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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    IPL 2025: 'वो केवल 3 घंटे सोती थीं', Vaibhav Suryavanshi ने अपने मां-पिता के संघर्ष की कहानी बताई

    Updated: Tue, 29 Apr 2025 01:18 PM (IST)

    वैभव सूर्यवंशी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने मां-पिता को द‍िया है। 14 साल के वैभव ने कहा कि मैं आज जो कुछ भी हूं उसका श्रेय अपने मां-पिता को देता हूं। उ ...और पढ़ें

    वैभव सूर्यवंशी ने अपनी सफलता का श्रेय मां-पिता को दिया
    वैभव सूर्यवंशी ने अपनी सफलता का श्रेय मां-पिता को दिया

    HighLights

    1. वैभव सूर्यवंशी ने 35 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रचा
    2. वैभव सूर्यवंशी ने अपनी सफलता का श्रेय मां-पिता को दिया
    3. वैभव सूर्यवंशी ने अपने मां-पिता के संघर्ष की कहानी बताई

    स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, नई दिल्‍ली। राजस्‍थान रॉयल्‍स के युवा बल्‍लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल 2025 में शतक जड़कर क्रिकेट जगत को अपना दीवाना बना लिया है। 14 साल के वैभव ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ केवल 35 गेंदों में शतक जमाकर इतिहास रच दिया।

    वैभव सूर्यवंशी ने अपनी सफलता का श्रेय मां-पिता को दिया है। वैभव ने गुजरात के खिलाफ अपनी पारी के दौरान सात चौके और 11 छक्‍के लगाए। वह आईपीएल में शतक जमाने वाले सबसे युवा भारतीय बल्‍लेबाज बने। वो आईपीएल में सबसे तेज शतक जड़ने वाले भारतीय बल्‍लेबाज भी बने।

    सफलता की राह आसान नहीं

    वैभव ने बताया कि उन्‍हें आसानी से सफलता नहीं मिली। उन्‍होंने खुलासा किया कि जो सफलता हासिल की, उसके पीछे मां-पिता की कड़ी मेहनत रही है। वैभव ने बताया कि मां सुबह जल्‍दी उठकर उनके लिए टिफिन बनाती थी ताकि अभ्‍यास सत्र में कोई परेशानी नहीं हो।

    उनके पिता ने अपना काम छोड़ा ताकि बेटे के खेल पर ध्‍यान लगा सके। इसके अलावा भी दोनों ने कई अन्‍य प्रयास किए, जिसके दम पर वैभव ने अपने करियर में प्रगति की।

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    वैभव ने क्‍या कहा

    आईपीएल ने वैभव का एक वीडियो पोस्‍ट किया, जिसमें युवा बल्‍लेबाज ने कहा, 'मैं आज जो कुछ भी हूं, अपने मां-पिता को इसका श्रेय देता हूं। मेरी मां सुबह जल्‍दी उठ जाती थी क्‍योंकि मुझे प्रैक्टिस पर जाना होता था और वो मेरे लिए खाना बनाती थीं। वो केवल तीन घंटे सोती थीं। मेरे पिता ने मेरे लिए अपना काम छोड़ दिया और मेरा बड़ा भाई अब इसे संभाल रहा है। हम संघर्ष कर रहे थे।'

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    उन्‍होंने आगे कहा, 'मेरे पिता ने मुझे सपोर्ट किया और कहा कि मेरे में कुछ बड़ा हासिल करने की क्षमता है। जो भी नतीजे आज दिख रहे हैं और जो सफलता हासिल की है, वो केवल मेरे मां-पिता के कारण।'

    रॉयल्‍स की यादगार जीत

    याद दिला दें कि वैभव सूर्यवंशी ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ केवल 35 गेंदों में सात चौके और 11 छक्‍के की मदद से 101 रन बनाए। उन्‍होंने यशस्‍वी जायसवाल (70*) के साथ पहले विकेट के लिए 166 रन की साझेदारी करके गुजरात की गिरफ्त से मैच छीन लिया था। रॉयल्‍स ने 25 गेंदें शेष रहते 8 विकेट से मैच जीता।

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