यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Happy Birthday Sachin: सचिन की बाउंसर से लहूलुहान हुआ था बैटर, 'क्रिकेट के भगवान' ने तोड़ डाली थी नाक; खून से सन गई थी मांजरेकर की जर्सी
साल 1991 में सचिन तेंदुलकर ने अपनी घातक बाउंसर से बल्लेबाज की नाक तोड़ डाली थी। सचिन की गेंद से बैटर का संतुलन पूरी तरह से बिगड़ गया था और वह मैदान पर ...और पढ़ें

HighLights
- सचिन तेंदुलकर ने जब तोड़ डाली थी बल्लेबाज की नाक
- मास्टर ब्लास्टर की घातक गेंद से घायल हुआ था बैटर
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। सचिन तेंदुलकर ने अपने इंटरनेशनल करियर में हर वो मुकाम हासिल किया, जिसकी चाहत क्रिकेट की बारीकियां सीख रहा एक एक युवा बल्लेबाज करता है। मास्टर ब्लास्टर ने अपने करियर में इतने रिकॉर्ड्स बना डाले हैं, जिनमें से कुछ का टूटना नामुमकिन से लगता है।
हालांकि, 'क्रिकेट के भगवान' के बल्ले से किए गए कई चमत्कार के किस्से आपने सुने होंगे, लेकिन आज आपको सचिन की गेंद से की गई ऐसी कलाकारी के बारे में आपको अवगत कराएंगे, जिसके बारे में आप शायद ही जानते होंगे।
सचिन ने तोड़ डाली थी नाक
पहले आप यह जान लीजिए कि सचिन तेंदुलकर अपने करियर की शुरुआत में तेज गेंदबाज बनना चाहते थे। सचिन को डेनिस लिली ने बल्लेबाजी पर फोकस करने की सलाह दी थी और यहां से उनके करियर ने यू-टर्न लिया था। अब बात साल 1991 में घटे किस्से की करते हैं। दरअसल, दिल्ली और मुंबई के बीच रणजी ट्रॉफी का मैच खेला जा रहा था। गेंद मास्टर ब्लास्टर के हाथों में थी और बल्ला थामे खड़े थे बंटू सिंह नाम के बल्लेबाज।
सचिन ने जोरदार बाउंसर फेंकी, जो बंटू सिंह के बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर सीधा उनकी नाक पर आकर लगी। मास्टर ब्लास्टर की बाउंसर इस कदर खतरनाक थी कि बल्लेबाज अपना बैलेंस तक खो बैठा। बंटू के कदम लड़खड़ा गए और उनको गिरने से संजय मांजरेकर ने बचाया। बंटू और संजय दोनों की ही जर्सी खून से लथपथ हो गई थी।
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बंटू सिंह ने सुनाया था किस्सा
बंटू सिंह ने 32 साल बाद सचिन की उस बाउंसर का किस्सा सुनाया था। उन्होंने बताया था कि सचिन के हाथ से निकली घातक गेंद की वजह से उनकी नाक का नक्शा ही पूरी तरह से बदल गया था। बंटू के मुताबिक, मास्टर ब्लास्टर की गेंद घास पर टप्पा खाने के बाद अचानक से उछली थी और बल्ला का अंदरूनी किनारा लेकर उनकी नाक पर बेहद जोर से आकर लगी थी।