Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    टेस्‍ट क्रिकेट में क्‍या होता है फॉलोऑन? इसे कैसे किया जाता लागू और क्‍या हैं इसके नियम? एक क्लिक में पाएं पूरी जानकारी

    Updated: Tue, 17 Dec 2024 11:50 AM (IST)

    फॉलोऑन क्रिकेट में एक ऑप्‍शनल नियम है। इस नियम की जानकारी क्रिकेट के कानून 14 में मिलती है। यह तभी लागू होता है जहां दोनों टीमें 2-2 बार बैटिंग करती ह ...और पढ़ें

    टेस्‍ट क्रिकेट में होता है इस नियम का यूज।
    टेस्‍ट क्रिकेट में होता है इस नियम का यूज।

    HighLights

    1. फॉलोऑन क्रिकेट में एक ऑप्‍शनल नियम
    2. क्रिकेट के कानून 14 में मिलती है इसकी जानकारी
    3. फॉलोऑन के लिए 200 रन की बढ़त जरूरी

     स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच इस समय ब्रिस्बेन में पांच मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी का तीसरा मैच खेला जा रहा है। इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने दमदार बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में बड़ा स्कोर किया। लेकिन टीम इंडिया के बल्लेबाज एक बार फिर फेल हो गए। टीम इंडिया पर फॉलोऑन का संकट मंडरा रहा है। 

    ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 445 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया है। टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर लड़खड़ा गया और मिडिल ऑर्डर ने भी दम तोड़ दिया। पूरी उम्मीदें इस समय रवींद्र जडेजा और नीतीश रेड्डी पर हैं। इन दोनों से फॉलोऑन बचाने की आस है। आखिर क्या होता है ये फॉलोऑन? क्या हैं इसके नियम? हम बताते हैं आपको। 

    फॉलोऑन के लिए जरूरी शर्तें

    • फॉलोऑन क्रिकेट में एक ऑप्‍शनल नियम है। इस नियम की जानकारी क्रिकेट के कानून 14 में मिलती है।
    • यह तभी लागू होता है जहां दोनों टीमें 2-2 बार बैटिंग करती हैं और कम से कम तीन पारियां पूरी होने तक कोई मैच नहीं जीत सकतीं।
    • फॉलोऑन देने के लिए पहले बल्‍लेबाजी करने वाली टीम के पास कम से कम 200 रन बढ़त होनी चाहिए।
    • यह निर्णय पहले बैटिंग करने वाली टीम के कैप्‍टन लेते हैं। अगर टीम मजबूत स्थिति में है तो कैप्‍टन फॉलोऑन का ऑप्‍शन चुनते हैं।
    • इसमें पहले बल्‍लेबाजी करने वाली टीम पहली पारी के टोटल स्‍कोर के भीतर विपक्षी टीम को 2 बार आउट करके मैच का रिजल्‍ट प्राप्‍त कर सकती है।
    • इसका उद्देश्‍य मैच को ड्रॉ से बचाकर जीतना होता है।

    कप्‍तान लेता है निर्णय

    फॉलोऑन लागू करने का निर्णय मैच में पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम का कप्‍तान लेता है। यदि उसकी टीम मजबूत स्थिति में है तो कप्तान फॉलोऑन का ऑप्‍शन चुनता है। इसके लिए पहली पारी के कुल स्कोर के भीतर विपक्षी टीम को दो बार आउट करना होता है।

    खबरें और भी

    क्रिकेट के नियमों के नियम 14.2 के मुताबिक, एक कप्तान को विपक्षी टीम के कप्तान और अंपायरों को फॉलोऑन के बारे में सूचित करना होगा। एक बार बताने के बाद इस निर्णय को बदला नहीं जा सकता।

    ड्यूरेशन के हिसाब से कम होती लीड

    • क्रिकेट का नियम 14 मैच की ड्यूरेशन के हिसाब से फॉलोऑन लागू करने के लिए टीमों द्वारा आवश्यक लीड को बताता है।
    • पांच दिन या उससे ज्‍यादा के टेस्ट के लिए फॉलोऑन लागू करने के लिए एक टीम को 200 या उससे ज्‍यादा रन की लीड जरूरी है।
    • रणजी ट्रॉफी जैसे घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकेट टूर्नामेंट में एक टीम को फॉलोऑन लागू करने के लिए 150 या उससे ज्‍यादा की बढ़त की जरूरत होती है।
    • दो दिवसीय क्रिकेट में यह लीड घटकर 100 और एक दिन तक चलने वाले मैच में 75 रन हो जाती है।

    ये भी पढ़ें: IND vs BAN: दूसरी पारी में Virat Kohli ने रच दिया इतिहास, सचिन तेंदुलकर के क्‍लब में मारी एंट्री

    पहले दिन नहीं हो पाया खेल तो

    क्रिकेट के नियम 14.1.3 के मुताबिक अगर मल्‍टीडे मैच का पहला दिन बारिश में धुल जाता है तो बढ़त कम कर दी जाएगी। यदि एक दिन से अधिक ड्यूरेशन वाले मैच के पहले दिन कोई खेल नहीं होता है, तो खेल शुरू होने से शेष दिनों की संख्या के अनुसार 14.1 लागू होगा। जिस दिन खेल सबसे पहले शुरू होगा उस दिन को पूरे दिन के रूप में गिना जाएगा, चाहे खेल किसी भी समय शुरू हो।

    ये भी पढ़ें: IND vs BAN: भारतीय गेंदबाजों के सामने फिसड्डी निकले 'बांग्‍ला शेर', रोहित ब्रिगेड ने फॉलोऑन नहीं देकर कर डाली विशाल जीत की तैयारी