हिन्दुस्तान के विलेन क्यों है मोहसिन नकवी? जानिए पीसीबी के मुखिया की असली करतूतें
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन मोहसिन नकवी भारतीय फैंस के लिए किसी विलेन से कम नहीं हैं। उनके कारण भारत दो बार एशिया कप की ट्रॉफी नहीं उठा सका।

मोहसिन नकवी बने भारत के विलेन

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। एक बार फिर भारतीय क्रिकेट टीम एशिया कप जीतने के बाद बिना ट्रॉफी के रह गई। पिछले साल सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया के हाथ खाली रहे थे तो इस बार हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली महिला टीम मायूस रह गईं। इसका कारण हैं पाकिस्तान के मोहसिन नकवी। नकवी भारत में विलेन बन चुके हैं और इसके पीछे उनकी हरकते हैं।
नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के साथ-साथ एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) के चेयरमैन भी हैं। इसी नाते वह दोनों बार एशिया कप की ट्रॉफी देने पहुंचे थे, लेकिन भारत ने दोनों बार मना कर दिया।
नकवी हैं विवादित
नकवी पीसीबी के चेयरमैन होने के अलावा पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं। वह पाकिस्तान की राजनीति में काफी दमदार शख्सियत के रूप में जाने जाते हैं। उनका मिलिट्री लीडरशीप में भी बड़ा रोल रहता है। इसी कारण जब बीसीसीआई या भारतीय अधिकारी उनसे बात करते हैं तो ये बात पाकिस्तान की राजनीति के शीर्ष अधिकारी से करने जैसी होती है और ये आम खेल संबंधी चर्चा नहीं रह जाती। भारत और पाकिस्तान के द्विपक्षीय संबंध वैसे भी अच्छे नहीं हैं। ऐसे में नकवी के साथ बात करना या कोई समझौता करने कहीं न कहीं पाकिस्तान की राजनीति से समझौता करना माना जाता है।
नकवी भारत के खिलाफ लगातार पोस्ट करते हैं और बयान भी देते रहते हैं। इसी के कारण ये संबंध और ज्यादा जटिल हो जाता है। वह भारतीय लीडरशिप पर कमेंट करते हैं। कई बार उन्होंने सीमा पर हुए लड़ाई को लेकर भी टिप्पणियां की हैं जो भारत के विरुद्ध रही हैं। इसी कारण भारत इसे खेल में राजनीतिक दखल के तौर पर देखता है और नकवी से दूरी बना लेता है।
दिए हैं जख्म
ये तो वो बातें हैं जो नकवी के पीसीबी चेयरमैन बनने के समय से चली आ रही है, लेकिन इसके अलावा नकवी जब से पीसीबी के चेयरमैन बने हैं उन्होंने लगातार भारतीय क्रिकेट को नुकसान पहुंचाने और उसकी छवि खराब करने की कोशिश की है। फिर चाहे चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी को लेकर मचा बवाल हो या फिर एशिया कप की ट्रॉफी को लेकर खड़ा हुआ मुद्दा। इन सभी ने नकवी को भारत की आम जनता का विलेन बना दिया। वह राजनीतिक शत्रु से भारत की आम जनता की नजरों में खटकने वाले बन गए और अपनी करतूतों से इसमें वह लगातार इजाफा कर रहे हैं।
यही कारण है कि दुबई स्टेडियम में नकवी को ट्रॉफी चोर तक कहा गया क्योंकि पिछले साल वह एशिया कप की ट्रॉफी लेकर भाग गए थे जो अभी तक भारत को नहीं मिली है। नकवी की कोशिश बीच का रास्ता निकालने के बजाए हमेशा से भारत को झुकाने की होती है जिसमें वह हर बार बुरी तरह से फेल रहते हैं और खुद अपनी फजीहत करवाकर ही जाते हैं। यही कारण है कि वह भारतीय जनता के लिए विलेन से कम नहीं हैं।
