IPL को हल्के में लेने वाले विदेशी खिलाड़ियों पर फूटा सुनील गावस्कर का गुस्सा, BCCI को दे डाली नसीहत
सुनील गावस्कर ने आईपीएल को बीच में छोड़कर जाने वाले विदेशी खिलाड़ियों को आड़े हाथों लिया है। गावस्कर ने कहा है कि बीसीसीआई को ऐसे खिलाड़ियों पर सख्त ए ...और पढ़ें
-1781951865946_m.webp)
सुनील गावस्कर ने विदेशी खिलाड़ियों को लिया आड़े हाथों
HighLights
सुनील गावस्कर ने विदेशी खिलाड़ियों को लगाई लताड़
आईपीएल बीच में छोड़कर जाने वालों को सुनाई खरी खोटी
बीसीसीआई से कही सख्त एक्शन लेने की बात
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने उन विदेशी खिलाड़ियों को आड़े हाथों लिया है जो बीच आईपीएल में चोट के कारण वापस अपने देश लौट जाते हैं। गावस्कर ने कहा है कि बीसीसीआई को ऐसे खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए।
गावस्कर के मुताबिक, कुछ विदेशी खिलाड़ी आईपीएल में लगातार मौका न मिलने पर चोट का बहाना बनाकर वापस अपने देश लौट जाते हैं और अपने देश में घरेलू क्रिकेट खेलते हैं।
'बैन करना चाहिए'
हाल के समय में आईपीएल में विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता चर्चा का विषय रही है। गावस्कर ने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन कहा है कि अगर खिलाड़ी बीच सीजन में छोड़कर जाते हैं तो इससे फ्रेंचाइजी को नुकसान होता है। बीसीसीआई ने उन विदेशी खिलाड़ियों पर दो साल का बैन लगाने का फैसला किया है जो ऑक्शन में नाम लिखवाने और खरीदे जाने के बाद आखिरी समय में अपना नाम वापस ले लेते हैं।
गावस्कर ने स्पोर्टस्टार में अपने कॉलम में लिखा, "ऑक्शन में खरीदे जाने के बाद आखिरी समय पर नाम वापस लेने वालों पर दो साल का बैन लगाना अच्छा है। बीसीसीआई को उन विदेशी खिलाड़ियों को भी बैन कर देना चाहिए जो आईपीएल में आते हैं और जब उन्हें लगातार मौके नहीं मिलते तो वह चोट का बहाना बनाकर अपने घर लौटकर घरेलू क्रिकेट खेलते हैं।"
आईपीएल को लेते हैं हल्के में
गावस्कर ने कहा कि कुछ खिलाड़ी आईपीएल को हल्के में ले लेते हैं और कई बार अपने बोर्ड की सहायता से न खेलने का बहाना बनाते हैं। उन्होंने लिखा, "कई विदेशी खिलाड़ी आईपीएल को हल्के में लेते हैं। कई बार तो वह अपने बोर्ड की सहायता से कुछ बहाने बनाते हैं और पूरा टूर्नामेंट न खेलने की बात कहते हुए ऑक्शन में हिस्सा लेते हैं। आखिरी समय में फ्रेचाइजी उनके रिप्लेसमेंट के बारे में नहीं सोच सकती, इसलिए उसके पास कोई विकल्प नहीं बचता है कि वह इंतजार करे कि बोर्ड खिलाड़ी को रिलीज करे।"