ड आईपीएल के कैलेंडर को लेकर कई संभावनाओं पर चर्चा कर रहा है। इनमें सितंबर-अक्टूबर के दौरान टूर्नामेंट आयोजित करने का सुझाव भी शामिल है। उनके मुताबिक यह समय विज्ञापन और कारोबार के नजरिये से काफी अहम माना जाता है, क्योंकि यह दिवाली से ठीक पहले का दौर होता है।
फिलहाल आईपीएल लगभग दो महीने तक चलता है। हालांकि टूर्नामेंट को और लंबा करने को लेकर यह चिंता भी जताई जाती रही है कि कहीं दर्शकों का उत्साह कम न हो जाए। इस पर धूमल ने कहा कि अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है और प्रसारकों के साथ भी इस विषय पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि बीसीसीआई सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना चाहता है, ताकि टूर्नामेंट की लोकप्रियता और गुणवत्ता दोनों बनी रहें।
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भीषण गर्मी अब लीग के लिए बड़ी चुनौती
धूमल ने यह भी स्वीकार किया कि मई महीने की भीषण गर्मी अब लीग के संचालन के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। नई दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में इस समय अत्यधिक गर्मी पड़ रही है, जिसका असर खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों पर पड़ सकता है। इसी कारण बीसीसीआई फरवरी से अप्रैल के बीच में एक चरण और फिर साल के आखिर में दूसरा चरण आयोजित करने की संभावना पर भी विचार कर रहा है।
आईपीएल चेयरमैन ने साफ कहा कि कोई भी फैसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा। उनका मानना है कि आईपीएल का प्रभाव सिर्फ बीसीसीआई तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर के क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ियों पर भी पड़ता है इसलिए वैश्विक क्रिकेट व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ही भविष्य की योजना तैयार की जाएगी।
10 टीमों के बीच 74 मुकाबले
आईपीएल की शुरुआत वर्ष 2008 में हुई थी। शुरुआती वर्षों में लीग में आठ टीमें हिस्सा लेती थीं और कुल 60 मुकाबले खेले जाते थे लेकिन 2022 में दो नई टीमों के जुड़ने के बाद टीमों की संख्या बढ़कर 10 हो गई। इसके साथ ही मैचों की संख्या भी बढ़कर 74 पहुंच गई। अगर भविष्य में आईपीएल को दो अलग-अलग विंडो में आयोजित किया जाता है तो संभव है कि टीमों और मुकाबलों की संख्या में और बढ़ोतरी देखने को मिले। इससे लीग का दायरा और भी बड़ा हो सकता है।