61 बार 200 का स्कोर, 1349 छक्के और 169 कैच ड्रॉप... IPL में ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया
IPL 2026 लीग स्टेज तक कई रिकॉर्ड टूटे, जिससे यह इतिहास का सबसे बड़ा सीजन बन गया। इसमें 61 बार 200 से अधिक के स्कोर बने, औसत रनरेट 9.85 रहा और 1300 से ...और पढ़ें

IPL 2026 Stats: रिकॉर्ड ब्रेकिंग आईपीएल का 19वां सीजन
HighLights
आईपीएल 2026 का आज पहला क्वालिफायर मैच
आरसीबी से गुजरात की धर्मशाला में भिड़ंत
आईपीएल के 19वें सीजन में बने कई रिकॉर्ड्स
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। Record Breaking IPL 2026: 70 लीग स्टेज मैचों के खत्म होने के बाद आईपीएल 2026 का कारवां नॉकआउट स्टेज की ओर बढ़ गया है। आज क्वालिफायर-1 का मैच आरसीबी और जीटी के बीच धर्मशाला में खेला जाना है।
लीग स्टेज मैच खत्म होने के बाद आईपीएल 2026 में ऐसे रिकॉर्ड्स बने, जिसकी वजह से ये सीजन अब तक के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीएल सीजन बन गया है।
70 मैचों में ही 61 बार 200 या इससे ज्यादा का स्कोर बन चुके है। शुरुआती 9 सीजन तक 538 मैचों में 57 बार 200 प्लस स्कोर बना था। ऐसे में जानते हैं उन स्टैट्स के बारे में जो ये साबित कर रहे है कि ऐसा आईपीएल में अब तक पहले कभी नहीं देखने को मिला।
1. सबसे तेज रनरेट वाला सीजन
आईपीएल के इतिहास का पहला सीजन (19वां) रहा, जिसमें ओवरऑल रनरेट 9.85 रहा। इससे पहले सबसे ज्यादा रन रेट का रिकॉर्ड पिछले सीजन बना था, तब टीमों ने 9.62 रन प्रति ओवर बनाए थे।
2. 61 बार 200 प्लस स्कोर बने
आईपीएल के इतिहास में 19वें सीजन में रिकॉर्ड तोड़ 200 प्लस स्कोर बने। कुल 61 बार अब तक लीग स्टेज मैचों में 200 प्लस स्कोर बने। इससे पहले आईपीएल 2025 में 52 बार ये कारनामा हुआ था। खास बात यह है कि 2022 तक किसी भी सीजन में 20 से ज्यादा बार 200 प्लस स्कोर नहीं बने थे। इस बार सिर्फ बड़े स्कोर बने नहीं, बल्कि बड़े टारगेट चेज करना भी आसान हो गया। 16 बार 200 प्लस रन चेज करते हुए मैच जीते गए, जो किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा है।
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3. पहली पारी का औसत स्कोर
आईपीएल के 19वें सीजन में पहली पारी का औसत स्कोर 192.04 रहा, जो आईपीएल इतिहास में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2025 में यह 191.58 और 2024 में 190 था। वहीं, पहली पारी का विनिंग टोटल एवरेज इस सीजन 217.57 का रहा, जो अब तक का सबसे ज्यादा है।
4. 1300 से ज्यादा छक्के लगे
आईपीएल 2026 में अब तक कुल 1349 सिक्स लग चुके हैं, जो कि इतिहास के किसी सीजन के सबसे ज्यादा रहे। लीग स्टेज में पंजाब किंग्स ने सबसे ज्यादा छक्के (163) लगाए, जबकि एसआरएच ने 162 छक्के लगाए। एक टूर्नामेंट में सर्वाधिक सिक्स एक टीम के तौर पर जड़ने का रिकॉर्ड एसआरएच के पास है, जिन्होंने 178 सिक्स आईपीएल 2024 में लगाए थे।
5. पावरप्ले की शुरुआत और 7वें ओवर का कमाल
आईपीएल के 19वें सीजन में ज्यादा रन बनने की सबसे बड़ी रही है कि बल्लेबाजों ने पहली गेंद से ही अटैकिंग अप्रोच रखी। आईपीएल 2026 में पारी के पहले तीन ओवर में रन रेट 9.52 का रहा, जो किसी भी आईपीएल सीजन में सबसे ज्यादा है, लेकिन पहले तीन ओवर में बैटिंग औसत यानी हर विकेट पर बने रन सिर्फ 32.56 रहे। 2022 के बाद ये सबसे कम है। इसका मतलब हुआ कि इस बार टीमें तीन ओवर में विकेट गिरने के परवाह न करते हुए तेजी से रन बना रही हैं।
6. टॉप-4 बैटर्स का एवरेज
