IPL 2026: एक सीजन में बिखेरी चमक फिर लग गई 'दीमक', आईपीएल के वो गुमनाम सितारे जो कभी बने थे आंख के तारे
आईपीएल ने कई खिलाड़ियों का करियर बनाया है और उन्हें राष्ट्रीय टीम तक पहुंचाया है। लेकिन कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे जो इस लीग में एक सीजन तो जमकर चमके लेकिन फ ...और पढ़ें

आईपीएल के गुमनाम सितारे

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की जब से शुरुआत हुई है तब से इस लीग ने कई खिलाड़ियों को मंच दिया है। इस लीग से कई खिलाड़ियों को पहचान मिली है और राष्ट्रीय टीम तक का सफर तय किया है। हालांकि, कुछ खिलाड़ी ऐसे रहे हैं जिन्होंने आईपीएल के एक सीजन में अपनी छाप तो छोड़ी, लेकिन फिर वह नाकाम रहे और अंततः गायब हो गए।
आईपीएल की शुरुआत से ही कई खिलाड़ी ऐसे रहे हैं जो वन सीजन वंडर साबित हुए। यानी एक सीजन दमदार खेल दिखाया, लेकिन बाद में फेल हो गए और फिर गायब। अपने सफल सीजन की सफलता को वह अगले सीजन में दोहरा नहीं पाए। हम आपको ऐसे ही खिलाड़ियों के बारे में बताने जा रहे हैं।
आईपीएल के 'वन सीजन वंडर'
पॉल वॉल्थाटी
किंग्स इलेवन पंजाब के लिए साल 2011 में दमदार खेल दिखाने वाले पॉल वॉल्थाटी एक सीजन में दम दिखाने के बाद गायब हो गए। उन्होंने इस सीजन में 463 रन बनाए थे जिसमें चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 63 गेंदों पर खेली गई 120 रनों की पारी भी शामिल है। 2011 के सीजन में उनका स्ट्राइक रेट 136.98 का था जिसमें उन्होंने एक शतक के अलावा दो अर्धशतक भी जमाए थे। इससे पहले वह 2009 में आईपीएल डेब्यू कर चुके थे। 2011 सीजन उनका सबसे शानदार सीजन रहा था। इसके बाद के सीजनों में वह लगातार फेल होते रहे। उन्होंने अपने आईपीएल करियर में कुल 23 मैच खेले और 505 रन बनाए।
स्वप्निल असनोदकर
साल 2008 में आईपीएल की शुरुआत हुई थी और उस सीजन राजस्थान रॉयल्स ने खिताब अपने नाम किया था। टीम की इस खिताबी जीत में युवा बल्लेबाज स्वप्निल असनोदकर ने अहम रोल निभाया था। इस सलामी बल्लेबाज ने पहले सीजन में नौ मैचों में 311 रन बनाए थे। लेकिन इस सीजन के बाद उनका बल्ला खामोश रहा और 2011 में उन्होंने अपना आखिरी सीजन खेला। अपने आईपीएल करियर में उन्होंने कुल 20 मैचों में 423 रन बनाए थे। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 124.78 रहा था।
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मनप्रीत गोनी
आईपीएल के पहले सीजन की रनर अप रही एमएस धोनी की कप्तानी वाली चेन्नई सुपर किंग्स के लिए इस सीजन तेज गेंदबाज मनप्रीत गोनी ने दमदार खेल दिखाया था। इस खिलाड़ी ने 2008 के सीजन में कुल 16 मैचों में 17 विकेट लिए थे और टीम को फाइनल में पहुंचाने में मदद की थी। वह अपनी टीम के लिए इस सीजन सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज भी थे। लेकिन इसके बाद उनका ग्राफ गिर गया। वह बाद में पंजाब फ्रेंचाइजी के लिए भी खेले, लेकिन सफल नहीं रहे। अपने आईपीएल करियर में उन्होंने कुल 40 मैच खेले और 37 विकेट अपने नाम किए।
मानविंदर बिस्ला
गौतम गंभीर की कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने साल 2012 में पहली बार आईपीएल का खिताब जीता था। फाइनल में उसने चेन्नई सुपर किंग्स को मात दी थी। इस फाइनल मुकाबले में कोलकाता के लिए विकेटकीपर-बल्लेबाज मानविंदर बिस्ला का बल्ला जमकर चला था। इस सलामी बल्लेबाज ने चेन्नई के खिलाफ 89 रनों की पारी खेली थी और चेन्नई को लगातार तीसरी बार खिताब जीतने से रोका था। इस सीजन उन्होंने सात मैचों में 213 रन बनाए थे। हालांकि, इस सीजन के बाद वह अपने खेल से प्रभावित नहीं कर सके। 2015 में उन्होंने अपना आखिरी आईपीएल खेला। अपने आईपीएल करियर में उन्होंने कुल 39 मैच खेले जिनमें 798 रन बनाए।
कामरान खान
कामरान खान एक और नाम हैं जिन्होंने साल 2009 में आईपीएल खेलते हुए नाम कमाया, लेकिन जितने कम समय में उन्होंने नाम कमाया उतनी जल्दी वह गायब भी रहे। कामरान ने आईपीएल इतिहास का पहला सुपर ओवर फेंका था।। 2009 में उन्होंने कुल पांच मैच खेले और 6 विकेट लिए। बाएं हाथ के इस गेंदबाज ने बाद में पुणे वॉरियर्स के लिए भी आईपीएल खेला लेकिन उन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाए जो उन्होंने 2009 में दिखाई थीं। अपने आईपीएल करियर में उन्होंने कुल नौ मैच खेले नौ विकेट ही लिए जिसमें से छह विकेट तो 2009 में ही लिए थे।