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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    IPL 2025: मैच के दौरान अंपायर्स क्‍यों चेक कर रहे बल्‍लेबाजों का बैट? जानें आखिर क्‍या है पूरा मामला

    Updated: Tue, 15 Apr 2025 07:35 PM (IST)

    आईपीएल 2025 के दौरान कई नए नियम आए। गेंदबाज बॉल पर लार लगा सकते हैं। ओस के कारण दूसरी इनिंग में बॉल बदली जा सकती है। इसके अलावा अब मैच के दौरान फैंस क ...और पढ़ें

    बल्‍लेबाजों का बैट चेक कर रहे अंपायर्स। इमेज- एक्‍स
    बल्‍लेबाजों का बैट चेक कर रहे अंपायर्स। इमेज- एक्‍स

    HighLights

    1. ऑनफील्‍ड अंपायर करता है बैट की जांच
    2. मैच से पहले होता था बैट का निरीक्षण
    3. आमतौर पर ड्रेसिंग रूम में यह होता था

     स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2025 के दौरान कई नए नियम आए। कोविड काल के पहले की तरह ही अब गेंदबाज बॉल पर लार लगा सकते हैं। इतना ही नहीं ओस के कारण दूसरी इनिंग में बॉल बदली जा सकती है। इसके अलावा अब मैच के दौरान फैंस की नजर एक और चीज पर पड़ी होगी। मुकाबले के दौरान जैसे ही बल्‍लेबाज मैदान पर आता है अंपायर सबसे पहले उसका बैट चेक कर रहा है।

    पहले भी होती थी बल्‍ले की जांच

    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इंडियन प्रीमियर लीग के इस सीजन में मैचों के दौरान मैदानी अंपायर्स को नियमित रूप से बल्ले के आकार की जांच करने का निर्देश दिया है। बल्ले के आकार का आकलन करने की प्रथा नई नहीं है। इससे पहले खिलाड़ी मैच से पूर्व या मैच एक दिन पहले शाम को अपने बल्ले को निरीक्षण के लिए जमा करते थे। यह जांच पहले सार्वजनिक नहीं होती थी। आमतौर पर ड्रेसिंग रूम के अंदर होती थी।

    इन बल्‍लेबाजों का बैट चेक हुआ

    सतर्कता बढ़ाने के लिए अब ऑन फील्‍ड अंपायर्स को खेल के दौरान 'होम-शेप्ड बैट गेज' का इस्तेमाल करने का निर्देश दिया गया है। इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार हर बल्लेबाज को गार्ड लेने से पहले गेज टेस्ट पास करना होगा। अप्रैल के पहले दो हफ्तों के दौरान हार्दिक पांड्या, फिल सॉल्ट और शिमरॉन हेटमायर सहित कई बल्लेबाजों के बल्ले मैदान पर अंपायरों द्वारा चेक किए गए हैं।

    ये होना चाहिए बल्‍ले का आकार

    अंपायर ने जिन बल्‍लों का आकार चेक किया है वह आईपीएल की ऑफिशियल रूल बुक में उल्लिखित आयामों से अधिक नहीं था। बल्ले की चौड़ाई 4.25 इंच से अधिक नहीं होनी चाहिए और इसे गेज से आसानी से गुजरना चाहिए। नियम के मुताबिक, "बल्ले का ब्लेड इन आयामों से अधिक नहीं होना चाहिए। चौड़ाई: 4.25 इंच / 10.8 सेमी, डेप्‍थ: 2.64 इंच / 6.7 सेमी, किनारा: 1.56 इंच / 4.0 सेमी होना चाहिए। इसके अलावा बैट को बैट गेज से आसानी से निकलना होगा। यह गेज अंपायर के पास होता है।"

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    ड्रेसिंग रूम में होती थी बल्‍ले की जाचं

    एक पूर्व अंपायर ने पीटीआई से बातचीत में कहा, "हम हमेशा पारी शुरू होने से पहले ड्रेसिंग रूम में बल्ले की जांच करते थे। खिलाड़ी अपने बल्ले सौंप देते थे और वहीं जांच पूरी हो जाती थी। अब सवाल यह है कि क्या किसी खिलाड़ी ने निरीक्षण के लिए एक बल्ला जमा किया और मैदान पर दूसरे बल्ले का इस्तेमाल किया? अगर ऐसा है तो यह नया प्रोटोकॉल निश्चित रूप से उचित है। खिलाड़ी अक्सर कई बल्ले लेकर चलते हैं। हालांकि, वजन अलग-अलग हो सकता है, लेकिन ऊंचाई, चौड़ाई, गहराई और किनारे की चौड़ाई आईसीसी द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर ही रहनी चाहिए।"

    प्‍लेयर्स को चेतावनी देकर छोड़ा गया

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं जब खिलाड़ियों को बड़े आकार के बल्ले का इस्तेमाल करते हुए पाया गया। उन खिलाड़ियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, लेकिन बीसीसीआई ने अब सख्त कार्रवाई करने का फैसला किया है। टी20 क्रिकेट के आज के पावर-हिटिंग युग में बल्ले के गेंद पर हावी होने की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं। आईपीएल के चेयरमैन अरुण धूमल ने अखबार से बात करते हुए कहा कि नई जांच का उद्देश्य खेल की भावना को बनाए रखना है।

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