यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ranji Trophy: सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ बिहार के लाल ने किया कमाल, इतनी छोटी उम्र में डेब्यू कर रचा नया इतिहास
बिहार के वैभव सूर्यवंशी शुक्रवार 5 जनवरी को रिकॉर्ड प्रथम श्रेणी मैच में डेब्यू करने वाले चौथे सबसे कम उम्र के भारतीय बन गए। 12 साल और 284 दिन की उम्र ...और पढ़ें

स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। बिहार के बाएं हाथ के ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट जगत में इतिहास रच दिया। वह चौथे ऐसे भारतीय खिलाड़ी बने, जिन्होंने सबसे कम उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया। रणजी ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी को बिहार टीम में जगह मिली है।
बिहार के वैभव सूर्यवंशी शुक्रवार, 5 जनवरी को रिकॉर्ड प्रथम श्रेणी मैच में डेब्यू करने वाले चौथे सबसे कम उम्र के भारतीय बन गए। 12 साल और 284 दिन की उम्र में सूर्यवंशी ने पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम में रणजी ट्रॉफी 2023-24 मैच में बिहार के लिए मुंबई के खिलाफ खेलने उतरे।
अलीमुद्दीन हैं पहले खिलाड़ी
बता दें कि 1942-43 के रणजी सीजन में अलीमुद्दीन 12 साल और 73 दिन की उम्र में सबसे कम उम्र के डेब्यूटेंट बने थे। अजमेर में जन्मे अलीमुद्दीन ने बड़ौदा के महाराजा प्रतापसिंह कोरोनेशन जिमखाना स्टेडियम में बड़ौदा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी सेमीफाइनल में राजस्थान के लिए खेला था। वहीं, सचिन तेंदुलकर ने 15 साल की उम्र में डेब्यू किया था।
बाएं हाथ से करते हैं बल्लेबाजी
गौरतलब हो कि सूर्यवंशी ने कूच बिहार ट्रॉफी के 2023 संस्करण में बिहार के लिए खेला था। झारखंड के खिलाफ एक मैच में उन्होंने 128 गेंद पर 22 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 151 रन बनाए थे। इसी मैच में उन्होंने 76 रन की भी पारी खेली थी।
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अंडर-23 में मचाया था गदर
बिहार के समस्तीपुर जिले स्थित ताजपुर प्रखंड के रहने वाले वैभव ने अंडर-23 मैच में बिहार टीम की ओर से खेलते दमदार प्रदर्शन किया था। पिछले असम में हुई अंडर-19 वीनू मांकड़ ट्रॉफी प्रतियोगिता में बिहार की ओर से खेलते हुए वैभव ने विभन्न राज्यों के विरुद्ध 99.70 के औसत से कुल 360 रन बनाए थे।
एक साल में 10 से अधिक शतक लगा चुके हैं वैभव
इसके अलावा हरियाणा के खिलाफ 139, असम के खिलाफ 86, चंडीगढ़ के खिलाफ 72, आंध्र प्रदेश के खिलाफ 69 और जम्मू कश्मीर के खिलाफ 59 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली थी। उनकी पारी ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था। वैभव पिछले एक साल में जिला से लेकर राज्य स्तर तक के मैचों में 10 से अधिक शतक लगा चुके हैं।