2023 में इम्पैक्ट प्लेयर नियम आने के बाद बल्लेबाजी का तरीका पूरी तरह बदल गया। 2024 में टॉप-4 के बल्लेबाजों ने हर पारी में औसत 28.82 रन बनाए। उस समय तक ये सबसे ज्यादा था। लेकिन उन्होंने हर पारी में सिर्फ 18.82 गेंदें ही खेलीं। ये अब तक का सबसे कम है। अब टॉप-4 के बैटर्स देर तक टिकने की सोचते ही नहीं।
वह केवल तेज रन बनाने के माइंडसेट के साथ मैदान पर उतरते हैं और आउट हो जाते हैं। इसी वजह से 2025 में हर पारी का औसत बढ़कर 30.41 रन और 2026 में 31.20 रन हो गया। लेकिन खेली गई गेंदें कम ही रहीं। 2025 में 19.53 गेंद और 2026 में सिर्फ 19.14 गेंद प्रति पारी।
7. भारतीय बैटर्स विदेशी बल्लेबाजों से आगे
आईपीएल 2026 में भारतीय बैटर्स ताबड़तोड़ बैटिंग कर रहे हैं। इस सीजन 200 से ज्यादा खेलने वाले 21 भारतीय बैटर्स में से 6 का स्ट्राइक रेट 170 से ज्यादा रहा। वहीं 8 विदेशी बल्लेबाजों में से सिर्फ 1 ही ऐसा कर पाया।
पूरे सीजन में भारतीय बल्लेबाजों ने मिलकर 156.24 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं। ये विदेशी खिलाड़ियों के 155.14 स्ट्राइक रेट से थोड़ा ज्यादा है। IPL इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब भारतीय बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट विदेशी बल्लेबाजों से ज्यादा रहा हो। हालांकि विदेशी बल्लेबाजों के पास अभी प्लेऑफ के मैच बाकी हैं। वो चाहें तो स्ट्राइक रेट में आगे निकल सकते हैं।
8. स्पिनरों का इस्तेमाल कम, तेज गेंदबाजों की पिटाई
आईपीएल 2026 में रनों की बरसात हो रही हैं कि टीम स्पिनर्स का इस्तेमाल कम कर रही हैं। खासकर जब पिच से मदद नहीं मिल रही।
वहीं, IPL 2026 में तेज गेंदबाजी के हर एक ओवर के बदले स्पिनरों ने सिर्फ 2.64 गेंदें डाली हैं। IPL इतिहास में ये तीसरा सबसे कम आंकड़ा है। सबसे कम 2008 में था, तब तेज गेंदबाजी के हर ओवर पर स्पिन सिर्फ 1.81 गेंद थी। उस वक्त माना जाता था कि स्पिनर T20 के लिए अच्छे नहीं हैं। वहीं, ये आंकड़ा 2013 में 2.49 था।
9. तेज गेंदबाजों का बुरा हाल
तेज गेंदबाजों का औसत 32.31 और इकोनॉमी 9.94 रहा। ये किसी भी सीजन में उनका सबसे खराब प्रदर्शन है। वहीं, स्पिनर भी इस बार महंगे साबित हुए। उन्होंने 9.26 की इकोनॉमी से रन दिए जो उनका सबसे खराब रिकॉर्ड है। लेकिन उनका औसत 33.43 रहा जो चौथा सबसे खराब है।
वजह ये कि उन्होंने हर 21.6 गेंद पर विकेट लिया, जो उनका तीसरा सबसे अच्छा रिकॉर्ड है।टॉप-10 में सिर्फ दो स्पिनर लीग स्टेज के बाद टॉप-10 विकेट लेने वालों में सिर्फ 2 स्पिनर हैं। राशिद खान 19 विकेट के साथ 5वें और सुनील नरेन 15 विकेट के साथ 10वें नंबर पर हैं। IPL 2026 खत्म होने तक शायद राशिद खान ही टॉप-10 में अकेले स्पिनर बचें। ऐसा पहले सिर्फ 2016 में हुआ था, जब युजवेंद्र चहल 21 विकेट के साथ दूसरे नंबर पर थे।
10. कुल अब तक 169 कैच ड्रॉप हुए
आईपीएल 2026 में अभी तक लीग स्टेज तक कुल 169 कैच छूटे है, जिसका फायदा बैटर्स ने उठाया है। फिर भी कैचिंग का प्रतिशत 78.98% रहा, जो पिछले दो सीजन से थोड़ी बेहतर है। वहीं 2025 में 76.79% और 2024 में 78.44% कैच पकड़े गए थे।
लेकिन इस बार बल्लेबाजों ने मिले मौकों का पिछले कुछ सालों से ज्यादा फायदा उठाया। 2026 में बल्लेबाज का पहला कैच छूटने पर टीम को औसत 24.37 रन का नुकसान हुआ। 2018 के बाद ये सबसे ज्यादा है। 2025 में ये आंकड़ा 22.36 रन था।
किसने सबसे ज्यादा बार कैच ड्रॉप किए?
PBKS ने इस सीजन सबसे ज्यादा 20 कैच टपकाए। टूर्नामेंट के दूसरे हाफ में उनके खराब प्रदर्शन की ये बड़ी वजह रही। गुजरात टाइटंस और SRH 19-19 कैच छोड़कर दूसरे नंबर पर हैं। हालांकि, GT की कैचिंग 81.5% रही, जो सभी टीमों में दूसरी सबसे अच्छी है।