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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    MI vs GT: मुंबई की शाणपत्ती! गुजरात के खिलाफ उतारे 13 प्‍लेयर्स, जानें किस नियम के चलते हुआ ऐसा

    Updated: Tue, 06 May 2025 11:05 PM (IST)

    इंटरनेशनल से लेकर घरेलू क्रिकेट में टीम 11-11 प्‍लेयर के साथ मैदान पर उतरती हैं। हालांकि आईपीएल में इम्‍पैक्‍ट प्‍लेयर का रूल है। इसमें टीम 11 की जगह ...और पढ़ें

    मुंबई इंडियंस की ओर से 13 प्‍लेयर उतरे मैदान में। इमेज- आईपीएल
    मुंबई इंडियंस की ओर से 13 प्‍लेयर उतरे मैदान में। इमेज- आईपीएल

    HighLights

    1. मुंबई इंडियंस ने बनाए थे 155 रन
    2. विल जैक्‍स ने लगाया अर्धशतक
    3. शुभमन गिल ने खेली 43 रन की पारी

     स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। आमतौर पर क्रिकेट में टीम 11-11 प्‍लेयर के साथ मैदान पर उतरती हैं। हालांकि, दुनिया की सबसे महंगी क्रिकेट लीग आईपीएल में इम्‍पैक्‍ट प्‍लेयर का रूल है। इसमें टीम 11 की जगह 12 प्‍लेयर के साथ खेल सकती हैं। हालांकि, मैदान पर अधिकतम 11 खिलाड़ी ही रह सकते हैं। 1 प्‍लेयर को बाहर बैठाकर उनके जगह दूसरे प्‍लेयर को बतौर इम्‍पैक्‍ट प्‍लेयर मौका दिया जा सकता है। हालांकि, गुजरात टाइटंस के खिलाफ मंगलवार को मुबई इंडियंस ने 13 प्‍लेयर्स का इस्‍तेमाल किया।

    हेलमेट पर जाकर लगी गेंद

    18वें सीजन के इस 56वें मैच में गुजरात टाइटंस के कप्‍तान शुभमन गिल ने टॉस जीततकर गेंदबाजी चुनी। पहले बल्‍लेबाजी करने उतरी मुंबई ने 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 155 रन बनाए। 20वां ओवर प्रसिद्ध कृष्‍णा ने किया। ओवर तीसरी गेंद कॉर्बिन बॉश के हेलमेट पर जाकर लगी। कृष्‍णा की शॉट गेंद पर बॉश ने पुल शॉट लगाने का प्रयास किया और वह पूरी तरह चूक गए। चूंकि गेंद हेलमेट पर लगी थी ऐसे में कन्कशन जांच के लिए फिजियो आए।

    जब मुंबई गेंदबाजी करने के लिए उतरी तो तीसरे अंपायर की इजाजत से कार्बिन बॉश के कन्कशन सब्स्टीट्यूट के तौर पर अश्वनी कुमार को मौका दिया गया। कन्कशन सब्स्टीट्यूट नियम की बात करें तो जब खिलाड़ी के सिर या गर्दन की चोट लगती है तो उसके जैसे ही किसी दूसरे प्‍लयेर को मौका दिया जा सकता है। क्रिकेट की भाषा में इसे लाइक टू लाइक रिप्‍लेसमेंट कहा जाता है। अगर बल्‍लेबाज चोटिल होता है तो बैटर और अगर गेंदबाज चोटिल होता है तो गेंदबाज को ही मौका मिलता है।

    इम्पैक्ट प्लेयर रूल

    इम्पैक्ट प्लेयर रूल में सभी टीम मैच से पहले अपनी प्लेइंग इलेवन के अलावा पांच सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों का नाम देती हैं। दोनों कप्तान मैच के किसी नेचुरल ब्रेक के दौरान प्लेइंग इलेवन में किसी एक खिलाड़ी की जगह लेने के लिए इन पांच सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों में से किसी एक को टीम में शामिल कर सकता है। हालांकि, सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों जिसकी जगह लेगा उसे मैदान से बाहर जाना होगा। मैदान से बाहर जाने के बाद यह प्‍लेयर वापस नहीं आ सकता है।

    खबरें और भी

    अगर किसी टीम ने अपनी प्लेइंग 11 में चार विदेशी खिलाड़ियों को चुना है, तो वह एक भारतीय प्‍लेयर को ही इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में टीम में शामिल कर सकती हैं। अगर टीम ने अंतिम 11 में तीन या उससे कम विदेशी खिलाड़ियों को चुना है, तो वह इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में विदेशी खिलाड़ी को टीम में शामिल कर सकती है। आईपीएल में प्‍लेइंग 11 में ज्‍यादा से ज्‍यादा 4 विदेशी प्‍लेयर ही खेल सकते हैं।

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